शेयर बाजार: इस कंपनी ने एक महीने में डबल किया निवेशकों का पैसा, 5 साल से झेल रही थी घाटा

मुंबई।  शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जो उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है, उसके बीच सॉफ्टवेयर सेक्टर की कंपनी रैमको सिस्टम्स के शेयरों ने निवेशकों के बीच जबरदस्त हलचल मचा दी है। दिलचस्प बात यह है कि, 30 जून को जब देश की बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर भारी बिकवाली के दबाव में लगातार टूट रहे थे, ठीक उसी समय रैमको सिस्टम्स का शेयर इस गिरावट से बिल्कुल अलग दिशा में चलते हुए सुबह के कारोबार में 7 फीसदी से ज्यादा उछलकर 850 रुपये के स्तर तक जा पहुंचा।

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और तो और, बीते सिर्फ एक महीने के भीतर ही इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को करीब 90 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न देकर लगभग उनका पैसा डबल करने के करीब पहुंचा दिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि कंपनी पांच साल लंबे घाटे के दौर के बाद आखिरकार मुनाफे में लौट आई है, जिसकी वजह से निवेशकों ने इस शेयर को जमकर खरीदा और इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी बढ़ गया।

52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचा भाव

रैमको सिस्टम्स के शेयरों में बीते कुछ दिनों से लगातार तेजी का माहौल बना हुआ है। 29 जून को भी बाजार में मौजूद सुस्ती और कमजोरी के बावजूद इस शेयर ने बड़ी छलांग लगाई थी, जिसकी बदौलत यह अपने 52 हफ्ते के नए शिखर स्तर पर पहुंच गया था। इसके अगले ही दिन यानी 30 जून को सुबह करीब 10:15 बजे यह स्टॉक 7.37 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 850 रुपये के भाव पर कारोबार करता दिखा।

Ramco Systems, a software sector company

आम निवेशकों के लिए यह बात समझना बेहद जरूरी है कि जिस वक्त बाजार के बड़े-बड़े हैवीवेट शेयर लगातार गिर रहे हों, उस समय इस तरह के स्टॉक्स में दिखने वाली तेजी पूरे पोर्टफोलियो को संभालने में काफी मददगार साबित होती है। इस शेयर में खरीदारों की लगातार बढ़ती दिलचस्पी ने इसकी कुल मार्केट वैल्यूएशन में भी अचानक एक बड़ा उछाल ला दिया है, जो इस बात का साफ संकेत है कि बाजार को इस कंपनी के भविष्य पर भरोसा बढ़ता जा रहा है।

निवेशकों का बढ़ा भरोसा

इस शेयर में आई इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य कारण कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजे और आने वाले समय को लेकर बेहतर होता कारोबारी आउटलुक है। रैमको सिस्टम्स मुख्य रूप से वर्ल्ड-क्लास एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स, मल्टी-टेनेंट क्लाउड सॉल्यूशन और मोबाइल आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार करने का काम करती है।

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उसने वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 में 41.84 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यहां गौर करने वाली खास बात यह है कि साल 2021 यानी FY21 के बाद यह पहला मौका है जब कंपनी लगातार चल रहे घाटे से पूरी तरह बाहर निकलकर मुनाफे की राह पर लौटी है। लंबे इंतजार के बाद मिली इस कामयाबी ने निवेशकों का कंपनी पर भरोसा एक बार फिर से मजबूत कर दिया है, जिसका सीधा असर शेयर की कीमत पर साफ देखा जा सकता है।

दबाव में शेयर बाजार

जिस वक्त रैमको सिस्टम्स का शेयर बाजार में रॉकेट की रफ्तार से ऊपर भाग रहा था, ठीक उसी समय पूरे शेयर बाजार का माहौल काफी कमजोर और दबाव भरा बना हुआ था। 30 जून को सुबह करीब 10:25 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 0.34 फीसदी यानी करीब 55 अंकों की कमजोरी के साथ 23,892 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

इसी तरह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स भी 0.15 फीसदी यानी 109 अंक की गिरावट के साथ 76,615 के स्तर पर आ गया था। हालांकि कारोबार के दौरान बाद में इंडेक्स में थोड़ी रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन आईटी सेक्टर में बनी कमजोरी की वजह से पूरे बाजार पर दबाव बना रहा।

बिकवाली का दबाव दिखा

भारतीय आईटी सेक्टर के लिए 30 जून का दिन काफी निराशाजनक साबित हुआ। दिलचस्प बात यह है कि, इससे ठीक एक दिन पहले यानी 29 जून को अमेरिकी शेयर बाजारों में, खासकर टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डेक इंडेक्स में जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई थी।

Ramco Systems, a software sector company C

आमतौर पर माना जाता है कि अमेरिकी बाजार की तेजी का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है, लेकिन इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। इसके उलट भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर सुबह से ही भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और निफ्टी आईटी इंडेक्स पूरी तरह लाल निशान में चला गया। देश की सबसे बड़ी और दिग्गज आईटी कंपनियों में गिनी जाने वाली टीसीएस (TCS) और इंफोसिस (Infosys) जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

जोखिम से जुड़ा होता है शेयर बाजार

इस तरह की चौतरफा मंदी और दबाव भरे माहौल के बावजूद रैमको सिस्टम्स का शेयर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जो इस बात को साफ तौर पर दर्शाता है कि कंपनी की आंतरिक वित्तीय बुनियाद कितनी मजबूत है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि जब किसी एक स्टॉक में इस तरह का प्रदर्शन व्यापक बाजार की कमजोरी के बावजूद देखने को मिलता है, तो यह कंपनी विशेष के बुनियादी कारोबार और भविष्य की संभावनाओं में निवेशकों के बढ़ते भरोसे की निशानी मानी जाती है। हालांकि शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के साथ जुड़ा होता है, इसलिए किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले निवेशकों को अपने स्तर पर पूरी रिसर्च करनी चाहिए या वित्तीय सलाहकार की राय लेनी चाहिए।

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