
मेरठ। अगर आप उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस शहर को मेट्रो और नमो भारत ट्रेन की सौगात देने वाले हैं। ताजा अपडेट पर गौर करें, तो इसका उद्घाटन 22 फरवरी 2026 को होने की संभावना है, जिससे मेरठ के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार खत्म हो जाएगा। यह परियोजना दिल्ली-मेरठ को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा के समय में काफी बचत होगी।
इसे भी पढ़ें- मेरठ में मंच पर छलके डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आंसू, भावुक होकर बोले- ‘हमने गरीबी देखी है, दर्द समझते हैं’
दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर

बता दें कि, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर कुल 82 किलोमीटर लंबा है। यह भारत का पहला ऐसा सिस्टम है जहां रीजनल रैपिड ट्रेन (नमो भारत) और मेट्रो ट्रेन एक ही ट्रैक पर चलेंगी। इसकी खासियत 180 किमी/घंटा की अधिकतम स्पीड है, जो इसे सेमी-हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट बनाती है।
इस कॉरिडोर का काम नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) द्वारा किया जा रहा है। अब तक 55 किलोमीटर का हिस्सा (न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक) पहले से ही आम जनता के लिए खुल चुका है। अक्टूबर 2023 में प्राथमिक सेक्शन (साहिबाबाद-दुहाई डिपो) का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था। उसके बाद मार्च 2024, अगस्त 2024 और जनवरी 2025 में क्रमिक विस्तार हुए।
कई महीने से चल रहा ट्रायल
इस सेक्शन पर अब तक 2.2 करोड़ से ज्यादा यात्राएं हो चुकी हैं, जो इसकी लोकप्रियता दर्शाता है। बाकी 27 किलोमीटर का हिस्सा दो भागों में बंटा है। इसमें दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग 5 किमी। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21-27 किमी है। यह हिस्सा ट्रायल रन के तौर पर कई महीनों से चल रहा है, इस रूट पर खाली ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अब सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी और अंतिम जांच पूरी हो चुकी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ पहुंचेगे और इस पूरे कॉरिडोर का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और संभवतः खुद ट्रेन में सवारी भी करेंगे। साथ ही मेरठ मेट्रो सेवा की भी औपचारिक शुरुआत होगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम मोहिउद्दीनपुर में इंटीग्रेटेड टाउनशिप क्षेत्र में होगा। यहां पीएम की एक जनसभा प्रस्तावित है।
तेज हुई तैयारियां
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यहां पीडब्ल्यूडी और विद्युत विभाग की टीमें व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रही हैं। शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन और परतापुर हवाई पट्टी का निरीक्षण किया जा रहा है, किसी भी तरह को गड़बड़ी को तुरंत दुरुस्त किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां भी एक्टिव है और पूरे कॉरिडोर की जांच कर रही हैं।
हालांकि, पीएम के कार्यक्रम की डेट को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम 22 फरवरी मेरठ आएंगे। पहले 16, 18 या अन्य तारीखें चर्चा में थीं, लेकिन अब 22 फरवरी फाइनल लग रही है।
इसे भी पढ़ें- UP Weather Update: यूपी में बदली हवा की दिशा, आगरा, अलीगढ़ और मेरठ में शीतलहरी की चेतावनी
खत्म होगी जाम की समस्या
मेरठ मेट्रो इसी RRTS इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेगी, जो भारत में पहली बार रीजनल और मेट्रो ट्रेनों का एकीकृत संचालन होगा। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक के स्टेशनों में शताब्दी नगर, बेगमपुल और अन्य इंटरमीडिएट स्टेशन शामिल हैं।
यह मेट्रो शहर के आंतरिक इलाकों को कनेक्ट करेगी, जिससे लोकल ट्रैफिक कम होगा। बता दें कि, मेरठ में मेट्रो की मांग लंबे समय से की जा रही थी। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने संसद में भी इस पर सवाल उठाए थे। अब मेरठ वासियों का ये सपना साकार हो रहा है।
क्या-क्या होंगे फायदे
समय की बचत- दिल्ली से मेरठ का पूरा सफर सिर्फ 55-60 मिनट में (पूर्व में घंटों लगते थे)।
ट्रैफिक राहत- सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी, प्रदूषण घटेगा। NCRTC के अनुसार, अब तक 25 लाख वाहन ट्रिप्स बचे हैं, 69 लाख किलो CO2 उत्सर्जन कम हुआ।
आर्थिक विकास- दिल्ली-एनसीआर से आसान कनेक्टिविटी से व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट को बढ़ावा। दिल्ली के व्यापारी मेरठ आसानी से आ-जा सकेंगे।
दैनिक यात्री सुविधा- गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम से जुड़ाव। अनुमानित दैनिक राइडरशिप 1.67 लाख।
क्षेत्रीय विकास- मेरठ तेजी से स्मार्ट सिटी बनेगा, निवेश बढ़ेगा।
यह परियोजना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की मिसाल है। लगभग 30,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये परियोजना आपने आखिरी चरण में हैं। मेरठवासियों के लिए यह न केवल एक ट्रांसपोर्ट सुविधा है, बल्कि शहर की पहचान और विकास की नई इबारत है। इस परियोजना के पूर्ण हो जाने और पीएम के उद्घाटन के बाद मेरठ से दिल्ली की दूरी काफी कम हो जाएगी।



