लखनऊ: कार से कुचलकर मारने की कोशिश, पीड़िता ने खोले कई चौंकाने वाले राज़

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ जीरो टोलरेंस की नीति अपना रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। बीते दिन राजधानी लखनऊ एक ऐसी घटना घटी जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी और सीएम की जीरो टोलरेंस की नीति को गहरा झटका दे दिया। दरअसल, 16 सितंबर को एक युवती को बीच सड़क पर कार से कुचलकर मारने का प्रयास किया गया था। अब इस मामले में पीड़िता खुद सामने आई है और उसने घटना का जो ब्यौरा बताया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। पीड़ित युवती ने एक बातचीत में बताया कि, आखिर उस दिन क्या-क्या हुआ था।

इसे भी पढ़ें- सीएम योगी आज करेंगे गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ, लखनऊ विश्वविद्यालय में नौ दिन चलेगा मेला

सुबह-सुबह चाय पीने गई थी पीड़िता

पीड़िता ने बताया कि, घटना वाले दिन सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच वह अपनी छोटी बहन और बुआ के साथ जनेश्वर पार्क स्कूटी से चाय पीने गई थी। उसने साफ किया कि, उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि, आरोपी शाहनवाज उस वक्त वहां मौजूद होगा। पार्क में शाहनवाज अपने दोस्त दानिश के साथ था और उनके साथ दो अन्य लड़कियां भी चाय पी रही थीं।

HIT AND RUN

पीड़िता ने बताया, शाहनवाज लंबे समय से उसके साथ रिलेशनशिप में था, इसलिए जब उसने वहां मौजूद दोनों लड़कियों के बारे में पूछा तो शाहनवाज भड़क उठा और उस पर ही चिल्लाने लगा कि, वह वहां क्या कर रही है। इसके तुरंत बाद शाहनवाज और उसका दोस्त दानिश कार में बैठकर वहां से निकलने लगे।

शीशे में फंसा हाथ, घसीटते हुए ले गई कार

पीड़िता ने आगे बताया कि, जब दोनों लड़कियां पीछे के गेट से चली गईं, तो शाहनवाज और दानिश कार लेकर तेजी से भागने लगे। उसने सामने आकर कार को रोकने की कोशिश की और कहा कि बताकर जाओ, लेकिन आरोपी नहीं रुका। पीड़िता के अनुसार, इसके बाद शाहनवाज ने जानबूझकर उसके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी और तेजी से भागने लगा। इस दौरान उसका एक हाथ कार के शीशे और खिड़की के बीच फंस गया।

उसने बताया कि वह बार-बार हाथ निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन शीशा लॉक होने के कारण हाथ नहीं निकल पाया और आरोपी उसे घसीटते हुए कार के साथ ले गया। कुछ दूर जाने के बाद अचानक शाहनवाज ने शीशा नीचे किया, जिससे उसका हाथ निकला और वह सड़क पर गिर पड़ी।

मेरी मौत की जिम्मेदारी कौन लेता?

इस भयावह वाकये को याद करते हुए पीड़िता की आवाज कांप उठी। उसने बताया कि, शाहनवाज के दोस्त दानिश ने वहां साफ तौर पर कहा था कि, आज इसे मार ही दो, आगे जो होगा देखा जाएगा। पीड़िता ने ये भी बताया कि, गिरने के बाद उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गई थी, लेकिन आरोपी उसे वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर फरार हो गए। उसने सवाल उठाते हुए कहा कि, अगर उस वक्त पीछे से कोई अन्य वाहन आ जाता या उसका सिर गाड़ी के नीचे आ जाता, तो उसकी मौत की जिम्मेदारी आखिर कौन लेता।

घटना के बाद वायरल हुआ वीडियो 

पीड़िता ने आरोप लगाया कि, उस पर जानबूझकर गाड़ी चढ़ाई गई थी और घटना के बाद उसके दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। उसके मुताबिक, यह वीडियो शाहनवाज के दोस्त शरीफ ने वायरल करवाया था, जिसे वह भाई मानती थी। उसने दुख जताते हुए कहा कि उसे कभी अंदाजा नहीं था कि ये लोग इस तरह से धोखा दे सकते हैं और एक बहन मानने वाली को भी छल सकते हैं।

पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद शरीफ उसके घर पूछताछ करने भी पहुंचा था और उसने दावा किया कि, पिछले तीन महीने से उसकी शाहनवाज से कोई बातचीत नहीं हुई है। हालांकि पीड़िता ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसके पास 25 अगस्त की चैट मौजूद है, जो इस दावे को झुठलाती है। उसने यह भी बताया कि, इसके बाद भी वे तीन बार आपस में मिले थे, जिसमें एक मौका फौजी ढाबे पर साथ खाना खाने का भी था, जहां शाहनवाज के साथ उसके दोस्त फरदीन और शरीफ भी मौजूद थे।

बार-बार मारपीट का आरोप 

पीड़िता ने बताया कि, शाहनवाज उसे पहले भी कई बार शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर चुका है। उसने बताया कि डीएलएफ इलाके में भी उसके साथ मारपीट की गई थी और अब तक शाहनवाज तीन से चार बार उसे मार चुका है। उसने भावुक होते हुए कहा कि, आखिर वह कब तक इस तरह की प्रताड़ना बर्दाश्त करती। इसी वजह से जब उस दिन जानलेवा हमला किया गया, तो उसने चुप रहने के बजाय आगे आकर सच सामने रखने का फैसला किया।

पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि जब शरीफ उससे मिलने घर आया, तो उसने समझौता करने का दबाव बनाते हुए कहा कि दो-तीन दिन में आरोपियों की जमानत हो जाएगी और केस लड़ने से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि उसकी खुद की इज्जत पर आंच आएगी। इस पर पीड़िता ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि, जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक किसी भी तरह की सुलह नहीं होगी।

कैसे हुई थी जान पहचान

पीड़िता ने बताया कि आरोपी से उसकी मुलाकात किस तरह हुई थी। उसने बताया कि एक दिन उसकी स्कूटी की चाबी खो गई थी और वह पैदल घर लौट रही थी, तभी रास्ते में शाहनवाज और उसके साथी मिले और घर तक छोड़ने की पेशकश की। शुरुआत में मना करने के बावजूद आखिरकार वह उनके साथ कार में बैठ गई, क्योंकि साथ में शरीफ और उसकी गर्लफ्रेंड भी मौजूद थीं।

पीड़िता के अनुसार, नाम पूछे जाने पर उसने खुद को मुस्कान सिंह बताया, तो आरोपी ने खुद को भी ठाकुर बताते हुए अपना नाम आयुष और आजमगढ़ का निवासी बताया था, जबकि उसने अपनी असली पहचान छुपाई। बाद में इंस्टाग्राम के जरिए उसे पता चला कि आरोपी मुस्लिम समुदाय से है।

जान से मारने की धमकी भी दी

पीड़िता ने बताया कि जब उसने संबंध खत्म करने की कोशिश की, तो पांच दिन तक शाहनवाज ने उसे ब्लॉक कर रखा था, बाद में उसने खुद ही दोबारा संपर्क किया। उसने आरोप लगाया कि शाहनवाज क्लब जाकर दूसरी लड़कियों से भी संपर्क में रहता था, जिसका विरोध करने पर वह सफाई देता था कि वह सिर्फ उसकी दोस्त है। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी के दोस्त रवि ने भी उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

 गिरोह पर लगाया गंभीर आरोप

पीड़िता ने इस मामले को और गंभीर बताते हुए दावा किया कि शाहनवाज अकेला नहीं, बल्कि एक पूरे गिरोह का हिस्सा है, जिसमें आशीष गौतम, शरीफ, दानिश और रवि जैसे लोग शामिल हैं। उसके मुताबिक, ये सभी रोजाना क्लब जाकर वहां लड़कियों से दोस्ती करते और उन्हें कार में बिठाकर पार्टी करने ले जाते थे।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि यह गिरोह लगातार नई-नई लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। उसने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई किसी एक लड़की के साथ रिश्ते में है, तो फिर बाकी लड़कियों के साथ घूमने की क्या जरूरत है, जिससे साफ जाहिर होता है कि इन लोगों का मकसद लड़कियों को निशाना बनाना ही था। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और पीड़िता के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

इसे भी पढ़ें- स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में यूपी के 16 नगरों ने बनाई पहचान, लखनऊ को मिला पहला स्थान

Related Articles

Back to top button