क्या आपका लोन खत्म हो गया है? बैंक से ये जरूरी कागज लेना न भूलें

घर, गाड़ी या पढ़ाई का सपना पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेना आज के दौर में बेहद आम बात है, लेकिन जब सालों की मेहनत के बाद लोन की आखिरी किस्त यानी ईएमआई कटती है, तो जो सुकून और राहत महसूस होती है, उसकी बात ही अलग होती है। मन से जैसे एक बड़ा बोझ उतर जाता है, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों की मानें तो लोन की अंतिम किस्त चुकाना ही पूरी तरह से फुर्सत वाला नहीं होता। अगर इस खुशी के मौके पर आप कुछ जरूरी दस्तावेज बैंक से लेना भूल जाते हैं, तो भविष्य में प्रॉपर्टी बेचने, गाड़ी ट्रांसफर करने या दोबारा लोन लेने के दौरान आपको बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि, लोन पूरी तरह चुकता करने के बाद बैंक से कौन-कौन से पांच सबसे अहम दस्तावेज तुरंत ले लेने चाहिए।

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बड़ी भूल हो सकती है

आमतौर पर लोग लोन खत्म होते ही राहत की सांस लेकर बैंक से जुड़े कागजी कामों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि, आगे चल कर यही सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है।

Bank Loan Closure

अगर समय रहते जरूरी दस्तावेज न लिए जाएं, तो भविष्य में प्रॉपर्टी बेचते समय खरीदार एनओसी की मांग कर सकता है या नए लोन के आवेदन के दौरान पुराना लोन सिस्टम में चालू दिखाई दे सकता है। यही वजह है कि, लोन बंद होते ही बैंक जाकर सभी जरूरी कागजात हासिल कर लेना और उन्हें सुरक्षित रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनओसी)

लोन बंद होने के बाद बैंक से मिलने वाला सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है नो ड्यूज सर्टिफिकेट यानी एनओसी। यह प्रमाण पत्र इस बात का आधिकारिक और कानूनी सबूत होता है कि, उधारकर्ता ने बैंक का पूरा बकाया चुकता कर दिया है। अब उस पर बैंक की किसी भी तरह की देनदारी बाकी नहीं है। भविष्य में प्रॉपर्टी या वाहन बेचते समय यह दस्तावेज सबसे पहले मांगा जाता है, इसलिए इसे लोन बंद होने के तुरंत बाद हासिल कर लेना चाहिए और अपने पास संभाल कर रख देना चाहिए।

अपने जमा किए गए मूल दस्तावेज

अगर होम लोन या मॉर्गेज लोन लिया गया था, तो बैंक ने सुरक्षा के तौर पर प्रॉपर्टी से जुड़े मूल दस्तावेज जैसे सेल डीड, टाइटल डीड और एग्रीमेंट अपने पास जमा करवाए होंगे। लोन बंद होते ही बैंक से ये सभी मूल कागजात वापस ले लेना चाहिए। इसके साथ ही यह भी अच्छी तरह जांच लेना चाहिए कि, इनमें कोई पन्ना गायब न हो या किसी तरह से फटा या क्षतिग्रस्त न हो, क्योंकि यही दस्तावेज आगे चलकर प्रॉपर्टी से जुड़े हर लेन-देन का आधार बनते हैं।।

साइन किए हुए खाली चेक

लोन देते समय बैंक अक्सर ग्राहकों से सुरक्षा के तौर पर पहले से हस्ताक्षरित खाली चेक यानी पोस्ट-डेटेड चेक जमा करवा लेते हैं। लोन पूरी तरह चुकता हो जाने के बाद इन सभी चेकों को बैंक से वापस लेना बेहद जरूरी है। ऐसा न करने पर भविष्य में इन चेकों के दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है, इसलिए इन्हें वापस जरूर ले लेना चाहिए।

लोन अकाउंट क्लोजर स्टेटमेंट

बैंक से एक आधिकारिक लोन क्लोजर स्टेटमेंट लेना भी उतना ही जरूरी है। इस दस्तावेज में स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि, उधारकर्ता का लोन खाता पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अब उस पर कोई बकाया राशि शेष नहीं है। भविष्य में किसी भी तरह के वित्तीय विवाद या गलतफहमी से बचने के लिए यह दस्तावेज एक पुख्ता और भरोसेमंद सबूत का काम करता है।

सिबिल स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट की जांच

लोन चुकता करने के बाद 30 से 45 दिनों के भीतर अपनी सिबिल यानी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करनी चाहिए। ऐसा करके ये सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि, बैंक ने लोन बंद होने की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को सही समय पर भेज दी है और वहां लोन की स्थिति क्लोज्ड दिखाई दे रही है। अगर यह अपडेट समय पर नहीं होता, तो भविष्य में नया लोन लेते समय क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है, जिससे आवेदन में रुकावट आ सकती है।

ये दस्तावेज न लेने पर क्या हो सकता है नुकसान

वित्तीय जानकारों के अनुसार अगर उधारकर्ता लोन बंद होने के बाद ये जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं लेते, तो आगे चलकर कई तरह की परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। प्रॉपर्टी बेचते समय एनओसी न होने पर खरीदार सौदा टाल सकता है या पूरी प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

Bank Loan Closure

इसी तरह अगर सिबिल रिकॉर्ड में पुराना लोन एक्टिव दिखाई दे रहा हो, तो नया लोन लेने में भी दिक्कत आ सकती है। मूल दस्तावेज समय पर न लेने की स्थिति में बैंक शाखा बदलने, दस्तावेजों के गुम होने या रिकॉर्ड अपडेट न होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, जिन्हें सुलझाने में बाद में काफी समय और मेहनत लग सकती है।

क्या कहते हैं वित्तीय सलाहकार

वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि, लोन की अंतिम किस्त चुकाने के तुरंत बाद उधारकर्ता को बैंक जाकर सभी दस्तावेज ले लेने चाहिए और इन्हें एक सुरक्षित फाइल में संभाल कर अपने पास रख लेने चाहिए। इसके साथ ही हर दस्तावेज की एक-एक फोटोकॉपी या डिजिटल स्कैन कॉपी भी अपने पास रखना चाहिए। ऐसे सुरक्षा के लिहाज से करना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।

लोन की आखिरी ईएमआई चुकाना निश्चित रूप से राहत और खुशी का पल होता है, लेकिन इस खुशी में जरूरी दस्तावेजों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। नो ड्यूज सर्टिफिकेट, मूल संपत्ति दस्तावेज, हस्ताक्षरित खाली चेक, लोन क्लोजर स्टेटमेंट और अपडेटेड सिबिल स्कोर, ये पांचों दस्तावेज न सिर्फ भविष्य में होने वाले वित्तीय लेन-देन को आसान बनाते हैं, बल्कि किसी भी तरह के कानूनी या वित्तीय विवाद से भी बचाव करते हैं।

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