
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में स्थित जनेश्वर इन्क्लेव उस वक्त चीख-पुकार और दहशत से दहल उठा, जब एक युवक ने ग्यारहवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह हृदयविदारक घटना गुरुवार रात की है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ कर रख दिया। मृतक की पहचान 32 वर्षीय प्रबल जैन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीतापुर के महमूदाबाद के रहने वाले थे।
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सुसाइड नोट बरामद
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें मौत की वजह सट्टेबाजी में हुआ भारी आर्थिक नुकसान बताया गया है। इस घटना ने न केवल हाई-राइज बिल्डिंगों में सुरक्षा और मानसिक तनाव के मुद्दों को गरमा दिया है, बल्कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के जानलेवा जाल की भयावहता को भी एक बार फिर सामने ला खड़ा किया है।

घटनाक्रम के अनुसार, प्रबल जैन अपनी पत्नी शिवानी के साथ जनेश्वर इन्क्लेव के फ्लैट नंबर डी-1102 में किराये पर रहते थे। यह फ्लैट ओम प्रकाश श्रीवास्तव का बताया जा रहा है। प्रबल और शिवानी की शादी को महज डेढ़ साल ही हुए थे और वे पिछले साल दिवाली के आसपास ही इस सोसाइटी में रहने आए थे। शिवानी शहर के एक नामी मॉल में ग्राउंड फ्लोर मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं।
पड़ोसियों का कहना है कि दोनों शांत स्वभाव के थे और अपनी दुनिया में ही मगन रहते थे, लेकिन किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि प्रबल के भीतर कोई मानसिक तूफान चल रहा है जो उन्हें इतना आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर देगा। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद मार्मिक और चौंकाने वाले हैं।
गुरुवार रात 8:45 बजे की घटना
आत्महत्या करने से ठीक पहले प्रबल ने अपनी पत्नी शिवानी को फोन किया था। उस फोन कॉल पर प्रबल की आवाज में हार और हताशा साफ झलक रही थी। उन्होंने शिवानी से कहा कि, वह अब जीना नहीं चाहते और सुसाइड करने जा रहे हैं। शिवानी ने बदहवास होकर उन्हें समझाने की कोशिश की, घंटों का सफर चंद मिनटों में तय करने की जद्दोजहद की और फोन पर ही उन्हें ढांढस बंधाया, लेकिन प्रबल का फैसला शायद अंतिम था। शिवानी जब तक सोसाइटी पहुंचती, तब तक प्रबल 11वीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगा चुके थे।
रात के करीब 8:45 बजे का समय था। जनेश्वर इन्क्लेव के कॉमन एरिया और पार्क में रोज की तरह हलचल थी। कुछ बुजुर्ग टहल रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर बच्चे खेल रहे थे। अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और कुछ ही पलों में वहां सन्नाटा पसर गया। जब लोग आवाज की दिशा में दौड़े, तो देखा कि एक युवक खून से लथपथ जमीन पर पड़ा है। यह दृश्य इतना भयानक था कि, वहां मौजूद बच्चों और महिलाओं में अफरातफरी मच गई।
इसी बीच शिवानी भी मौके पर पहुंच गई। अपने पति को उस हालत में देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और उनकी चीख से पूरी सोसाइटी गूंज उठी। स्थानीय निवासियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस बुलाई गई। गुडंबा इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा और बीट प्रभारी दरोगा राहुल द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने जब्त किए मोबाइल फोन
पुलिस ने गंभीर रूप से घायल प्रबल को तत्काल केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर भिजवाया, लेकिन शरीर की हड्डियां पूरी तरह टूट चुकी थीं और अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर फ्लैट नंबर डी-1102 की गहनता से तलाशी ली।
इस तलाशी के दौरान टीम को एक सुसाइड नोट मिला, जिसे अब इस पूरे केस का सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस ने प्रबल के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी कॉल डिटेल्स और ब्राउजिंग हिस्ट्री खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन सट्टेबाजों के संपर्क में थे और उन पर कितना कर्ज था।
सुसाइड नोट में प्रबल ने अपनी व्यथा व्यक्त की है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने लिखा है कि, सट्टेबाजी की लत ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। सट्टे में लाखों रुपये हारने के बाद उन पर कर्ज का बोझ बढ़ गया था, जिसे वह उतार पाने में खुद को असमर्थ पा रहे थे। आर्थिक तंगी और सट्टेबाजों के दबाव ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया था कि उन्हें मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या कोई उन्हें धमकी दे रहा था या किसी संगठित गिरोह ने उन्हें अपने जाल में फंसाया था। प्रबल का मोबाइल फोन इस मामले में कई राज खोल सकता है।
शिवानी से किया था प्रेम विवाह
प्रबल और शिवानी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म की तरह शुरू हुई थी, जिसका अंत इतना दुखद होगा, किसी ने नहीं सोचा था। दोनों की मुलाकात राजधानी के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुई थी। साथ पढ़ते-पढ़ते दोनों एक-दूसरे के करीब आए और प्रेम संबंध प्रगाढ़ होते गए। पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और करीब डेढ़ साल पहले सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह के बंधन में बंध गए। वे एक आधुनिक और स्वतंत्र जीवन जी रहे थे, लेकिन प्रबल की सट्टेबाजी की लत ने इस प्रेम कहानी का गला घोंट दिया।
इन्क्लेव में रहने वाले लोगों ने बताया कि, प्रबल और शिवांगी काफी रिजर्व नेचर के थे। वे अक्सर काम पर निकल जाते थे और पड़ोसियों से बहुत कम मेलजोल रखते थे। हालांकि, कभी किसी ने उनके बीच झगड़े या तनाव की आवाज नहीं सुनी थी। वहीं, प्रबल के पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी ने इस त्रासदी को और गहरा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि प्रबल के परिवार में पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ समय पहले उनके पिता ने भी किन्हीं कारणों से आत्महत्या की थी, जबकि उनकी मां का भी निधन पहले ही हो चुका था। इस पारिवारिक इतिहास को देखते हुए पुलिस यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि क्या प्रबल किसी गहरे अवसाद से भी जूझ रहे थे। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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