योगी सरकार की मेगा प्लान, गोमती नगर में 245 एकड़ की जमीन पर बनेगी नई विधानसभा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नया विधानसभा भवन बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। योगी सरकार ने बजट 2026-27 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नया भवन लखनऊ के गोमती नगर स्थित सहारा समूह की पूर्व जमीन पर बनेगा, जहां से लगभग 245 एकड़ भूमि वापस ली गई है। यह जमीन पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और नगर निगम की थी, जिसे सहारा इंडिया को लीज पर दिया गया था, लेकिन लीज शर्तों के उल्लंघन के कारण लीज निरस्त कर दी गई और अब यह शासन के नियंत्रण में है।

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नगर निगम के कब्जे में है जमीन

गोमती नगर के विपुल खंड में स्थित यह 245 एकड़ का भूखंड सहारा शहर का हिस्सा था। एलडीए ने अपने हिस्से की करीब 75 एकड़ जमीन पहले ही कब्जे में ले ली थी, जबकि नगर निगम ने सितंबर 2025 में अपने हिस्से की 170 एकड़ भूमि पर कब्जा कर लिया। इस तरह कुल 245 एकड़ जमीन खाली हो गई है। शासन को जमीन की पैमाइश रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है।

विधानसभा

अधिकारियों के अनुसार, यह स्थान आवागमन, यातायात और VIP मूवमेंट के लिहाज से बेहद उपयुक्त है। यहां हेलीपैड, जलमहल, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, विशाल लॉन और क्रिकेट स्टेडियम जैसी मौजूदा सुविधाएं भी हैं, जो नए परिसर के लिए फायदेमंद साबित होंगी।बजट में 100 करोड़ का प्रावधान, कंसल्टेंट चयन प्रक्रिया शुरूबजट में नए विधानसभा भवन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करके सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि परियोजना को प्राथमिकता मिलेगी।

चयन की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शासन के निर्देश पर कंसल्टेंट (सलाहकार) कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित कंसल्टेंट जमीन का तकनीकी सर्वे, फिजिबिलिटी स्टडी, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना राजधानी लखनऊ के प्रशासनिक और शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी।वर्तमान विधान भवन 100 साल पुराना, आधुनिक जरूरतें पूरी नहींवर्तमान विधान भवन 1928 में बना है, जो अब करीब 100 साल पुराना हो चुका है।

बदलते यूपी को मिलेगी नई पहचान

विधायकों की बढ़ती संख्या, डिजिटल कार्यप्रणाली, आधुनिक सुरक्षा मानक, पार्किंग, यातायात प्रबंधन और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण नया भवन बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। नया विधान भवन पूरी तरह ‘ई-विधानसभा’ की अवधारणा पर आधारित होगा, जहां पेपरलेस कामकाज, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, हाई-सिक्योरिटी सिस्टम और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कला और इतिहास की झलक भी दिखाई देगी, जो बदलते यूपी की नई पहचान बनेगी।

योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना

यह परियोजना योगी सरकार की उन योजनाओं का हिस्सा है, जो राज्य को आधुनिक और विकसित बनाने पर केंद्रित हैं। नए विधान भवन में विधान सभा और विधान परिषद दोनों के लिए अलग-अलग चैंबर, मंत्रियों के कार्यालय, स्टाफ के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यह परिसर सत्ता का नया केंद्र बनेगा और लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र को और अधिक महत्वपूर्ण बना देगा।

एलडीए उपाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों ने बताया कि कंसल्टेंट चयन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे। हालांकि अंतिम घोषणा और निर्माण शुरू होने में अभी कुछ समय लग सकता है, लेकिन तैयारियां तेजी से चल रही हैं। यह परियोजना न केवल लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास और आधुनिकीकरण की नई मिसाल भी साबित होगी।

 

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