
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जानी खुर्द थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। यहां सिवाल खास गांव में कबाड़ के गोदाम की आड़ में लंबे समय से एक्सपायरी दवाओं और नकली या प्रतिबंधित सौंदर्य प्रसाधन सामग्री का धंधा चल रहा था।
इसे भी पढ़ें- दुबई से कर रहा था रेल टिकट के अवैध सॉफ्टवेयर का कारोबार, बेंगलुरु में पकड़ा गया
औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस गोदाम पर छापा मारकर वहां से करीब 60 लाख रुपये से अधिक कीमत का प्रतिबंधित और एक्सपायरी सामान बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान गोदाम का संचालक असलम मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश में जगह-जगह पर दबिश दे दी।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पूरा मामला उस समय सामने आया जब औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिली कि, सिवाल खास गांव में स्थित एक कबाड़ गोदाम में भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां और सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद जमा किए जा रहे हैं, जिन्हें दोबारा पैकेजिंग या अन्य तरीकों से बाजार में बेचा जा रहा है। यह जानकारी मिलते ही विभाग हरकत में आ गया और तत्काल छापेमारी की योजना बनाई गई।

इस कार्रवाई की अगुवाई सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने की। उनके साथ ड्रग इंस्पेक्टर संतोष पटेल और स्थानीय पुलिस बल की एक टीम भी मौजूद रही। मंगलवार देर शाम जब यह संयुक्त टीम गोदाम पर पहुंची, तो वहां जो नजारा देखने को मिला उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं और कॉस्मेटिक सामान बड़े करीने से रखा हुआ पाया गया, जो साफ तौर पर इस बात का संकेत था कि, यह कारोबार लंबे समय से व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा था।
देर रात तक चली गिनती और जांच
गोदाम में बरामद सामान की मात्रा इतनी अधिक थी कि, टीम को उसकी गिनती और जांच करने में देर रात तक जुटे रहना पड़ा। अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान सतर्कता बरतते हुए हर गतिविधि की वीडियोग्राफी कराई, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई में यह साक्ष्य के तौर पर काम आ सके। साथ ही बरामद हुए सामान की एक विस्तृत सूची भी तैयार की गई, जिसमें हर वस्तु का ब्योरा दर्ज किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, बरामद माल की कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि, जब पूरी सूची का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा, तो असली कीमत इससे भी अधिक हो सकती है।
गाजियाबाद से जुड़े तार
इस पूरे मामले की जांच के दौरान एक अहम कड़ी भी सामने आई है। प्रारंभिक पूछताछ और जांच में पता चला है कि, यह प्रतिबंधित और एक्सपायरी सामान गाजियाबाद की कुछ फैक्ट्रियों से मंगाया जाता था। वहां से यह सामान मेरठ लाया जाता था और इसके बाद शहर तथा आसपास के इलाकों के बाजारों में इसे खपाया जाता था।

इस खुलासे के बाद अब औषधि विभाग की टीम इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन से लोग या फैक्ट्रियां शामिल हैं। अधिकारियों को आशंका है कि यह सिर्फ एक गोदाम तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो कई जिलों में फैला हो सकता है। इसी को देखते हुए अब जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, औषधि विभाग की ओर से तहरीर देकर संबंधित थाने में एक औपचारिक प्राथमिकी यानी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि, जांच का उद्देश्य केवल गोदाम में मिले सामान को जब्त करना भर नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि यह प्रतिबंधित सामान किन-किन दुकानदारों और विक्रेताओं तक सप्लाई किया जा रहा था, ताकि पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जा सके।
फरार आरोपी असलम की तलाश
इस मामले में सबसे अहम कड़ी गोदाम संचालक असलम है, जो पुलिस और औषधि विभाग की टीम के पहुंचते ही मौके से फरार हो गया। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि, औषधि विभाग की ओर से तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा और इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस फरार आरोपी असलम की सरगर्मी से तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा, जिसमें यह भी पता चलेगा कि यह कारोबार कब से और किस स्तर पर चलाया जा रहा था।
जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
यह मामला जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि एक्सपायरी दवाओं और नकली या प्रतिबंधित कॉस्मेटिक उत्पादों के इस्तेमाल से लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में आम जनता को यह भी सतर्क रहने की जरूरत है कि वे किसी भी दुकान से दवाएं या सौंदर्य प्रसाधन खरीदते समय एक्सपायरी डेट और उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच जरूर करें। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
इसे भी पढ़ें- LDA का बड़ा एक्शन: लखनऊ की इतनी अवैध इमारतों की उलटी गिनती शुरू, चलेगा बुलडोजर



