
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे अनुभवी और सफल कप्तानों में शुमार रोहित शर्मा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जी हां, रोहित शर्मा करीब दो महीने पहले संन्यास लेने के लिए लगभग तैयार हो गए थे। उस दौर में जब उनकी रिटायरमेंट को लेकर अटकलों का बाजार अपने चरम पर था, तब रिपोर्ट्स के मुताबिक, चयनकर्ताओं ने साफ तौर पर रोहित को बता दिया था कि, उन्हें 2027 वर्ल्ड कप की भावी योजनाओं में शामिल नहीं किया जाएगा। यही नहीं, अब यह भी सामने आया है कि, रोहित से यह तक पूछा गया था कि, क्या वे अपने रिटायरमेंट का ऐलान लॉर्ड्स वनडे के बाद करेंगे या नहीं।
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इस पूरे घटनाक्रम ने पूर्व भारतीय कप्तान को उस समय बेहद आहत और नाराज कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने संन्यास के लिए हामी भर दी थी। यह बात अपने आप में हैरान करने वाली है, क्योंकि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ी के करियर के अंत को लेकर इतना गोपनीय और अचानक फैसला लिया जाना, क्रिकेट जगत में हलचल मचाने के लिए काफी है।
किसने पहुंचाई थी रोहित तक बात
एक रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शर्मा को यह संवेदनशील जानकारी सीधे चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने नहीं दी थी, बल्कि यह बात उन्हें चयन समिति के एक अन्य सदस्य के जरिए बताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस सदस्य ने रोहित के सामने बिल्कुल साफ शब्दों में कह दिया था कि चयन समिति अब उनसे आगे बढ़ चुकी है और भविष्य की योजनाओं में उनकी जगह नहीं बन पा रही है।

इसके साथ ही रोहित से सीधे यह भी सवाल किया गया था कि क्या वे इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले लॉर्ड्स वनडे के बाद औपचारिक रूप से संन्यास की घोषणा करना चाहेंगे।यह पूरा वाकया दिखाता है कि, रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर टीम प्रबंधन और चयन समिति के भीतर पहले से ही गंभीर मंथन चल रहा था, भले ही इसकी भनक बाहर किसी को न लगी हो। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह खबर इसलिए भी बड़ी है क्योंकि रोहित शर्मा को हमेशा से टीम इंडिया के एक अहम स्तंभ के रूप में देखा जाता रहा है।
चयनकर्ताओं के रुख के बाद संन्यास के लिए राजी हुए रोहित
रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ताओं की तरफ से मिले इस स्पष्ट संकेत के बाद रोहित शर्मा ने ज्यादा कुछ कहने के बजाय चुप्पी साध ली, लेकिन आखिरकार उन्होंने संन्यास लेने के लिए अपनी सहमति दे दी थी। यह उनके करियर का एक बेहद भावुक और मुश्किल पड़ाव रहा होगा, जहां एक तरफ उनका अनुभव और योगदान था, तो दूसरी तरफ चयन समिति का साफ रुख।
इसी बीच क्रिकेट के मैदान पर एक ऐसा पल आया, जिसने पूरी कहानी में एक नया मोड़ ला दिया। लॉर्ड्स में खेले गए वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा के बल्ले से 138 रनों की शानदार और ऐतिहासिक पारी निकली। हालांकि इसके बावजूद टीम इंडिया को वह मुकाबला 27 रनों के अंतर से गंवाना पड़ा, लेकिन रोहित की इस पारी ने उनके संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं पर कुछ समय के लिए विराम जरूर लगा दिया।
शतक के बावजूद नहीं मिली कोई गारंटी
हालांकि, इस पूरे मामले में एक दिलचस्प और अहम बात यह भी सामने आई है कि लॉर्ड्स में लगाया गया यह शानदार शतक रोहित शर्मा को टीम इंडिया में आगे भी जगह मिलने की कोई गारंटी नहीं देता। यानी भले ही रोहित ने मैदान पर अपने बल्ले से शानदार वापसी की हो, लेकिन उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, और आने वाले समय में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
BCCI सचिव के बयान के बाद उठा था विवाद
गौरतलब है कि, रोहित शर्मा के लॉर्ड्स में शतक जड़ने से पहले ही BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस पूरे मामले पर एक बयान जारी किया था। अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया था कि, रोहित शर्मा लॉर्ड्स में अपना आखिरी मैच नहीं खेलने जा रहे हैं, बल्कि जब तक वे टीम इंडिया की योजनाओं का हिस्सा बने रहेंगे, तब तक खेलते रहेंगे।

हालांकि उनके इस बयान के बाद बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों और चयन समिति के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आने लगी थीं, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया था। इस पूरे प्रकरण से यह भी साफ हो गया कि रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बोर्ड के भीतर अलग-अलग राय मौजूद है।
बैठक में होगा बड़ा फैसला
अब सबकी निगाहें आगामी 3 सितंबर को मुंबई में होने वाली BCCI की अहम बैठक पर टिकी हुई हैं। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है, जिनमें रोहित शर्मा और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य से जुड़ा फैसला भी शामिल हो सकता है। एक तरफ इस बैठक में यह चर्चा होने की संभावना है कि क्या रोहित शर्मा 2027 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं, तो वहीं दूसरी तरफ चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल भी सितंबर महीने में समाप्त होने जा रहा है।
हालांकि क्रिकेट जगत में यह उम्मीद जताई जा रही है कि अजीत अगरकर के कार्यकाल को एक साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है, जिससे उन्हें आगे भी टीम इंडिया की चयन प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिलेगा। कुल मिलाकर, आने वाली इस बैठक को भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा तय करने वाली एक अहम कड़ी माना जा रहा है, जिस पर फैंस से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक, सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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