सीएम धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, रखी ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला

देहरादून। देवभूमि में विकास और रोजगार की बयार एक साथ देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जहां 63 युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा दिया। वहीं 62 करोड़ रूपये के ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी, जो शहरी विकास के नए युग की शुरुआत है। जीपीएस युक्त कूड़ा गाड़ियों और कचरा मुक्त शहरों के संकल्प के साथ सरकार अब 9 नवंबर तक राज्य को ‘लीगेसी वेस्ट से पूरी तरह मुक्त करने के मिशन पर काम कर रही है।

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 युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन स्पष्ट है कि, उत्तराखंड को स्वच्छता के क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनाया जाए और इसी कड़ी में पालिका केंद्रीकृत सेवा के तहत चयनित इन 63 अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि इन नियुक्तियों में महिला शक्ति का भी प्रभावशाली दबदबा देखने को मिला क्योंकि मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से 10 महिला सफाई निरीक्षकों को भी नियुक्ति पत्र सौंपे।

CM Dhami

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि ये नवनियुक्त सफाई निरीक्षक केवल कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड की स्वच्छता क्रांति के असली सिपाही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इनकी नियुक्ति से निकायों की कार्यक्षमता में आशातीत वृद्धि होगी और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ होंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, उनकी सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे पर पूरी तरह अडिग है और पिछले चार वर्षों के कार्यकाल में लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी नौकरियों के माध्यम से स्वावलंबी बनाया गया है।

पूरे साल आते हैं पर्यटक

उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक और आध्यात्मिक महत्ता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पूरे साल देश-दुनिया से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी तांता लगा रहता है। वर्तमान में चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है और भविष्य में साल 2027 में महाकुंभ जैसा विशाल आयोजन भी देवभूमि की पावन धरती पर संपन्न होना है। ऐसी स्थिति में हमारे शहरों और पावन तीर्थस्थलों की शुचिता और स्वच्छता को बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती है।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त निरीक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करें ताकि विश्व भर से आने वाले श्रद्धालु उत्तराखंड की दिव्यता के साथ-साथ यहां की स्वच्छता का संदेश भी अपने साथ लेकर वापस जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नई नियुक्तियों से नगर निकायों की भूमिका और अधिक प्रभावी हो जाएगी, जो कि तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

डेढ़ साल में बनेगा भवन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय के जिस नए भवन का शिलान्यास किया, वह अत्याधुनिक और हरित तकनीक पर आधारित होगा। लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन अगले डेढ़ साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। इस नए परिसर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां शहरी विकास विभाग के साथ-साथ स्मार्ट सिटी और उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी के कार्यालय भी एक ही छत के नीचे संचालित होंगे, जिससे विभागीय समन्वय में आसानी होगी और कार्यों में तेजी आएगी। प्रशासनिक सुधार की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि एकीकृत कार्यालय होने से जनता की फाइलों का निपटारा भी शीघ्रता से हो सकेगा।

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शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा ने नियुक्तियों में हुई देरी और भविष्य की ठोस कार्ययोजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि इन सफाई निरीक्षकों का चयन लोक सेवा आयोग के माध्यम से काफी समय पहले ही संपन्न हो गया था, लेकिन कानूनी अड़चनों और मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण नियुक्तियां रुकी हुई थीं। अब न्यायालय से मामला निस्तारित होने के बाद सरकार ने बिना समय गंवाए इन सभी को नियुक्ति पत्र सौंप दिए हैं। सचिव ने स्पष्ट किया कि इन सभी निरीक्षकों के लिए एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम भी तैयार कर लिया गया है, जिसके बाद इन्हें सीधे ग्राउंड जीरो पर तैनात किया जाएगा ताकि ये धरातल पर बदलाव ला सकें।

हाईटेक तरीके से चलेगा स्वच्छता अभियान

स्वच्छता अभियान को हाई-टेक बनाने की दिशा में विभाग ने तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सचिव नितेश झा के अनुसार, पिछले एक साल के भीतर प्रदेश के नगर निकायों को कूड़ा उठाने के लिए जीपीएस इनबिल्ड 250 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे कूड़ा उठान की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

अगले दो महीनों में 150 और गाड़ियां तथा आगामी 6 महीनों में 500 अतिरिक्त गाड़ियां निकायों को दी जाएंगी, जिससे प्रदेश के सभी नगर निगमों और निकायों में शत-प्रतिशत कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश के तमाम निकायों में 72 पार्क विकसित किए जा चुके हैं, जिनसे एक लाख 30 हजार वर्ग मीटर ग्रीन स्पेस तैयार हुआ है। 31 मार्च से पहले 32 और पार्क स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।

साझा किया रोडमैप

इस दौरान प्रदेश में मौजूद कचरे के पहाड़ों यानी लीगेसी वेस्ट को पूरी तरह समाप्त करने का रोडमैप भी साझा किया। सचिव ने बताया कि पिछले एक साल में निकायों में मौजूद 25 लाख मीट्रिक टन पुराने कूड़े में से 45 फीसदी का सफलतापूर्वक निस्तारण कर लिया गया है। सरकार ने संकल्प लिया है कि आगामी 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस से पहले प्रदेश को पूरी तरह से लीगेसी वेस्ट से मुक्त कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हर शहर में पथ प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 15 योजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें से 8 को मंजूरी मिल चुकी है और शेष 7 को मार्च के अंत तक स्वीकृति मिल जाएगी। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य उत्तराखंड को न केवल स्वच्छ, बल्कि आधुनिक और सुंदर राज्य के रूप में स्थापित करना है।

 

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