
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान पर लगातार हवाई हमले हो रहे हैं, जिनमें तेहरान सहित कई शहर निशाने पर हैं। सोमवार सुबह तेहरान के विभिन्न हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। ईरानी राज्य मीडिया ने इन हमलों को शत्रु की आक्रामकता करार दिया है, जबकि इजरायली सेना ने दावा किया कि, यह हमले ईरान की मिसाइल क्षमता और वायु रक्षा प्रणाली को कमजोर करने के लिए हैं।
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कई शीर्ष अधिकारी भी मारे गये

क्षेत्र में बड़ा संघर्ष फैलने का खतरा बढ़ गया है और खाड़ी देशों में भी ईरानी जवाबी हमलों से हलचल मची हुई है। यह संकट शुक्रवार-शनिवार की रात शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे गए। खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने रविवार को की, जिसके बाद ईरान ने पूरे देश में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इसे एक बड़ा अपराध बताया। ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसमें इजरायल पर मिसाइलें दागी गईं और खाड़ी में अमेरिकी परिसंपत्तियों को निशाना बनाया गया।
इजरायली सेना ने पुष्टि की कि ईरान ने फिर से मिसाइलें भेजी हैं और उनकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय है। नागरिकों को अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ गई है। कुवैत की मिना अल अहमदी रिफाइनरी में मलबा गिरने से दो कर्मचारी घायल हो गए हैं। कुवैत न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हादसा ईरानी हमलों के दौरान हुआ। कुवैत और बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कतर की राजधानी दोहा और संयुक्त अरब अमीरात की अबू धाबी में कई धमाके सुने गए। मीडिया रिपोर्ट्स में अबू धाबी में तेज आवाजों का जिक्र है, जिससे नागरिकों में दहशत फैल गई।
कुवैत भी हुआ धुआं-धुआं
दोहा में आधा दर्जन से ज्यादा धमाके दर्ज किए गए। कुवैत में यह तीसरी बार है जब सायरन बजे। कुवैत की वायु रक्षा ने कई दुश्मन ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोक लिया, लेकिन खतरा बरकरार है। ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अल-मानसूरी ने कहा कि सलवा और हावाली क्षेत्रों में ड्रोन तटस्थ किए गए और स्थिति स्थिर है। अमेरिकी दूतावास के पास कुवैत सिटी में धुआं उठता देखा गया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एयर रेड अलर्ट जारी किया और शेख खलीफा बिन सलमान ब्रिज को बंद कर दिया। निवासियों को केवल जरूरी काम पर मुख्य सड़कों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

ईरान के जवाबी हमलों ने खाड़ी के शहरों को हिलाकर रख दिया है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। ईरान ने इन हमलों को अपनी सुरक्षा और आत्मरक्षा का हिस्सा बताया है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को बदलकर ‘इजरायल फर्स्ट’ बना दिया है, और अमेरिकी सैनिकों को इजरायल की महत्वाकांक्षाओं के लिए बलिदान कर दिया। लारिजानी ने लिखा, ट्रंप ने अपनी भ्रमपूर्ण कल्पनाओं से पश्चिम एशिया को अराजकता में डाल दिया है और अब अमेरिकी हताहतों के बढ़ने का डर महसूस कर रहे हैं। अमेरिकी सैनिक और उनके परिवार इसका भारी मूल्य चुकाएंगे।
बातचीत के पक्ष में नहीं ईरान
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत या समझौते का पक्ष नहीं लेगा। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट कि लारिजानी ने ओमानी मध्यस्थों के जरिए वार्ता की पहल की थी, को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। लारिजानी ने कहा कि तेहरान अपनी नीति पर दृढ़ है और किसी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देगा। ईरान में अस्थायी नेतृत्व परिषद सक्रिय हो गई है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, न्यायपालिका प्रमुख घोलामहुसैन मोहसनी-एजीई और अलीरेजा अराफी की बैठक हुई, जिसमें नेतृत्व समन्वय और महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई। खामेनेई की मौत से सत्ता में शून्य पैदा हुआ है और उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया युद्ध के बीच जटिल हो गई है।
ट्रंप ने कहा कि हमले सभी उद्देश्यों को हासिल करने तक जारी रहेंगे। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की बात कही। इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले तेज किए, जिससे संघर्ष और फैल गया। हिजबुल्लाह ने खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए रॉकेट दागे।यह संकट 1979 की ईरानी क्रांति के बाद सबसे बड़ा है। ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स सक्रिय हैं, और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ रही है। भारत सहित कई देशों ने संयम की अपील की है, लेकिन स्थिति तेजी से बदल रही है। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और खाड़ी में फंसे भारतीयों के लिए निकासी योजनाएं तैयार हैं। दुनिया नजर रखे हुए है कि यह संघर्ष कितना विस्तार लेता है।
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