
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। उनके हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण केबिन में तेजी से धुआं भरने लगा। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग कराई। इस घटना से हड़कंप मच गया, लेकिन समय पर कार्रवाई से किसी को कोई चोट नहीं आई और डिप्टी सीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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प्रशासनिक हलकों में खलबली
घटना की जानकारी मिलते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत घटना की रिपोर्ट मांगी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम के कार्यालय ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और कोई गंभीर खतरा नहीं रहा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शनिवार सुबह कौशाम्बी जिले के दौरे पर जाने वाले थे। वहां उन्हें पार्टी पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करनी थी। इसके अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं का जमीनी निरीक्षण और जनसंपर्क कार्यक्रम प्रस्तावित थे। सुबह करीब 11 बजे लखनऊ के ला-मार्टिनियर ग्राउंड से उनके हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद ही यानी टेकऑफ के तुरंत बाद, हेलीकॉप्टर के केबिन में अचानक धुआं फैलने लगा।
डिप्टी सीएम के साथ मौजूद स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि, धुआं इतना तेज था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था और दृश्यता कम हो गई थी। पायलट ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर अमौसी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की टीमें अलर्ट पर तैनात कर दी गईं। हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से लैंड हुआ और सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया।
खतरनाक होता है धुआं भरना
मेडिकल टीम ने डिप्टी सीएम और अन्य लोगों की जांच की, लेकिन किसी को कोई गंभीर समस्या नहीं आई। धुआं संभवतः इंजन या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में तकनीकी फॉल्ट के कारण फैला था।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि, ऐसे मामलों में केबिन में धुआं भरना बहुत खतरनाक होता है, क्योंकि इससे पायलट की दृश्यता प्रभावित होती है और ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। पायलट ने बिना घबराए एयरपोर्ट की ओर वापसी की और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की। डिप्टी सीएम के कार्यालय ने पायलट और क्रू की बहादुरी की प्रशंसा की। घटना के बाद हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। सिविल एविएशन विभाग और राज्य सरकार की टीम जांच में जुटी है। यह जांच यह पता लगाएगी कि खराबी कहां से आई, इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम या किसी अन्य हिस्से में। राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर फ्लीट की सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा होगी।
घटना की खबर फैलते ही राजनीतिक दलों में बयानबाजी शुरू हो गई। BJP नेताओं ने इसे भगवान की कृपा बताया और डिप्टी सीएम की सुरक्षा की कामना की। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार से हेलीकॉप्टर फ्लीट की सुरक्षा पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या नियमित मेंटेनेंस नहीं हो रहा। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिससे उच्च अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
यह घटना उत्तर प्रदेश में VIP हेलीकॉप्टर यात्राओं की सुरक्षा पर नई बहस छेड़ सकती है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार VIP हेलीकॉप्टरों में तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आई हैं, जैसे 2019 में भी केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकॉप्टर तकनीकी गड़बड़ी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग कर चुका है।
डिप्टी सीएम ने रद्द किया दौरा
घटना के बाद डिप्टी सीएम का कौशाम्बी दौरा रद्द कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक और निरीक्षण अन्य माध्यमों से पूरा किया जाए। डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और जनता की सेवा में लगे रहेंगे। उन्होंने पायलट और क्रू का आभार जताया। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य BJP के प्रमुख ओबीसी चेहरों में से एक हैं और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सक्रिय हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।
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