LDA का बड़ा एक्शन: लखनऊ की इतनी अवैध इमारतों की उलटी गिनती शुरू, चलेगा बुलडोजर

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद से एक्शन में आये लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अवैध निर्माणों को लेकर पहले से कहीं अधिक सख्त रुख अपना लिया है। इस घटना ने शहर में अनियंत्रित और बिना अनुमति के हो रहे निर्माण कार्यों की गंभीरता को उजागर कर दिया था।

इसके बाद अदालत की तरफ से भी प्राधिकरण को कड़ी फटकार लगाई गई थी। इसी फटकार के बाद हरकत में आए एलडीए ने अब अवैध निर्माणों को चिन्हित करने और उन पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्राधिकरण ने शहर की कुल 101 अवैध इमारतों की एक सूची तैयार की है, जिन पर आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई होगी।

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बहुमंजिला इमारतें भी हैं लिस्ट में 

एलडीए द्वारा तैयार की गई इस सूची में सिर्फ छोटे-मोटे अवैध निर्माण ही नहीं, बल्कि कई बड़े और बहुमंजिला अपार्टमेंट भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि, इन इमारतों का निर्माण बिना किसी स्वीकृत नक्शे के किया गया था, जो सीधे तौर पर भवन निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए प्राधिकरण ने इन सभी इमारतों के मालिकों और संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है। एलडीए ने साफ कर दिया है कि, अब इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत आगामी 17 अगस्त यानी सोमवार से शुरू हो जाएगी।

अलीगंज की 51 इमारतें भी होंगी ध्वस्त

इस पूरे अभियान में सबसे अधिक फोकस अलीगंज क्षेत्र की 51 इमारतों पर केंद्रित है, क्योंकि यहां की ही एक अवैध इमारत में लगी आग ने कई घरों के चिराग बुझा दिए थे। इन तमाम भवनों को खासतौर पर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद चिन्हित किया गया है, जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और भी बढ़ जाती है। पता चला है कि, आगामी 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए न्याय मित्र यानी एमिकस क्यूरी की एक विशेष टीम सीधे अलीगंज पहुंचेगी और वहां मौजूद इन सभी चिन्हित इमारतों का बारीकी से निरीक्षण करेगी।

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इस निरीक्षण के दौरान टीम प्रत्येक भवन से जुड़े नक्शे, आधिकारिक अभिलेख और निर्माण प्रक्रिया से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि, किस भवन में किस स्तर की अनियमितता बरती गई है। इस पूरी जांच प्रक्रिया के पूरा होने के बाद न्याय मित्र की यह टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

अतिरिक्त पुलिस बल की मांग

चूंकि अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाया जाने वाला यह ध्वस्तीकरण अभियान बेहद संवेदनशील और बड़े पैमाने पर होने वाला है, इसलिए इसके दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राधिकरण के लिए एक बड़ी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने पुलिस आयुक्त को एक औपचारिक पत्र भेजकर अभियान के दौरान पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

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प्राधिकरण को आशंका है कि, जब वास्तविक धरातल पर बड़ी संख्या में इमारतों को गिराने की कार्रवाई शुरू होगी, तो स्थानीय स्तर पर विरोध या तनाव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना बेहद आवश्यक समझा जा रहा है। इसके साथ ही एलडीए ने इस पूरे अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए विशेष टीमों का भी गठन कर दिया है, जो जमीनी स्तर पर इस कार्रवाई की निगरानी करेंगी।

एलडीए ने पूरी की तैयारी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्र की टीम के आगामी निरीक्षण को देखते हुए एलडीए के योजना विभाग ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस काम के लिए विभाग के दो अनुभवी ड्राफ्टमैन मुकेश वर्मा और दीपक को विशेष रूप से तैनात किया गया है, जो निरीक्षण के दौरान न्याय मित्र की टीम को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। इन दोनों अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी यह होगी कि वे निरीक्षण के समय संबंधित भवनों से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, स्वीकृत या अस्वीकृत मानचित्र और अन्य तकनीकी जानकारियां तुरंत उपलब्ध कराएं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए और टीम अपना काम सुचारू रूप से पूरा कर सके।

 राजधानी की 50 अन्य इमारतें भी लिस्ट में

एलडीए की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि, यह ध्वस्तीकरण अभियान सिर्फ अलीगंज तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्राधिकरण के अनुसार, अलीगंज की चिन्हित 51 इमारतों के अलावा राजधानी के अन्य हिस्सों में भी करीब 50 और अवैध भवन ऐसे हैं, जिन पर भी जल्द ही बुलडोजर चलाया जाएगा। इस तरह देखा जाए, तो कुल मिलाकर लखनऊ शहर में 100 से भी अधिक अवैध इमारतें फिलहाल एलडीए की कार्रवाई के सीधे दायरे में आ चुकी हैं।

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एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि, प्राधिकरण की योजना के अनुसार कुल 100 से अधिक अवैध इमारतों को गिराया जाना तय हो चुका है। उन्होंने बताया कि इन सभी इमारतों की पूरी सूची विभाग द्वारा तैयार कर ली गई है और अब सिर्फ निर्धारित तारीख से इस पर अमल शुरू करना बाकी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि अलीगंज में चिन्हित की गई 51 इमारतों के अतिरिक्त शहर के अन्य क्षेत्रों में मौजूद 50 और अवैध निर्माणों को भी इसी अभियान के तहत ध्वस्त किया जाएगा।

आसान नहीं होगा ध्वस्तीकरण अभियान

विशेषज्ञों का मानना है कि एलडीए की यह सख्ती लखनऊ शहर में लंबे समय से बेरोकटोक चल रहे अवैध निर्माण के कारोबार पर एक बड़ी चोट साबित हो सकती है। अलीगंज अग्निकांड ने जिस तरह अवैध और बिना नियोजन के हो रहे निर्माणों के खतरों को उजागर किया है, उसके बाद प्रशासन पर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भारी दबाव है।

हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाना प्राधिकरण के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि इसमें कानूनी अड़चनों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विरोध की आशंका भी बनी रहेगी। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही इस पूरी प्रक्रिया से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में शहर में भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन और अधिक सख्ती से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 

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