
स्विट्जरलैंड की धरती पर इतिहास रचने की कोशिश हो रही है। अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से चली आ रही तनातनी और दुश्मनी को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रविवार और सोमवार को स्विट्जरलैंड के बर्न स्थित रिसॉर्ट बर्गेंस्टॉक में दोनों देशों के बीच दो दिनों तक गहन वार्ता हुई। इस वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे स्थायी शांति की दिशा में एक मजबूत और उम्मीद भरी शुरुआत करार दिया है। दुनियाभर की निगाहें इस वार्ता पर टिकी थीं और इसके नतीजों ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर गहरा असर डाला है।
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सकारात्मक प्रगति एक बड़ी उपलब्धि
अमेरिका की तरफ से इस वार्ता में मुख्य वार्ताकार की भूमिका निभाने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता समाप्त होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि, दोनों देशों ने एक सफल अंतिम समझौते के लिए बहुत अच्छी नींव रखी है। उन्होंने स्वीकार किया कि बातचीत के दौरान थोड़ी धमकी भी थी और थोड़ी शिकायत भी, लेकिन दिन के अंत में बातचीत जारी रही और दोनों पक्षों ने काफी प्रगति की।

वेंस का यह बयान इस मायने में अहम है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव को देखते हुए किसी भी सकारात्मक प्रगति को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेंस ने यह भी बताया कि, तेहरान परमाणु निरीक्षकों को अपने यहां आने की अनुमति देने पर सहमत हो गया है। यह एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था। इसके अलावा विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को संभालने और युद्धविराम का प्रबंधन करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी है।
पेट्रोकेमिकल निर्यात में छूट
इस वार्ता में ईरान के लिए कई बड़ी और राहत देने वाली उपलब्धियां हासिल हुई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि, तेहरान ने तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात के लिए छूट हासिल कर ली है। विदेशों में फ्रीज की गई कुछ ईरानी संपत्तियों को रिलीज करने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा ईरान के लिए एक पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू करने की मंजूरी भी मिली है। यह ईरान की जनता के लिए बेहद राहत की खबर है जो वर्षों से अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रही है।

फ्रीज संपत्तियों के मुद्दे पर जेडी वेंस ने कहा कि, अमेरिका ऐसी प्रक्रिया बनाना चाहता है, जिससे इन संपत्तियों का फायदा सीधे आम ईरानियों को हो। यह बयान इस बात का संकेत है कि, अमेरिका ईरान की सरकार और वहां की जनता के बीच फर्क करते हुए आगे बढ़ना चाहता है।
वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान और कतर ने बताया कि, दोनों पक्षों ने पिछले हफ्ते हुए अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाते हुए 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समझौते की दिशा में एक ठोस रोडमैप पर सहमति जताई है। यह रोडमैप कई अहम मुद्दों को समेटे हुए है। लेबनान में जारी लड़ाई को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए एक संचार लाइन खोलने पर भी सहमति बनी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अहम
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव कम होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।

वार्ता के तुरंत बाद अमेरिका ने एक बड़ा और व्यावहारिक कदम उठाते हुए ईरान के तेल उत्पादों पर लगा प्रतिबंध दो महीने के लिए हटा लिया। अमेरिकी वित्त विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि 60 दिनों के लिए एक अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया गया है, जिसके तहत ईरानी तेल के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अनुमति दी गई है। यह कदम इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका इस वार्ता को लेकर गंभीर है और वह शब्दों के साथ-साथ ठोस कार्रवाई भी करने को तैयार है।
तीन मुद्दों पर हुई चर्चा
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने भी वार्ता को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में दो दिनों तक चली शांति वार्ता के दौरान एमओयू से जुड़े उन मुद्दों पर विस्तार से बात हुई जिनके आधार पर अंतिम समझौते के लिए आगे की वार्ता शुरू होगी। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेबनान में युद्ध रोकना, ईरान की फ्रीज संपत्तियां रिलीज करना। कुल मिलाकर स्विट्जरलैंड में हुई यह वार्ता अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।
दशकों की दुश्मनी, अविश्वास और तनाव के बाद दोनों देश एक ही मेज पर बैठकर बात कर रहे हैं और ठोस नतीजों की तरफ बढ़ रहे हैं। आने वाले 60 दिन इस वार्ता की असली परीक्षा होंगे। अगर स्थायी समझौता हो जाता है तो यह न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नई और शांतिपूर्ण सुबह की शुरुआत होगी।
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