
नई दिल्ली। क्रिकेट के खेल में जब भी रिकॉर्ड्स शब्द का जिक्र होता है, तो भारतीय बल्लेबाजों का नाम सबसे ऊपर आता है। वनडे क्रिकेट के इतिहास में रोहित शर्मा द्वारा श्रीलंका के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेली गई 264 रनों की पारी को एक ऐसा शिखर माना जाता था, जिसे छूना लगभग नामुमकिन लगता था।
इसे भी पढ़ें- क्रिकेटर रिंकू सिंह बने आरएसओ, राजकुमार पाल को डीएसपी नियुक्ति पत्र
विजय हजारे ट्राफी के मैदान पर कारनामा
एक दशक तक क्रिकेट पंडितों का मानना था कि, रोहित के इस रिकोर्ड को तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के बस की बात नहीं होगी, लेकिन, भारतीय घरेलू क्रिकेट टीम में अब एक ऐसा बल्लेबाज आ गया है जिसने न केवल रोहित शर्मा के रनों के पहाड़ को पार किया, बल्कि लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पारी खेलकर पूरी दुनिया को चौंका दिया।

यह कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चकाचौंध से दूर विजय हजारे ट्रॉफी के मैदान पर हुआ, जहां तमिलनाडु के एक विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए और रिकॉर्ड बुक के पन्ने पर सबसे ऊपर अपना नाम लिखवा दिया।
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में आज भी रोहित शर्मा की वह 173 गेंदों वाली पारी ताजा है, जिसमें उन्होंने 33 चौके और 9 छक्के जड़ते हुए 264 रन बनाए थे। रोहित का वह स्कोर आज भी वनडे इंटरनेशनल का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर माना जाता है। हालांकि, जब बात लिस्ट-ए क्रिकेट (जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों वनडे शामिल हैं) की आती है, तो अब शीर्ष पर रोहित का नाम नहीं है, बल्कि नारायण जगदीशन का है।
खड़ा किया 277 का स्कोर
तमिलनाडु के बल्लेबाज नारायण जगदीशन ने विजय हजारे ट्रॉफी 2022 के दौरान अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ जो किया, उसने क्रिकेट इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया। जगदीशन ने मैदान के चारों ओर शॉट्स की ऐसी बौछार की कि स्कोरबोर्ड भी छोटा पड़ने लगा। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक पारी में रोहित शर्मा के 264 रनों और इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रनों के रिकॉर्ड को मटियामेट करते हुए 277 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
नारायण जगदीशन ने जब उस दिन ओपनिंग की शुरुआत की थी, तो किसी ने नहीं सोचा था कि, वह क्रिकेट के सबसे पुराने रिकॉर्ड्स की नींव हिला देंगे। जगदीशन ने अपनी 277 रनों की पारी के दौरान केवल 141 गेंदों का सामना किया, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट लगभग 200 का रहा। उनकी इस पारी की सबसे खास बात यह थी कि, उन्होंने बाउंड्री के जरिए गेंदबाजों का मनोबल तोड़ दिया था।
जगदीशन ने अपनी पारी में 25 शानदार चौके और 15 गगनचुंबी छक्के जड़े। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के किसी भी गेंदबाज को जमने का मौका नहीं दिया और मैदान के हर कोने में रन बटोरे। यह किसी भी बल्लेबाज द्वारा लिस्ट-ए क्रिकेट में खेली गई अब तक की सबसे विध्वंसक और सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है, जिसने जगदीशन को रातों-रात भारतीय क्रिकेट का नया सेंसेशन बना दिया।
416 रनों की साझेदारी
इस मैच में केवल जगदीशन ने ही नहीं, बल्कि उनके जोड़ीदार साई सुदर्शन ने भी इतिहास रचने में बराबर की भूमिका निभाई। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 416 रनों की साझेदारी हुई, जो लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 154 रन बनाए। इस जोड़ी के सामने अरुणाचल प्रदेश का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस नजर आया।
इन दोनों की तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत तमिलनाडु की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 506/2 का स्कोर खड़ा किया। यह पुरुषों के लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास में पहली बार था जब किसी टीम ने 500 रनों का आंकड़ा पार किया हो। इससे पहले इंग्लैंड ने नीदरलैंड के खिलाफ 498 रन बनाए थे, लेकिन तमिलनाडु ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
नारायण जगदीशन के लिए विजय हजारे ट्रॉफी का वह सीजन किसी सपने जैसा था। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 277 रनों की यह पारी उनके लगातार पांचवें शतक का हिस्सा थी। जगदीशन ने टूर्नामेंट में लगातार पांच मैचों में पांच शतक जड़कर एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड बनाया जिसने दिग्गज कुमार संगकारा को भी पीछे छोड़ दिया।
लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी जीत
श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने 2015 वर्ल्ड कप के दौरान लगातार 4 शतक लगाने का गौरव हासिल किया था, लेकिन जगदीशन ने घरेलू क्रिकेट में उस निरंतरता को एक कदम और आगे ले जाते हुए पांच बार तिहाई का आंकड़ा पार किया। यह रिकॉर्ड उनकी गजब की फॉर्म और मानसिक मजबूती को दर्शाता है, जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से खींचा।
मैच का नतीजा भी उतना ही ऐतिहासिक रहा जितनी कि, इसकी पहली पारी। 507 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी अरुणाचल प्रदेश की टीम दबाव में ताश के पत्तों की तरह ढह गई। एम सिद्धार्थ की घातक गेंदबाजी (5 विकेट) के सामने अरुणाचल की पूरी टीम महज 71 रनों पर सिमट गई।

इस तरह तमिलनाडु ने यह मुकाबला 435 रनों के भारी अंतर से जीत लिया। रनों के अंतर के मामले में यह लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के क्लब समरसेट के नाम था, जिसने 1990 में डेवन को 346 रनों से हराया था। तमिलनाडु ने इस 32 साल पुराने वैश्विक रिकॉर्ड को 89 रनों के बड़े अंतर से तोड़कर भारतीय घरेलू क्रिकेट की ताकत का लोहा पूरी दुनिया में मनवा दिया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
नारायण जगदीशन की यह 277 रनों की पारी केवल एक मैच की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि, भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मजबूत है। भले ही यह स्कोर घरेलू क्रिकेट में बना हो, लेकिन रोहित शर्मा जैसे दिग्गज के रिकॉर्ड को पार करना यह बताता है कि आज के युवा खिलाड़ी निडर होकर खेल रहे हैं।
जगदीशन की इस उपलब्धि ने न केवल उन्हें रिकॉर्ड बुक के शीर्ष पर पहुचाया, बल्कि आईपीएल और नेशनल टीम के दरवाजों पर भी उनकी दस्तक को और तेज कर दिया। क्रिकेट प्रशंसक आज भी उस दिन को याद करते हैं जब एक भारतीय ने दूसरे भारतीय के ‘अजेय’ लगने वाले रिकॉर्ड को चुनौती दी और उसे अपने नाम कर लिया। यह पारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगी कि रिकॉर्ड्स चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, वे टूटने के लिए ही बनते हैं।
इसे भी पढ़ें- सिक्सइट ने बनाया अर्शदीप सिंह को क्रिकेट बॉल कैटेगरी के ब्रांड एंबेसडर



