
कानपुर। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में एक हाई-प्रोफाइल दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। यह मामला अब ‘कानपुर लैंबॉर्गिनी केस’ के नाम से चर्चित हो चुका है, जिसमें एक तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा की लग्जरी कार ने कई लोगों को चोट पहुंचाई। चार दिनों की तलाश और विवादों के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इसकी पुष्टि की है कि, आरोपी को उसके घर से पकड़ा गया और मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया।
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8 फरवरी को हुआ था हादसा

यह हादसा रविवार, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे ग्वालटोली थाना क्षेत्र के वीआईपी रोड पर हुआ। आर्य नगर निवासी तंबाकू के बड़े कारोबारी के.के. मिश्रा (कृष्ण कुमार मिश्रा) के बेटे शिवम मिश्रा (उम्र लगभग 35 वर्ष) अपनी लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो कार से रिंग रोड पर जा रहे थे, तभी कार बेकाबू हो गई। हाई स्पीड और पावर के लिए जानी जाने वाली ये इटालियन स्पोर्ट्स कार ने पहले सड़क किनारे खड़े एक ऑटो और बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि, बुलेट सवार हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरे। इसके बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई और पैदल चल रहे लोगों तथा अन्य वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
छह लोग हुए घायल
हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए, जिनमें 18 वर्षीय ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (चमनगंज निवासी), जिनके पैर में गंभीर चोट आई। बुलेट सवार विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी (खलासी लाइन निवासी) और अन्य कुछ पैदल यात्री और वाहन सवार को भी चोटें आईं। घटना को सूचना जैसे ही पुलिस को मिली वह मौके पर पहुंच गई और घायलों को तुरंत उर्सला अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां सभी की हालत स्थिर बताई गई, लेकिन कुछ को गंभीर चोटें आईं।
बाउंसरों ने की नबंर प्लेट तोड़ने की कोशिश
हादसे के तुरंत बाद सड़क पर भीड़ जमा हो गई। लोग कार को घेरकर चालक को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे, तभी लैंबॉर्गिनी के पीछे चल रही एक काली SUV से 5-6 बाउंसर उतरे। उन्होंने लोगों को धक्का-मुक्की कर हटाया और कार का शीशा तोड़कर चालक को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। वे उसे तुरंत निजी अस्पताल ले गए। भीड़ ने आरोप लगाया कि बाउंसरों ने नंबर प्लेट तोड़ने की कोशिश की ताकि कार की पहचान छिपाई जा सके।
कानपुर के लैंबॉर्गिनी केस में
आरोपी पक्ष का दावा है कि कार शिवम मिश्रा नहीं, ड्राइवर चला रहा था। लेकिन सामने आए वीडियो में ड्राइविंग सीट से बाउंसरों का शिवम मिश्रा को बाहर निकालना साफ दिख रहा है। वीडियो ने दावों पर खड़े किए सवाल।@kanpurnagarpol@Uppolice pic.twitter.com/Kvw0rtKYxZ— Shyam Tiwari (@Shyamtiwariknp) February 10, 2026
सामने आया हादसे का वीडियो
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन वीडियो में कार की तेज रफ्तार और हादसे का साफ दृश्य दिख रहा है। CCTV फुटेज से भी साबित हुआ कि, कार हाई स्पीड में थी और चालक नियंत्रण खो बैठा।
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ड्राइवर ने किया सरेंडर, पुलिस के खारिज किया दावा
हादसे के बाद बड़ा विवाद इस बात पर हुआ कि, कार चला कौन रहा था। शिवम मिश्रा के पिता के.के. मिश्रा ने दावा किया कि उनका बेटा दिल्ली में इलाज करा रहा है और कार उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था। बुधवार को मोहन नामक व्यक्ति ने खुद को ड्राइवर बताते हुए सरेंडर करने की कोशिश की और कहा कि हादसे के समय वह गाड़ी चला रहा था, लेकिन कानपुर पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस कमिश्नर और जांच टीम ने CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा, फॉरेंसिक सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर स्पष्ट किया कि, हादसे के समय शिवम मिश्रा ही ड्राइवर की सीट पर थे। पुलिस ने कहा कि सबूतों से यह साफ है कि शिवम ही कार चला रहे थे। मोहन के सरेंडर आवेदन को कोर्ट ने भी खारिज कर दिया। एक घायल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक ने ग्वालटोली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर हिट एंड रन, लापरवाही से गाड़ी चलाना, जानलेवा हमला जैसे धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
चार दिन फरार रहने के बाद आज 12 फरवरी को पुलिस ने शिवम मिश्रा को छह बंगलिया रोड स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि, उन्हें अस्पताल से पकड़ा गया, लेकिन आधिकारिक तौर पर घर से ही गिरफ्तारी दिखाई गई है। गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
सीएम योगी ने दिए थे सख्त कार्रवाई के निर्देश
शिवम के वकील नरेंद्र कुमार यादव ने दावा किया कि, उनका मुवक्किल निर्दोष है और वह कार नहीं चला रहा था। उन्होंने जमानत की अर्जी दी, लेकिन पुलिस ने सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी को सही ठहराया। इस हादसे की खबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हुई तो उन्होंने ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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