राहुल गांधी बोले-कांग्रेस की सरकार बनने पर सीएपीएफ के साथ भेदभाव खत्म किया जाएगा 

राहुल गांधी ने कहा कि सीएपीएफ के जवान विशेष प्रशिक्षण, जमीनी अनुभव और गहरी रणनीतिक समझ रखते हैं

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद से हाल ही में पारित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) से संबंधित विधेयक का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और सीएपीएफ जवानों को उनके पूरे अधिकार दिए जाएंगे।

उन्होंने सीआरपीएफ शौर्य दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि यह आवश्यक है कि सीएपीएफ बलों का नेतृत्व उसी सिस्टम से आने वाले लोग करें, जो उनकी चुनौतियों और जरूरतों को सही मायनों में समझते हों।

संसद ने वर्तमान बजट सत्र में पिछले सप्ताह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी थी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक पर विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह सीएपीएफ के किसी भी वर्ग के हितों के खिलाफ नहीं है, बल्कि बलों को अधिक सशक्त बनाने में सहायक होगा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सीआरपीएफ शौर्य दिवस पर हमारे साहसी जवानों को हार्दिक बधाई और नमन। आपका साहस और बलिदान हर दिन देश की रक्षा करता है। आप सीमाओं पर तैनात रहकर देश को सुरक्षित रखते हैं, आतंकवाद और नक्सलवाद से लड़ते हैं, और चुनावों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाते हैं।

उन्होंने आगे कहा,सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं होती। वर्षों की सेवा और त्याग के बावजूद सीएपीएफ जवानों को न समय पर पदोन्नति मिलती है, न ही अपने ही बल का नेतृत्व करने का अवसर, क्योंकि शीर्ष पद अक्सर बाहरी अधिकारियों के लिए आरक्षित होते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि सीएपीएफ के जवान विशेष प्रशिक्षण, जमीनी अनुभव और गहरी रणनीतिक समझ रखते हैं, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह जरूरी है कि उनका नेतृत्व उसी पृष्ठभूमि के लोग करें।

उन्होंने कहा कि नेतृत्व के अवसरों की कमी, वेतन, कल्याण और सम्मान से जुड़े लंबित मुद्दे जवानों के मनोबल को प्रभावित करते हैं। “यह केवल करियर का सवाल नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान का मुद्दा है।”

उन्होंने अंत में कहा, “मैं और कांग्रेस पार्टी आपके प्रति पूरा सम्मान रखते हैं। अपने बल में तरक्की, शीर्ष नेतृत्व और सम्मान आपका अधिकार है। हमारी सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और सीएपीएफ जवानों को उनका पूरा हक मिलेगा। देश आप वीरों का ऋणी है—अब समय है कि आपके साथ न्याय हो।”

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