
-
सेमीकंडक्टर निर्माण में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति
-
नोएडा और लखनऊ में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, अफोर्डेबल वित्तीय सेवाओं और सहकारी बैंकिंग के डिजिटलीकरण पर जोर
-
ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, कंप्रेस्ड बायोगैस और सौर ऊर्जा जैसे हरित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श
सिंगापुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से दो दिन की सिंगापुर यात्रा पर हैं। वे यहां डीबीएस बैंक (DBS Bank) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी टैन सू शान (Tan Su Shan) और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान डिजिटल बैंकिंग व अफोर्डेबल वित्तीय सेवाओं, कैपेबिलिटी डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर निर्माण तथा ग्रीन एनर्जी के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
इसे भी पढ़ें- सीएम योगी का सिंगापुर दौरा, पहले दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ 6,650 करोड़ रुपये के 3 MoU साइन
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
सीएम ने सिंगापुर मुख्यालय वाले इस वैश्विक वित्तीय संस्थान को उत्तर प्रदेश में निवेश और साझेदारी के अवसरों का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित भी किया। डीबीएस बैंक ने भी उत्तर प्रदेश के उभरते ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में काफी इन्टरेस्ट लिया।

इस बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और सौर ऊर्जा जैसे हरित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक बातचीत हुई। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग, विशेषकर सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के लिए ताइवानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। बैठक में सहकारी बैंकिंग ढांचे के डिजिटलीकरण पर भी विस्तार से बातचीत हुई।
किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर चर्चा

डीबीएस बैंक ने जिलों में सहकारी बैंकों के डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से किसानों को बेहतर और सुलभ वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग की इच्छा जताई। 1968 में स्थापित डीबीएस बैंक की कुल परिसंपत्तियां दिसंबर 2023 तक लगभग 739 बिलियन अमेरिकी डॉलर थीं। भारत में इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड 19 राज्यों में लगभग 350 स्थानों पर संचालन कर रही है।

इस मीटिंग को DBS बैंक की इंडिया डेवलपमेंट स्ट्रेटेजी को उत्तर प्रदेश की डिजिटल इकॉनमी, ग्रीन डेवलपमेंट गोल्स और इन्वेस्टर-फ्रेंडली इकोसिस्टम के साथ जोड़ने की दिशा में एक ज़रूरी कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ट्रांसपेरेंसी, पॉलिसी स्टेबिलिटी और तुरंत फ़ैसले लेने के ज़रिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स को हर मुमकिन मदद देने के लिए कमिटेड है। यह ध्यान देने वाली बात है कि डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य इस समय राज्य में विदेशी इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने की मुख्यमंत्री योगी की पॉलिसी के तहत यूरोप के दौरे पर हैं।
इसे भी पढ़ें- दो दिवसीय दौरे पर सिंगापुर पहुंचे सीएम योगी, प्रदेश में 1000 करोड़ से ज्यादा के निवेश की उम्मीद!



