
लखनऊ। छह महीने के भीतर एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार की भर्ती प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के माध्यम से 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल किया है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का यह सिलसिला अगले दिन पुलिस विभाग और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक जा पहुंचा। तीनों ही कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने स्वयं नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
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देखें जॉब कलेंडर का आंकड़ा
आंकड़े इस जॉब कैलेंडर की गति को दर्शाते हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां संपन्न हुईं। इसके अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चुने गए 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस तरह चार दिनों में कुल नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 तक जा पहुंचा।
पहले दिन 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति
19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर व प्रवक्ता के साथ-साथ एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चुने गए युवा भी शामिल थे।

अगले ही दिन पुलिस विभाग के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं, जिनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पद शामिल रहे।
5,297 हुआ आंकड़ा
मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चार दिनों का तीसरा और सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चुने गए 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति दी गई। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) और 2,372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष हैं।
पारदर्शी भर्ती का भी दिया संदेश
लगातार आयोजित हो रहे इन नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती व्यवस्था का संदेश भी दे रही है।

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि, नियुक्ति के बाद किसी शिक्षक से रुपये मांगे जाने की शिकायत आई तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी काबिलियत के आधार पर ही नौकरी मिलनी चाहिए।
अब एक लाख का लक्ष्य
सरकार के अनुसार बीते नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब आगामी छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुलिस और होमगार्ड सहित विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार अभियान का हिस्सा हैं।
चार दिनों में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां इस जॉब कैलेंडर की शुरुआती झलक भर हैं। आने वाले छह महीनों में विभिन्न विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को और आगे बढ़ाया जाएगा।
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