
मुंबई। आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के हाथों मिली करारी शिकस्त ने पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के प्लेऑफ के सपनों को लगभग चकनाचूर कर दिया है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में रनों की ऐसी बारिश हुई जिसने रिकॉर्ड बुक के पन्ने पलट दिए, लेकिन अंत में जीत हैदराबाद के हाथ लगी।
मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर 243 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था, जिसे देखकर लग रहा था कि, हार्दिक पांड्या की सेना इस बार जीत का स्वाद चखेगी। मगर, सनराइजर्स के बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों की ऐसी बखिया उधेड़ी कि वानखेड़े के दर्शक सन्न रह गए। इस हार के बाद अब क्रिकेट जगत में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की रेस से आधिकारिक तौर पर बाहर हो चुकी है या अभी भी कोई गणित बाकी है।
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रिकेल्टन ने खेली शानदार पारी
वानखेड़े के मैदान पर बुधवार की रात रिकॉर्ड्स की रात रही। मुंबई इंडियंस की ओर से रयान रिकेल्टन ने वो कर दिखाया जो आज तक इस फ्रेंचाइजी का कोई भी दिग्गज बल्लेबाज नहीं कर सका था। रिकेल्टन ने महज कुछ गेंदों में ही मैच का रुख पलट दिया और 123 रनों की एक अविस्मरणीय पारी खेली।

यह आईपीएल इतिहास में मुंबई के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया है। उनकी इस पारी की बदौलत मुंबई ने 243 रन बनाए, जो टी-20 क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए एक सुरक्षित स्कोर माना जाता है, लेकिन मुंबई की असली समस्या बल्लेबाजी नहीं, बल्कि उसकी विश्वस्तरीय मानी जाने वाली गेंदबाजी रही।
जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे धुरंधरों की मौजूदगी के बावजूद मुंबई इस विशाल स्कोर को डिफेंड करने में नाकाम रही। यह हार मुंबई के लिए इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि आईपीएल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब मुंबई अपने ही घरेलू मैदान पर लगातार चार मैच हार गई है। वानखेड़े का किला, जो कभी मुंबई की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था, अब उनके लिए सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो रहा है।
सनराइजर्स हैदराबाद ने छुड़ाए छक्के
लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम किसी अलग ही इरादे से मैदान पर आई थी। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी ने पावरप्ले का ऐसा फायदा उठाया कि, मुंबई के गेंदबाज पनाह मांगते नजर आए। पावरप्ले के 6 ओवरों में ही हैदराबाद ने बिना किसी नुकसान के 93 रन कूट दिए थे। इन दोनों के बीच पहले विकेट के लिए महज 8.4 ओवरों में 129 रनों की तूफानी साझेदारी हुई।
हालांकि, मध्यक्रम में मुंबई के गेंदबाजों ने कुछ विकेट लेकर वापसी की कोशिश जरूर की और एक समय ऐसा लगा कि, मैच फंस सकता है, लेकिन हेनरिक क्लासेन और सलिल अरोड़ा के इरादे कुछ और ही थे। क्लासेन की आतिशी बल्लेबाजी और अरोड़ा के धैर्य ने मुंबई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हैदराबाद ने 8 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य को हासिल कर लिया और सीजन की सबसे बड़ी जीतों में से एक दर्ज की।
इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने अंक तालिका में जबरदस्त छलांग लगाई है। हैदराबाद की टीम अब 9 मैचों में 6 जीत और 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हो गई है। नेट रन रेट के मामले में हैदराबाद (+0.832) काफी मजबूत स्थिति में है। वहीं, राजस्थान रॉयल्स को एक पायदान का नुकसान हुआ है और वह चौथे स्थान पर खिसक गई है। दिलचस्प बात यह है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स तीनों के ही 12-12 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट की वजह से RCB दूसरे नंबर पर है। अंक तालिका में फिलहाल पंजाब किंग्स 13 अंकों के साथ शीर्ष पर बनी हुई है।
टेबल पॉइंट पर 9वें स्थान पर है मुंबई
अब बात करते हैं मुंबई इंडियंस के प्लेऑफ समीकरण की। मुंबई के लिए अब स्थिति करो या मरो से भी आगे निकल चुकी है। 8 मैचों में 6 हार के साथ मुंबई के खाते में सिर्फ 4 अंक हैं और उनका नेट रन रेट -0.784 है, जो बेहद चिंताजनक है। मुंबई इस समय नौवें पायदान पर है और केवल लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ही उनसे नीचे है।

अब मुंबई के पास लीग स्टेज में केवल 6 मैच बचे हैं। अगर मुंबई को प्लेऑफ की दौड़ में खुद को जीवित रखना है, तो उसे अपने बचे हुए सभी 6 मैच जीतने होंगे। अगर वे ऐसा करने में सफल रहते हैं, तो उनके कुल 16 अंक हो जाएंगे। आमतौर पर आईपीएल में 16 अंक प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के लिए पर्याप्त होते हैं, लेकिन यहां भी मुंबई को अन्य टीमों के नतीजों और अपने नेट रन रेट पर निर्भर रहना होगा।
प्लेऑफ के लिए जीतने होंगे सभी बचे मैच
यदि मुंबई इंडियंस अगले 6 मैचों में से एक भी मुकाबला हारती है, तो उनके अधिकतम 14 अंक ही रह जाएंगे। आईपीएल के पुराने इतिहास को देखें तो कुछ मौकों पर 14 अंक वाली टीमें भी चौथे स्थान के लिए क्वालीफाई कर पाई हैं, लेकिन इस सीजन में टॉप की चार टीमें जिस रफ्तार से अंक बटोर रही हैं, उसे देखते हुए 14 अंकों के साथ क्वालीफाई करना लगभग नामुमकिन नजर आता है।
ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि मुंबई इंडियंस अब आईसीयू में है और उन्हें प्लेऑफ तक पहुंचने के लिए किसी बड़े चमत्कार की जरूरत है। टीम के कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए अब हर रणनीति और हर फैसला अग्निपरीक्षा के समान है। क्या मुंबई की पलटन अपने अगले सभी मैच जीतकर नामुमकिन को मुमकिन कर पाएगी, या फिर इस बार उनका सफर लीग स्टेज में ही समाप्त हो जाएगा, यह आने वाले कुछ मुकाबले तय कर देंगे। फिलहाल के लिए, मुंबई के फैंस के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है।
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