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सीएम योगी आज करेंगे गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ, लखनऊ विश्वविद्यालय में नौ दिन चलेगा मेला

लखनऊ। किताबों की दुनिया से बच्चों को जोड़ने और पढ़ने के साथ-साथ रचनात्मकता को मंच देने के उद्देश्य से लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार, 12 सितंबर से गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से आयोजित यह नौ दिवसीय महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोत्सव का शुभारंभ करेंगे।

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 121 प्रकाशक होंगे शामिल

महोत्सव में इस बार करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें 121 प्रकाशक हिस्सा लेंगे। गौरतलब है कि, पिछले वर्ष हुए आयोजन में करीब 225 स्टॉल लगे थे। इस लिहाज से इस बार आयोजन का दायरा और बढ़ गया है। इन स्टॉल पर हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री होगी। पुस्तक प्रदर्शनी के साथ-साथ साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समकालीन मुद्दों पर संवाद सत्र तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।

निदेशक ने साझा की जानकारी

महोत्सव को लेकर 11 सितंबर को लखनऊ विश्वविद्यालय के एपी सेन सभागार में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक और लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रधान पुस्तकालयाध्यक्ष प्रोफेसर रोली मिश्रा ने आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की।

Gomti Book Festival

प्रोफेसर रोली मिश्रा, जो विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि, विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से इतने बड़े आयोजन का होना विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने में केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि, यह आयोजन ‘पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ’ और ‘पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य के साथ किया जा रहा है, जिससे पाठकों को अच्छी किताबों और लेखकों से जुड़ने का मौका मिलेगा।

वहीं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि, महोत्सव में किताबों के अलावा युवा लेखकों, वक्ताओं, बुद्धिजीवियों और स्थानीय बहुभाषी रचनाकारों को भी मंच दिया जा रहा है। साथ ही सांस्कृतिक और प्रदर्शन कलाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों और जेनजी के लिए महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

 कई विषयों पर होगी चर्चा

महोत्सव के दौरान साहित्य, संस्कृति और प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद सत्र आयोजित होंगे, जिनमें लेखक और विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रमुख विषयों में महिला अस्मिता, युवा साहित्य, सतत विकास, अनुवाद, विरासत और लोककथाएं, अंतरिक्ष एवं विज्ञान तथा आध्यात्मिकता शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय साहित्यिक विरासत, किशोर साहित्य, पुस्तक चर्चा और समकालीन पत्रकारिता जैसे विषयों पर भी संवाद प्रस्तावित हैं।

विशेष संवाद सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के जाने-माने लेखक, कलाकार और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

बच्चों के लिए खास ‘बाल मंडप’

नन्हे पुस्तक प्रेमियों के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के बाल साहित्य प्रभाग, नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रन्स लिटरेचर की ओर से पूरे नौ दिनों के लिए विशेष ‘बाल मंडप’ तैयार किया गया है। यहां अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली नाटक, कमिशिबाई, स्टोरीटेलिंग के माध्यम से कहानी सुनाने के कार्यक्रम, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस कार्यशाला, क्ले आर्ट, पुस्तक निर्माण, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कैरिकेचर स्टूडियो, कविता-पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन जैसी कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इसके साथ ही चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी होंगी। बच्चों के लिए एक विशेष आकर्षण यह भी रहेगा कि उन्हें बाल मंडप में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।

हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम

गोमती पुस्तक महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम को उत्तर प्रदेश की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक कार्यक्रम, बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से नृत्य-नाटिका ‘रघुवंशम्’, सुगम संगीत की शाम और लोक प्रस्तुतियां शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त शंभू शिखर और अन्य शायरों के साथ मुशायरा, भारतेन्दु नाट्य अकादमी की नाट्य प्रस्तुति तथा मशहूर गायिका बेगम अख्तर को समर्पित एक विशेष दास्तानगोई सत्र भी आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के दौरान कई अन्य संगीत प्रस्तुतियां भी होती रहेंगी।

डिजिटल पुस्तकालय से भी होंगे रूबरू

महोत्सव में आने वाले बच्चों और युवा पाठकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के बारे में जानकारी लेने और उसका इस्तेमाल करने का अवसर भी मिलेगा। यह डिजिटल पुस्तकालय मंच विभिन्न भाषाओं और विधाओं में 7,000 से अधिक ई-पुस्तकें उपलब्ध कराता है। इस पहल के जरिए महोत्सव में आने वाले पाठकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और लेखकों को डिजिटल पुस्तक संसाधनों की जानकारी दी जाएगी।

‘एआई की एंटीडोट किताबें हैं’

प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन समिति के वरिष्ठ संयोजक चंद्र प्रकाश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और पुस्तकों के आपसी संबंध पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पुस्तकें एआई का एंटीडोट हैं, क्योंकि इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री न तो हमेशा पुष्टिकृत होती है और न ही प्रमाणित। उन्होंने कहा कि ऐसे में केवल एआई के सहारे सही ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होने की अपील भी की।

उद्घाटन समारोह में रहेंगे कई गणमान्य

12 सितंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी, एनबीटी-इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी की मौजूदगी रहेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश के. अवस्थी, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा तथा एनबीटी-इंडिया के निदेशक युवराज मलिक भी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।

गोमती पुस्तक महोत्सव का यह पांचवां संस्करण न केवल पुस्तक प्रेमियों बल्कि बच्चों, युवाओं और साहित्य-संस्कृति में रुचि रखने वाले हर वर्ग के लिए एक बहुआयामी अनुभव लेकर आ रहा है, जो नौ दिनों तक लखनऊ को साहित्य और संस्कृति के एक बड़े उत्सव में तब्दील कर देगा।

 

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