फिर गरमाया सदन का तापमान, निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की मांग

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में राजनीतिक तापमान एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘सब्सटैंटिव मोशन’ (विशिष्ट प्रस्ताव) पेश करने का नोटिस दिया है। इस मोशन में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।

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स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही

यह घटना 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में हुई, जिसने सदन में हंगामा और विपक्षी सांसदों के विरोध को जन्म दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। डॉ. निशिकांत दुबे, जो झारखंड के गोड्डा से सांसद हैं, ने अपने मोशन में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि, राहुल गांधी सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, USAID जैसी विदेशी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और देश-विरोधी ताकतों से जुड़े हुए हैं। दुबे ने कहा, राहुल गांधी सोरोस जैसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं, जो भारत को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग

निशिकांत दुबे

वे थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और अमेरिका जैसे देशों में जाकर इन ताकतों से संपर्क में रहते हैं, इसलिए मैंने लोकसभा के नियम 352(5) और 353 के तहत उनका मोशन पेश किया है, जिसमें उनकी सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव न लड़ने की पाबंदी की मांग की गई है। लोकसभा नियम 352(5) और 353 सदन को सदस्य की सदस्यता रद्द करने या भविष्य के चुनावों में भागीदारी पर रोक लगाने की प्रक्रिया प्रदान करते हैं, यदि सदस्य के कार्य संविधान, राष्ट्रीय एकता या संसद की गरिमा के खिलाफ पाए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मोशन राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है।

वानाथी श्रीनिवासन ने राहुल पर बोला हमला

हालांकि, ऐसे मोशन को सदन में बहुमत से पारित होना पड़ता है और स्पीकर की अनुमति तथा प्रक्रियागत जांच आवश्यक होती है। अभी तक यह मोशन केवल नोटिस के रूप में दिया गया है और इसकी बहस या स्वीकृति पर आगे की कार्यवाही स्पीकर के फैसले पर निर्भर करेगी। यह मोशन राहुल गांधी के हालिया बयानों और लोकसभा में उनकी सक्रियता के संदर्भ में आया है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर अनावश्यक विवाद खड़े कर रहे हैं।

विशेष रूप से, पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा या गलवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उनके बयानों को लेकर विवाद हुआ था, जिससे सदन में हंगामा मचा। इस बीच, भाजपा की वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महिला मोर्चा की पूर्व प्रमुख वानाथी श्रीनिवासन ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

रचनात्मक राजनीति पर ध्यान दें राहुल

चेन्नई में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति करना बंद करना चाहिए और इसके बजाय रचनात्मक राजनीति पर ध्यान देना चाहिए। वानाथी ने कहा, राहुल गांधी, जिन्हें जनता ने पहले ही नकार दिया है, लोकसभा में अराजकता फैला रहे हैं। राजनीति में हजारों काम हैं, लेकिन वे जानबूझकर देश की सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। इससे उनका विपक्षी नेता का पद भी खतरे में पड़ सकता है। वानाथी श्रीनिवासन ने पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा को लेकर सदन में हुए हंगामे की कड़ी निंदा की और कहा कि कांग्रेस नेता राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि राहुल गांधी राजनीति को ऊंचा स्तर पर ले जाएं, न कि राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाएं।

सदन में बढ़ा टकराव

यह घटनाक्रम संसद के मौजूदा सत्र में भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ते टकराव का नया अध्याय है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है, जबकि भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सदन की गरिमा की रक्षा का मुद्दा बता रही है। लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने दुबे के बयानों पर तीव्र विरोध जताया, जिसके कारण सदन दो बार स्थगित हुआ।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मोशन यदि आगे बढ़ता है, तो संसद में बहस को और तेज कर सकता है। राहुल गांधी की सदस्यता पर कोई फैसला आने में समय लग सकता है, क्योंकि ऐसी प्रक्रियाएं जटिल होती हैं और न्यायिक हस्तक्षेप की संभावना भी रहती है। फिलहाल, यह घटना 2026 के बजट सत्र को और गरमाती नजर आ रही है, जहां पहले से ही कई मुद्दों पर हंगामा जारी है।

 

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