
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे उफान पर है। बीते चौबीस घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। सूबे की राजधानी लखनऊ से लेकर उन्नाव, मथुरा और रायबरेली तक हर तरफ बारिश ही बारिश दिख रही है। कहीं सड़कें तालाब में बदल गईं, तो कहीं अंडरपास में पानी भरने से वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
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मथुरा में बाइक-स्कूटी पानी में डूबीं
धार्मिक नगरी मथुरा में बारिश ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। शहर के प्रमुख अंडरपास में करीब चार फीट तक पानी भर गया, जिससे वहां से गुजर रहे दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। कई बाइक और स्कूटी सवार पानी के तेज बहाव में फंस गए और स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह बाहर निकल पाए। कुछ वाहन पूरी तरह पानी में डूब गए, जिन्हें बाद में क्रेन की मदद से निकाला गया।

नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर बारिश के आगे बेबस नजर आई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि, हर साल मानसून में यही स्थिति दोहराई जाती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता है। बाजारों और मंदिरों के आसपास के इलाकों में भी जलभराव के चलते श्रद्धालुओं और व्यापारियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
लखनऊ-उन्नाव में सड़कें तालाब बनी
राजधानी लखनऊ में भी बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। शहर की कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर इतना पानी भर गया कि वे तालाब जैसी दिखने लगीं। इससे सुबह के व्यस्त समय में दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में वाहन धीमी गति से रेंगते नजर आए तो कुछ जगह लंबा जाम भी लगा।
पड़ोसी जिले उन्नाव में भी हालात कमोबेश ऐसे ही रहे। यहां भी निचले इलाकों की सड़कें पानी में डूब गईं और घरों के आसपास जलभराव की शिकायतें सामने आईं। नगर निकाय की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी के प्रयास में जुटी रहीं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते राहत कार्यों में बाधा आती रही।
रायबरेली में स्कूलों में हुआ अवकाश
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रायबरेली जिला प्रशासन ने आज सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि, लगातार हो रही बारिश और सड़कों पर भरे पानी को देखते हुए यह फैसला एहतियातन लिया गया है, ताकि स्कूल बसों और बच्चों को किसी तरह की परेशानी या हादसे का सामना न करना पड़े।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी इसी तरह के एहतियाती कदम उठाए जाने की खबरें हैं। अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, बारिश के मौसम में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां सड़कों पर पानी भरा हुआ है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से मानसून की सक्रियता प्रदेश में बनी हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों ने आम लोगों से अपील की है कि, जब तक बहुत जरूरी न हो, अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले इलाकों में जाने से परहेज करें। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारियों पर सवाल
हर साल की तरह इस बार भी मानसून की पहली भारी बारिश ने नगर निकायों की तैयारियों की पोल खोल दी है। शहरों में जल निकासी व्यवस्था की खामियां एक बार फिर सतह पर आ गई हैं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि हर साल करोड़ों रुपये नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर खर्च किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रहती है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक बारिश के चलते अस्थायी जलभराव की स्थिति बनी है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। नगर निगम की टीमें जगह-जगह पंप लगाकर पानी निकालने के काम में जुटी हुई हैं।
आम जनजीवन पर असर
बारिश के चलते आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। दफ्तर जाने वाले लोगों को देरी का सामना करना पड़ा, वहीं छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी जलभराव के चलते बाधित रही, जिससे यात्रियों को निजी वाहनों या पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि जलभराव के बाद मौसमी बीमारियों और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
कुल मिलाकर, मानसून की यह बारिश जहां भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त भी कर गई है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और आम जनता, दोनों के लिए सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है।
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