
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने सूबे की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का मुद्दा उठाकर सियासी हलचल तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) उत्तर प्रदेश को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में मौजूद फर्जीवाड़े को दुरुस्त करने की मांग की है। सपा का आरोप है कि प्रदेश की मतदाता सूचियों में बड़ी संख्या में मृतकों, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, जो एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की राह में बड़ी बाधा हैं।
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रायबरेली और झांसी में सामने आई बड़ी गड़बड़ियां
समाजवादी पार्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में तथ्यों और बूथ संख्या के साथ सूचियों की खामियां उजागर की गई हैं। जनपद रायबरेली की 179-हरचन्दपुर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया गया कि पोलिंग बूथ संख्या 16, 120 और 119 पर ऐसे कई मतदाताओं के नाम आज भी दर्ज हैं, जिनकी मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी है। आश्चर्यजनक रूप से, बूथ संख्या 115 पर दीपक कुमार नामक मतदाता का नाम तीन बार दर्ज मिला।
वहीं, झांसी के 222-बबीना विधानसभा क्षेत्र में धांधली के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। यहाँ पोलिंग बूथ संख्या 45 पर एक ही मतदाता ‘साधना’ का नाम पूर्ण विवरण के साथ पांच बार दर्ज पाया गया। इसी तरह अन्य बूथों पर भी एक ही व्यक्ति का नाम तीन से चार बार दर्ज होने की शिकायतें की गई हैं। सपा का कहना है कि यह केवल मानवीय भूल नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में फॉर्म-19 जमा न होने पर नाराजगी
मतदाता सूची में गड़बड़ियों के अलावा, सपा ने बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आ रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित कई जिलों में पात्र शिक्षकों के ‘फॉर्म-19’ जमा नहीं किए जा रहे हैं।
सपा नेताओं का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि नामांकन की अंतिम तिथि तक नाम शामिल करने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। इसके बावजूद, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्तर पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। सपा ने मांग की है कि संबंधित जिलाधिकारियों और सहायक रजिस्ट्रीकृत अधिकारियों को तत्काल निर्देशित किया जाए ताकि पात्र शिक्षक अपने मताधिकार से वंचित न रहें।
स्वतंत्र चुनाव के लिए सूची का शुद्धिकरण अनिवार्य
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि 2027 का सामान्य विधानसभा निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से संपन्न कराना है, तो मतदाता सूची का शुद्धिकरण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। सपा ने मांग की है कि विवाहित बेटियां जो अब अपने मायके के पते पर नहीं रहतीं और जो मतदाता क्षेत्र से अनुपस्थित हैं, उनके नाम भी तत्काल विलोपित किए जाएं।
चुनाव आयोग ने शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि आयोग इन गंभीर शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची कितनी ‘दुरुस्त’ हो पाती है।
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