
सिनेमाई गलियारों में एक बार फिर विवाद और बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों की जंग छिड़ गई है। साल 2023 की सबसे चर्चित और विवादास्पद फिल्मों में से एक ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2: गोस बियॉन्ड’ ने पर्दे पर दस्तक दे दी है। तमाम कानूनी अड़चनों, प्रतिबंध की मांगों और तीखी राजनीतिक बयानबाजी के बीच इस फिल्म ने न केवल थिएटर्स में अपनी जगह बनाई है, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बना ली है।
इसे भी पढ़ें- रोक के बावजूद ‘द केरल स्टोरी 2’ के टिकट की बुकिंग जारी, केरल उच्च न्यायालय को दी जानकारी
सफल फिल्मों की लिस्ट में शामिल
बीते 27 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म ने अपने पहले सात दिनों के सफर में यह साबित कर दिया है कि, विवादों की आग अक्सर बॉक्स ऑफिस की कमाई को हवा देने का काम करती है। फिल्म ने घरेलू बाजार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है, जो इसे साल 2026 की शुरुआती सफल फिल्मों की फेहरिस्त में खड़ा कर रही है।

बॉक्स ऑफिस के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘द केरल स्टोरी 2’ ने अपने पहले हफ्ते में भारतीय बाजार में लगभग 22 करोड़ रुपये से अधिक का नेट कलेक्शन कर लिया है। वैश्विक स्तर पर फिल्म का प्रदर्शन और भी बेहतर रहा है, जहां इसने 23.75 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लिया है। फिल्म के बजट और रिकवरी के लिहाज से यह आंकड़े काफी उत्साहजनक माने जा रहे हैं। लगभग 28 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने महज एक हफ्ते के भीतर अपनी लागत का 72 प्रतिशत हिस्सा वसूल कर लिया है।
एक विनम्र निवेदन 🙏#TheKeralaStory2GoesBeyond in cinemas now.
[ Sunshine Pictures, The Kerala Story 2 Goes Beyond, Bollywood, TheKeralaStory2 ] pic.twitter.com/B1UcBybFDG
— Manoj Muntashir Shukla (@manojmuntashir) March 5, 2026
दिलचस्प बात यह है कि, होली के त्योहार के दौरान जहां अक्सर फिल्मों की कमाई में बड़ी गिरावट देखी जाती है। वहीं इस फिल्म ने अपनी स्थिरता बनाए रखी। ट्रेड एनालिस्ट्स की मानें तो यह फिल्म साल 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिट बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
धीमी थी शुरुआत
बात करें फिल्म की कमाई की, तो इसकी शुरुआत काफी धीमी थी। रिलीज के पहले दिन यानी 27 फरवरी को फिल्म ने महज 0.75 करोड़ रुपये से ओपनिंग की, जिसे देखकर कयास लगाए जाने लगे कि, शायद सीक्वल पहले भाग जैसा जादू नहीं चला पाएगा, लेकिन दूसरे दिन से ही कहानी पूरी तरह से पलट गई। शनिवार को फिल्म ने लंबी छलांग लगाते हुए 4.65 करोड़ और रविवार को 4.75 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया। सोमवार को कामकाजी दिन होने के कारण फिल्म में 2.5 करोड़ की गिरावट देखी गई, लेकिन मंगलवार को इसने फिर वापसी की और 4 करोड़ रुपये बटोरे।
इसे भी पढ़ें- अनुराग कश्यप बोले-‘द केरल स्टोरी 2′ लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है’
होली के दिन यानी बुधवार को 3.5 करोड़ के कलेक्शन के साथ फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। इस प्रदर्शन के साथ ही इसने अपने साथ रिलीज हुई अन्य फिल्मों जैसे ‘अस्सी’ और ‘ओ रोमियो’ को काफी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, अगर इसकी तुलना पहले भाग से की जाए, जिसने भारत में 241.74 करोड़ और दुनिया भर में 302 करोड़ रुपये कमाए थे, तो सीक्वल अभी उस शिखर से काफी दूर है, फिर भी मौजूदा माहौल में इसे एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
