सदन में मुख्यमंत्री का सपा पर प्रहार, बोले- सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है महिला सशक्तीकरण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान महिला सशक्तीकरण और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि विपक्ष का इतिहास महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता और उनके अधिकारों के हनन से भरा पड़ा है।

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सीएम ने कसा तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चर्चा की शुरुआत करते हुए लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रस्ताव के गिरने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, 17 अप्रैल को लोकसभा में जब महिला आरक्षण का महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाया गया, तब समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके ने एकजुट होकर इसका विरोध किया और इसे पारित नहीं होने दिया।

CM YOGI

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा, “जो लोग काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव गिरने के बाद विपक्षी दलों ने एक-दूसरे को बधाई दी, जो उनके महिला विरोधी आचरण को दर्शाता है। सीएम ने सवाल उठाया कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, तो विपक्ष उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नीति-निर्धारण में भागीदारी देने से क्यों डर रहा है?

प्रतिनिधित्व का अधिकार

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि, वर्तमान में संसद में महिलाओं की भागीदारी मात्र 15% है और यूपी विधानसभा में यह 11-12% के करीब है। यदि 33% आरक्षण लागू होता है, तो आधी आबादी को उनका वास्तविक अधिकार मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित होना एक क्रांतिकारी कदम है, जिसे विपक्ष ने 2019 में ही रोकने की कोशिश की थी।

 भ्रष्टाचार पर लगाम से बौखलाया विपक्ष

योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि मोदी सरकार ने जब 30 करोड़ महिलाओं के जीरो बैलेंस खाते खोले, तब भी सपा और कांग्रेस ने इसका मजाक उड़ाया था। उन्होंने याद दिलाया कि, पहले की सरकारों में योजनाओं का पैसा बिचौलिये और कमीशनखोर खा जाते थे, लेकिन डीबीटी (Direct Benefit Transfer) ने इस भ्रष्टाचार को खत्म कर दिया। कोविड काल में जब सीधे खातों में पैसा पहुंचा, तब भी विपक्ष ने भ्रम फैलाने की कोशिश की।

स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि 2014 में शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान केवल सफाई का अभियान नहीं था, बल्कि वह करोड़ों महिलाओं के सम्मान की रक्षा का अभियान था। उन्होंने सपा शासन पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले महिलाएं खुले में शौच के लिए मजबूर थीं और सड़कों पर शोहदे उन पर छींटाकशी करते थे। सपा सरकार ने ढाई साल में मात्र 40 लाख शौचालय बनवाए, जबकि भाजपा सरकार ने डेढ़ साल में 2 करोड़ से अधिक शौचालय बनवाकर महिलाओं को सुरक्षा और गरिमा प्रदान की।

 महिलाओं को मिल रहा आवास और मालिकाना हक 

सीएम योगी ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यूपी में 65 लाख आवास बने हैं, जिनमें से अधिकांश का मालिकाना हक महिलाओं को दिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस योजना का भी विरोध किया था क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि गरीब महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘घरौनी’ (स्वामित्व योजना) के माध्यम से एक करोड़ से अधिक महिलाओं को उनके घर का कानूनी अधिकार मिला है।

2017 के बाद बदला उत्तर प्रदेश 

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी में नारा था ‘देख सफाई, बिटिया घबराई’। पश्चिमी और मध्य यूपी में असुरक्षा के कारण बेटियां स्कूल-कॉलेज नहीं जा पाती थीं। भाजपा सरकार आने के बाद महिला कार्यबल की भागीदारी 13% से बढ़कर 36% हो गई है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में बलात्कार के मामलों में 67%, हत्या में 45% और दहेज मृत्यु में 19% की कमी आई है।

 श्राप से शापित है इंडी गठबंधन- योगी

सपा पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने 1995 के ‘स्टेट गेस्ट हाउस कांड’ की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जिस दल ने प्रदेश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री को अपमानित करने का प्रयास किया हो, वह महिला सम्मान की बात कैसे कर सकता है? उन्होंने कहा, आप सभी महिलाओं के श्राप से शापित हैं। उन्होंने बदायूं और बुलंदशहर की पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए सपा नेताओं के पुराने बयानों की आलोचना की।

तीन तलाक और शाहबानो प्रकरण कि याद दिलाई

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया और कहा कि शाहबानो केस में घुटने टेकने वाली मानसिकता ने ही महिलाओं के साथ अन्याय की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार ने ‘तीन तलाक’ के खिलाफ कानून बनाया, तो सपा-कांग्रेस ने इसका विरोध किया क्योंकि वे देश को ‘कठमुल्ला व्यवस्था’ की ओर ले जाना चाहते थे।

गिरगिट की तरह रंग बदलता विपक्ष

सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि इनके आचरण को देखकर गिरगिट भी शर्मा जाए। दिल्ली में महिला आरक्षण का विरोध करने वाले ये लोग लखनऊ आते ही महिला हितैषी होने का ढोंग करने लगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की जनता और आधी आबादी अब इनके असली चेहरे को पहचान चुकी है।

 

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