
नई दिल्ली। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को एक बड़ा झटका लगा है। एंकल इंजरी के कारण वह आगामी 2026 एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। इस खबर की जानकारी खुद नीरज चोपड़ा ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट के जरिए दी।
उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उनके एंकल यानी टखने में लिगामेंट टियर हो गया है, जिसकी वजह से डॉक्टरों और टीम की सलाह पर उन्होंने मौजूदा सीजन के शेष हिस्से से हटने का फैसला लिया है। भारतीय एथलेटिक्स जगत के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि नीरज चोपड़ा को एशियाई खेलों में पदक की सबसे मजबूत उम्मीदों में गिना जा रहा था।
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शानदार फार्म में थे नीरज
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा को यह मुश्किल फैसला उस समय लेना पड़ा जब वह अपने करियर के इस सीजन में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे थे। बीते 21 अगस्त को स्विट्जरलैंड के लॉजेन शहर में आयोजित डायमंड लीग प्रतियोगिता में नीरज ने 88.05 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। यह थ्रो न केवल इस सीजन का उनका बेहतरीन प्रयास था, बल्कि इससे यह भी संकेत मिल रहे थे कि नीरज धीरे-धीरे अपनी बेहतरीन लय हासिल कर रहे हैं।

हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के कुछ ही दिनों बाद स्थिति अचानक बदल गई। शनिवार, 29 अगस्त को नीरज चोपड़ा ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी चोट और सीजन से बाहर होने की जानकारी सार्वजनिक की। हालांकि अपनी पोस्ट में उन्होंने सीधे तौर पर एशियाई खेलों का उल्लेख नहीं किया, लेकिन चूंकि उन्होंने पूरे बचे हुए सीजन से हटने की बात कही है, इसका सीधा अर्थ यही निकलता है कि वह आगामी एशियाई खेलों में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह टूर्नामेंट भी इसी सीजन के दायरे में आता है, इसलिए खेल विशेषज्ञ और प्रशंसक इसे नीरज के एशियाई खेलों से बाहर होने की पुष्टि के तौर पर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लिखी भावुक पोस्ट
अपनी चोट और फैसले की जानकारी देते हुए नीरज चोपड़ा ने अपने पोस्ट में लंबी और भावुक बात लिखी। उन्होंने बताया कि लंबे समय की मेहनत के बाद लॉजेन डायमंड लीग में सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ उन्हें ऐसा महसूस हुआ था कि वह उस लय को हासिल करने के करीब पहुंच रहे हैं, जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी, लेकिन दुर्भाग्यवश, इस प्रदर्शन के कुछ समय बाद ही ट्रेनिंग सेशन के दौरान उनके एंकल में लिगामेंट टियर हो गया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों और अपनी टीम के साथ विस्तृत चर्चा के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है कि वह इस सीजन के बचे हुए टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लेंगे।
नीरज ने आगे लिखा कि, यह स्थिति उनके लिए काफी निराशाजनक है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि वह महसूस कर रहे थे कि वह अपनी बेहतरीन लय के काफी करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि उन्होंने अपनी बात को सकारात्मक नजरिए के साथ खत्म करते हुए कहा कि जैसा अक्सर कहा जाता है, बाधाएं और रुकावटें किसी भी खिलाड़ी के सफर का स्वाभाविक हिस्सा होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान अपनी चोट से पूरी तरह उबरने और आगे और अधिक मजबूती के साथ मैदान में वापसी करने पर केंद्रित है।
फैन्स और खेल जगत में मायूसी
नीरज चोपड़ा की इस घोषणा के बाद देशभर के खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों में मायूसी का माहौल है। पिछले कुछ वर्षों में नीरज चोपड़ा भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं, उनकी हर प्रतियोगिता पर देशभर की नजरें टिकी रहती हैं। ऐसे में उनका एशियाई खेलों से बाहर होना भारतीय दल के लिए भी एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि जैवलिन थ्रो स्पर्धा में नीरज से पदक की सबसे प्रबल संभावना जताई जा रही थी।

खेल जानकारों का मानना है कि, नीरज का यह निर्णय पूरी तरह सोच-समझकर और लंबी अवधि की खेल योजना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बार-बार चोटों से जूझने के बावजूद नीरज चोपड़ा का करियर लगातार ऊंचाइयों की ओर बढ़ता रहा है। ऐसे में मौजूदा चोट से पूरी तरह उबरकर वापसी करना उनके और भारतीय एथलेटिक्स दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
पिछले एशियाई खेलों में जीता था स्वर्ण पदक
गौरतलब है कि, नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में भारत के लिए सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ शहर में आयोजित एशियाई खेलों में नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 88.88 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर शानदार प्रदर्शन किया था, जो उस समय टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ थ्रो साबित हुआ था।
उस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई थी। नीरज चोपड़ा के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ी किशोर जेना ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। इस तरह भारत ने पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में डबल पोडियम फिनिश करते हुए इतिहास रच दिया था, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक यादगार पल बन गया।
नीरज चोपड़ा के प्रशंसकों और भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें अब उनकी रिकवरी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि नीरज जैसे अनुभवी और मेहनती खिलाड़ी के लिए यह चोट केवल एक अस्थायी रुकावट है, और वह जल्द ही मैदान पर मजबूती के साथ वापसी करते हुए भारत को गौरवान्वित करेंगे। फिलहाल पूरे देश की शुभकामनाएं नीरज चोपड़ा के साथ हैं, जो अपनी चोट से उबरकर आने वाले समय में एक बार फिर भारतीय तिरंगे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश करेंगे।
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