फिल्म को मिल रहे इस व्यावसायिक समर्थन के पीछे एक बड़ा कारण मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का खुला समर्थन भी माना जा रहा है। मुंतशिर ने फिल्म के पक्ष में एक भावुक वीडियो जारी कर दर्शकों से अपील की है कि, वे इस फिल्म को केवल एक सिनेमाई मनोरंजन या बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चश्मे से न देखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फिल्म हमारी बेटियों की सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज है।
इन गानों से डाली है फिल्म में जान
मुंतशिर ने कहा, ‘हमारी बेटियां प्यार में नहीं पड़तीं, बल्कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत जाल में फंसाया जाता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को यह फिल्म जरूर दिखाएं, क्योंकि यह जागरूकता उनकी जान और सम्मान बचा सकती है। मुंतशिर, जिन्होंने पहले भाग में भी अपनी लेखनी का जादू बिखेरा था, इस बार भी ‘साथी रे’, ‘ओ मायी री’ और ‘शिव शंभो’ जैसे गीतों के माध्यम से फिल्म के भावनात्मक पक्ष को मजबूती दे रहे हैं। उनका मानना है कि, यदि यह फिल्म एक भी लड़की को जाल में फंसने से बचा लेती है, तो इसका निर्माण सफल माना जाएगा।
View this post on Instagram
हालांकि, पर्दे के पीछे की यह सफलता उतनी आसान नहीं थी। फिल्म का ट्रेलर लॉन्च होते ही विवादों का बवंडर शुरू हो गया था। फिल्म पर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के गंभीर आरोप लगे। कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
View this post on Instagram
मामला अदालत तक भी पहुंचा, जहां केरल हाईकोर्ट में फिल्म के टाइटल से ‘केरल’ शब्द हटाने और इसकी रिलीज रोकने के लिए याचिकाएं दाखिल की गईं। कानूनी खींचतान के बीच सिंगल बेंच ने फिल्म की रिलीज पर रोक (स्टे) लगा दी थी, लेकिन निर्माताओं के लिए राहत की खबर तब आई जब डिवीजन बेंच ने 27 फरवरी को इसे हरी झंडी दे दी।
सेंसर बोर्ड ने भी थे कट के सुझाव
सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म को ‘UA 16+’ सर्टिफिकेट देने के साथ ही कई कट और बदलावों के सुझाव दिए थे। इन तमाम बाधाओं के बावजूद निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कमाख्या नारायण सिंह अपने रुख पर कायम रहे और फिल्म को सच्चाई पर आधारित घटना बताया।

फिल्म की कहानी इस बार और भी अधिक आक्रामक और सीधे संवाद वाली नजर आती है। फिल्म तीन ऐसी लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो उच्च शिक्षा के सपने लेकर केरल पहुंचती हैं। वहां उन्हें प्यार, शादी और झूठे वादों के एक मायाजाल में फंसाया जाता है, जिसका अंतिम लक्ष्य जबरन धर्म परिवर्तन होता है। फिल्म की टैगलाइन ‘इस बार सहेंगे नहीं… लड़ेंगे’ स्पष्ट रूप से इसके इरादे जाहिर करती है कि, यह केवल पीड़ित होने की कहानी नहीं, बल्कि प्रतिरोध और जागरूकता का संदेश है। फिल्म में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया, ऐश्वर्या ओझा, सुमित गलावत और अर्जन सिंह औजला जैसे युवा कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं, जिनके अभिनय की सराहना की जा रही है।
बॉक्स ऑफिस एक्सपर्ट्स का मानना है कि, फिल्म को मिल रहा ‘बेटियों की सुरक्षा’ का नैरेटिव और प्रभावशाली हस्तियों का समर्थन इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकता है। होली की छुट्टियों के बाद आने वाले वीकेंड पर फिल्म की कमाई में एक और बड़े उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, फिल्म को लेकर समाज दो धड़ों में बंटा हुआ है, एक वर्ग इसे कड़वी सच्चाई और जागरूकता का जरिया मान रहा है, तो दूसरा इसे एजेंडा आधारित फिल्म बताकर इसकी आलोचना कर रहा है।
इसे भी पढ़ें-बॉक्स ऑफिस पर ‘द केरला स्टोरी 2’ की मजबूत पकड़, 4 दिनों में वसूला आधा बजट



