
हरदोई। विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हो रहे उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई जिले के मल्लावां की पावन धरती से राज्य के सबसे लंबे और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया। लगभग 36,320 करोड़ रुपये की विशाल लागत से तैयार 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे महज एक सड़क नहीं है, बल्कि नए उत्तर प्रदेश के आर्थिक कायाकल्प का वह ग्रोथ इंजन है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे प्रयागराज के संगम तट से जोड़ रहा है।
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सपा पर हमला
हरदोई में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री ने प्रदेशवासियों को आधुनिक बुनियादी ढांचे की एक अभूतपूर्व सौगात दी। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलकर भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय कर दी।

समारोह में शुरुआत से ही माहौल में एक नई ऊर्जा दिखाई दी, जब प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर उत्तर प्रदेश की नई लाइफलाइन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष की राजनीति की काफी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि, सपा आज संसद में उन ताकतों के साथ खड़ी है जो उत्तर प्रदेश के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं और राज्य की जनता को अपमानित करती हैं।
प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि, सपा के लोग यहां की जनता से वोट लेकर दिल्ली जाते हैं, लेकिन वहां उन लोगों का सुर में सुर मिलाते हैं जो उत्तर प्रदेश को कोसते हैं। मोदी ने इसे यूपी विरोधी राजनीति करार देते हुए जनता को आगाह किया कि विकास और विनाश के बीच का अंतर अब स्पष्ट हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि, एक समय था जब उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध, माफियाराज और दंगों से होती थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थीं और अपराधी सत्ता के संरक्षण में फलते-फूलते थे, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार ने कानून के राज को यूपी की नई पहचान बना दिया है।
गंगा एक्सप्रेसवे की खूबियां गिनाईं
पीएम ने कानून व्यवस्था के इस बदलते स्वरूप को निवेश और विकास के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी को नारी विरोधी करार देते हुए यह भी याद दिलाया कि कैसे उन्होंने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया था, जो माताओं और बहनों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।
गंगा एक्सप्रेसवे की खूबियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह दौर बीत चुका है जब उत्तर प्रदेश में सड़कों के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था और चुनावों से पहले सिर्फ पत्थर लगा दिए जाते थे। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यसंस्कृति पर गर्व करते हुए कहा कि हम जिसका शिलान्यास करते हैं, समय आने पर उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे के बन जाने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी अब महज 6 से 7 घंटे की रह जाएगी, जो पहले 12 से 15 घंटे हुआ करती थी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 518 गांवों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा, जिससे किसानों को अपनी फसल बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और व्यापारियों को कम लागत में सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी।

समारोह में उपस्थित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए 2017 से पहले और बाद के उत्तर प्रदेश का विस्तृत तुलनात्मक ब्यौरा रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन ने उत्तर प्रदेश के उस अनलिमिटेड पोटेंशियल को पंख दिए हैं जो दशकों तक जातिवाद और परिवारवाद की जकड़न में फंसा हुआ था।
आस्था और समृद्धि का संगम
उन्होंने कहा कि आज यूपी देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा नेटवर्क मौजूद है। योगी आदित्यनाथ ने रक्षा गलियारे रैपिड रेल और इनलैंड वाटरवे का जिक्र करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे को आस्था और समृद्धि का संगम बताया।
तकनीकी विशिष्टताओं की बात करें तो यह एक्सप्रेसवे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यद्यपि वर्तमान में यह 6 लेन का है, लेकिन इसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है। इसकी सबसे बड़ी सामरिक विशेषता शाहजहांपुर के पास निर्मित 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) है, जहां युद्ध की स्थिति या आपातकालीन हालातों में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान सीधे लैंड कर सकेंगे।
सुरक्षा के लिहाज से पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया गया है, जो तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी करेगा और हादसों को रोकने में सहायक होगा। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और वेयरहाउस स्थापित करने की योजना पर काम तेज हो गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर लाखों रोजगार सृजित होंगे।
अब काशी पहुंचना हुआ आसान
इस ऐतिहासिक लोकार्पण का साक्षी बनने के लिए पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल देखा गया। प्रयागराज से लेकर मेरठ तक, एक्सप्रेसवे के अलग-अलग पॉइंट्स पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रायबरेली और संभल जैसे जिलों में भारी जनसमूह टीवी स्क्रीन के माध्यम से इस गौरवशाली पल से जुड़ा।

उन्नाव जिले से हजारों की संख्या में लोग बसों और निजी वाहनों के माध्यम से हरदोई के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों में इस बात की खुशी है कि अब वे न केवल संगम नगरी में स्नान कर सकेंगे, बल्कि कुछ ही घंटों में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के दर्शन करके घर वापस भी लौट सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही आज आधी रात से यह मार्ग आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की रफ्तार को एक नया आयाम मिलना निश्चित है। यह परियोजना केवल उत्तर और दक्षिण या पूरब और पश्चिम को नहीं जोड़ रही, बल्कि यह आधुनिक भारत के उस सपने को भी जोड़ रही है जहां बुनियादी ढांचा ही समावेशी विकास का आधार है।



