Friday , April 16 2021

इतिहास के पन्ने

इतिहास के पन्नों में आज का दिन है बेहद खास, इस महान वैज्ञानिक का हुआ था जन्म

इतिहास के पन्नों को खंगालें तो दुनिया के लिए आज का दिन बेहद खास है, विशेषकर विज्ञान के नजरिये से। इतिहास के एक कालखंड में इस दिन एक महान वैज्ञानिक का इस दिन जन्म हुआ तो इसी दिन एक दूसरे महान वैज्ञानिक ने दुनिया को अलविदा कहा। दोनों वैज्ञानिकों की …

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चंद्रशेखर से ऐसे बने थे वो आजाद, हर कोड़े पर करते रहे वन्दे मातरम का उद्घोष

चंद्रशेखर आजाद की आज 90वी पुण्यतिथि है। आज ही के दिन भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी ने “आजाद है आजाद रहेंगे” का नारा लगाते हुए खुद पर गोली चला ली थी। आजाद उन स्वतंत्रता सेनानीयों में से एक थे जिन्हें पकड़ने के लिये अंग्रेजो के छक्के छूट गए थे। आइये …

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ससुराल बना था निराला की साहित्य साधना का केंद्र, जन्म जयंती 21 को

महाप्राण निराला की जन्म जयंती (21 फरवरी) पर विशेष रायबरेली। छायावाद के प्रमुख स्तंभ और हिंदी साहित्य में अपने विद्रोही स्वर से आमजन की आवाज़ को अभिव्यक्त करने वाले पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने हिंदी साहित्य में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने अपनी रचनाओं से जीवन के विषाद, निराशा और …

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22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प कब होगा पूर्ण ?

अमित त्यागी (संपादकीय सलाहकार, सरकारी मंथन)( लेखक विधि विशेषज्ञ, स्तंभकार एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के सदस्य हैं) लखनऊ। भारत की जम्मू, कश्मीर और लद्दाख नीति के संदर्भ में भारतीय संसद द्वारा 22 फरवरी 1994 को पारित प्रस्ताव बेहद महत्वपूर्ण एवं आवश्यक दस्तावेज़ है। उस समय की कांग्रेस सरकार के …

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गांधीजी भगवान राम को सभी धर्म और संप्रदाय से ऊपर मानते थे…

भारत के बारे हमारे देश के महापुरुषों की स्पष्ट कल्पना थी। भारत की जड़ों से बहुत गहरे तक जुड़े हुए थे। आज भारत का जो स्वरूप हमारी आंखों के सामने है, वह भारत के महापुरुषों की मान्यताओं के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। गांधीजी सत्य को जीवन का बहुत बड़ा …

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वीएन विद्यांत मतलब लखनऊ की पहचान से जुड़ा है उनके परिवार का नाम

लखनऊ का विद्यांत कालेज पांच जनवरी को परम्परागत रूप से अपना संस्थापक दिवस मनाएगा दिलीप अग्निहोत्रीलखनऊ का विद्यांत कालेज पांच जनवरी को परम्परागत रूप से अपना संस्थापक दिवस मनाएगा। यह कुछ संस्थाओं का संस्थापक दिवस ही नहीं बल्कि समाज के लिए सम्पत्ति का दान करने वाले विद्यांत जी के प्रति …

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रामानन्द सागर का मानना था हनुमान जी खुद आकर लिखवाते थे रामायण के संवाद

फिल्मी दुनिया में अनेक निर्माता-निर्देशकों ने यश और धन कमाया है; पर रामानन्द सागर ऐसे फिल्मकार हुए, जिन्हें जनता ने साधु सन्तों जैसा सम्मान दिया। उनके द्वारा निर्मित ‘रामायण’ धारावाहिक के प्रसारण के समय घरों में पूजा जैसा वातावरण बन जाता था। लोग नहा-धोकर शान्त होकर धूप-अगरबत्ती जलाकर बैठते थे। …

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इस पूर्व कैबिनेट मंत्री ने पीएम राजीव गांधी को हिंदी बोलने के लिए किया था प्रेरित…

पुण्यतिथि 23 दिसम्बर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय प्रोफेसर वासुदेव सिंह को नमन लखनऊ। राष्ट्रभाषा हिंदी के विकास के लिए जीवन समर्पित करने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय प्रोफेसर वासुदेव सिंह  ने मातृभाषा हिंदी के साथ कभी समझौता नहीं किया। हिंदी के मान सम्मान के लिए उन्होंने कभी भी किसी …

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महान योद्धा जिसके पराक्रम और वीरता ने अकबर को भी किया था नतमस्तक

वैसे तो भारत की भूमि शूरवीरों की गाथाओं से भरी पड़ी है पर कभी-कभी इतिहास के पन्नों ने उन वीरों को सदा के लिए भुला दिया जिनका महत्व स्वय उस समय के शासक भी मानते थे और उन वीरों के नाम से ही थर-थर कांपते थे। आज हम आपको उन्ही में …

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आचार्य विनोबा भावे की करूणा और संवेदना से पूरी मानवता प्रभावित थी

लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हरिजन सेवक संघ द्वारा आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित वेबिनार ‘गांधी इन न्यू एरा-विनोबा जी’ को राजभवन से सम्बोधित करते हुए कहा कि आचार्य विनोबा भावे जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से बहुत कुछ सीखा …

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रामपुर के नवाब के खजाने में निकली करोड़ो की तस्वीरें

वैसे तो नबावों को शाही शौक होते ही है लेकिन उत्तर प्रदेश के नवाब पेंटिंग और कला के कितने शौकीन थे इस बात का अंदाजा उनके महल और उसके कमरों की दीवारों से लगाया जा सकता है। दरअसल महल की दीवारों पर लगी पेंटिंग्स की कीमत करोड़ो में है।जब इन …

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पीठ पर कोड़े खाते रहे और वंदे मातरम् का उद्घोष करते रहे, कुछ ऐसा ही था उनका व्यक्तित्व

देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जब पहली बार अंग्रेजों की कैद में आए तो उन्हें 15 कोड़ों की सजा दी गई थी। आजादी को लेकर उनका जज्बा ऐसा था कि वो पीठ पर कोड़े खाते रहे और वंदे मातरम् का उद्घोष करते रहे, कुछ …

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जानिये किस देशभक्ति गीत पर भर आई थीं पंडित नेहरू की आंखें…

लखनऊ। हम बात कर रहे हैं ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ हिन्दी देशभक्ति गीत की। जो हर युवा के जुबां पर कभी न कभी आ ही जाता है। यह गीत कवि प्रदीप ने लिखा था। और इसे सी रामचंद्र ने संगीत दिया था। यह गीत 1962 के चीनी आक्रमण के …

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धर्मगुरु ने फैलाया ऐसा अंधविश्वास, एक साथ 900 लोगों ने दे दी अपनी जान

किसी बात पर जब तक विश्वास रहे तब तक तो ठीक है लेकिन जब वो ही विश्वास अंधविश्वास में बदलने लगे तो वो घातक साबित होता है। शगुन-अपशगुन, शुभ-अशुभ जैसी बातें लोगों को अंधविश्वास की तरफ खींचती है। जैसे अगर कोई बिल्ली रास्ता काट जाए,  किसी काम के पहले कोई …

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जसवंत सिंह ; जिन्ना पर किताब बनी पतन का कारण!

जिन्ना पर लिखी किताब जसवंत सिंह के राजनीतिक पतन का कारण बनी थी। किताब छपने के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दस महीने बाद उनकी पार्टी में वापसी हुई थी, लेकिन उनकी पुरानी हैसियत फिर कभी वापस नही हो सकी। पार्टी उन्हें लगातार हाशिये पर …

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गाँधी जी की राय

राजू एक नवी कक्षा का छात्र है और अपने घर के पास ही एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है।राजू बचपन से ही पढ़ने बहुत होशियार विद्यार्थी है।लेकिन उसके दिमाग की सारी अच्छाइयां उसके गणित के अध्यापक के सामने खत्म हो जाती हैं। वह लगातार अपने गणित के अध्यापक के हाथों …

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मैडम भीखाजी कामा का भारत की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान : डा. हरमेश चौहान

लखनऊ। महापुरुष स्मृति समित की ओर से अंग्रेजों से लड़ीं और क्रांति माता के नाम से प्रख्यात मैडम भीखाजी कामा का जन्मदिवस मनाया गया। कार्यक्रम का सहयोग राष्ट्रीय एकता मिशन द्वारा किया गया। दारूलशफा बी ब्लॉक पार्क में शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात वैज्ञानिक डा. हरमेश …

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हर-हर गंगे: हरिद्वार यहां हर एक क्षण होता त्योहार

हरिद्वार। उत्तराखंड में स्थित भारत के सात सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है हरिद्वार। हरिद्वार, जिसका शाब्दिक अर्थ हरि का द्वार अर्थ है- ‘हरि तक पहुंचने का द्वार’। धर्म की नगरीयह उत्तराखंड में समुद्र तल से 294.70 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। हरिद्वार को “धर्म की नगरी” …

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पुराने लखनऊ की रोनक ‘इमामबाड़ा’ में लटका रहा ताला, निराश लौटे सैलानी

लखनऊ। सैलानियों के लिये ताज महल के दरवाजे खुलने के बाद मंगलवार को उम्मीद जताई जा रही थी कि इमामबाड़ा राजाधनी में आने वाले सैलानियों के लिये खुल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यहां पहुंचे दर्शकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। कयास लगाए जा रहे थे कि लंबे लॉकडाउन …

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‘विलायती बाग’ में घूमने आती थीं नवाबों की बेगमात

लखनऊ। राजधानी की धरोहरों में काफी इतिहास छुपा हुआ है। विलायती बाग का प्रवेश गेट पर 25 सीढ़ियां जो जमीन के नीचे छुपी हुई थीं उसे भारतीय पुरातत्व विभाग ने खोज लिया है। इसके बावजूद पर्यटकों के लिये कई साल से विभाग इसे खुलवा नहीं पाया है। वरिष्ठ पर्यटक गाईड …

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