जापान पहुंचे सीएम योगी, तिलक लगा कर हुआ स्वागत, Mitsui & Co. को UP में निवेश का दिया खुला न्योता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिनों जापान दौरे पर हैं। दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे सीएम ने आज बुधवार को टोक्यो में वैश्विक ट्रेडिंग और निवेश की दिग्गज कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड के उच्चाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए खुला न्योता दिया, खासकर उन क्षेत्रों में जहां राज्य तेजी से उभर रहा है। यह बैठक भारत-जापान के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

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 माहौल में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ आज 25 फरवरी को सुबह टोक्यो पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय और जापानी प्रतिनिधियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। एक बच्ची ने उन्हें पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया, जिससे माहौल में भारतीय संस्कृति की झलक दिखी। सीएम ने इसे उगते सूरज की भूमि को आदित्य का नमस्कार बताते हुए खुशी जाहिर की। यह उनकी सिंगापुर यात्रा के बाद जापान का दौरा है, जहां सिंगापुर में उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 60,000 करोड़ के MoU हासिल किए थे।

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

अब जापान दौरा उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। दौरे का मुख्य उद्देश्य जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के निवेश अनुकूल माहौल से परिचित कराना और दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बैठक की जानकारी साझा की, जिसमें उन्होंने कहा, मित्सुई एंड कंपनी के मैनेजिंग ऑफिसर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर काजुकी शिमिजु सहित उनकी टीम के साथ उत्पादक और भविष्योन्मुखी बैठक हुई।

सीएम योगी

उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर्स में परिवर्तनकारी निवेश के अवसरों की खोज के लिए मित्सुई को आमंत्रित किया।

चार प्रमुख क्षेत्रों पर हुई चर्चा

बैठक में सीएम योगी ने चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। ये क्षेत्र उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्रांति और ग्लोबल सप्लाई चेन में एकीकरण के लिए रणनीतिक महत्व के हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा: सोलर एनर्जी, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षमता ते जी से बढ़ रही है और राज्य ग्रीन हाइड्रोजन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। सीएम ने बताया कि राज्य की नीतियां निवेशकों को सब्सिडी, लैंड और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट प्रदान करती हैं।

आईसीटी और डिजिटल इकोसिस्टम: आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश पर गहन विमर्श हुआ। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में आईटी हब विकसित हो रहे हैं, जहां जापानी तकनीक का योगदान महत्वपूर्ण हो सकता है।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स: चिप निर्माण (Chip Fabrication), इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन और संबंधित कंपोनेंट्स के विस्तार पर फोकस रहा। भारत सरकार की सेमीकंडक्टर मिशन और उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीतियां इस क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित कर रही हैं। जापान की उन्नत तकनीक यहां गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

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डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर: हाइपर-स्केल डेटा सेंटर्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल कनेक्टिविटी हब के विकास पर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश में बिजली की उपलब्धता, कनेक्टिविटी और कम लागत के कारण डेटा सेंटर हब बनने की क्षमता है।

सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है यूपी

सीएम योगी ने मित्सुई प्रबंधन को राज्य की मजबूतियों से अवगत कराया। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है, जहां 24 करोड़ से अधिक आबादी है। राज्य में उत्कृष्ट कनेक्टिविटी है, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC), पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स जैसे जेवर एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर और फूड पार्क।उन्होंने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों का जिक्र किया, जिसमें सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया और पारदर्शी व्यवस्था शामिल है।

सीएम ने भरोसा दिलाया कि, उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित, परिणामोन्मुख और बिना किसी रुकावट के वातावरण उपलब्ध कराता है। पिछले 9 वर्षों में नीतिगत सुधारों ने राज्य को ग्लोबल निवेश हब में बदल दिया है।

भारत-जापान संबंधों में आएगी मजबूती

यह बैठक भारत-जापान औद्योगिक संबंधों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सीएम ने दीर्घकालिक साझेदारी का आह्वान किया और कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान आर्थिक सहयोग का प्रमुख केंद्र बन सकता है। जापान की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं, जैसे टोयोटा, होंडा और अन्य ऑटोमोटिव सेक्टर में। अब नई पीढ़ी के क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों को फायदा होगा।

दौरे के दौरान सीएम योगी अन्य जापानी कंपनियों जैसे कोनोइके ट्रांसपोर्ट, डेंसो कॉर्पोरेशन और JETRO के साथ भी बैठकें करेंगे। इनमें लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव सेक्टर पर फोकस रहेगा।

राज्य को मिलेगी गति

माना जा रहा है कि सीएम योगी का ये दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा। सिंगापुर में मिली सफलता के बाद अब जापान से भी उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की उम्मीद है। ये निवेश प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नति और आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है और इसके लिए वह प्रतिबद्ध है। जापानी निवेशकों के साथ यह साझेदारी उस दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

 

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