
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों अखाड़ा बनी हुई है। यहां कभी छात्र, कभी किसान, तो कभी विपक्ष तीखा प्रदर्शन कर रहा है। बुधवार 23 जून को भी जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आयोजन होना है, जिसे देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गये हैं। जंतर-मंतर के आसपास के पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
दिल्ली मेट्रो प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के 16 महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों को सुबह साढ़े सात बजे ही बंद कर दिया, और अभी तक ये नहीं बताया गया कि ये मेट्रो स्टेशन कब तक बंद रहेंगे। मेट्रो प्रशासन के इस फैसले से दफ्तर, कॉलेज और अन्य जरूरी कामों पर निकलने वाले हजारों यात्रियों को आज भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
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इन स्टेशनों को किया गया बंद
दिल्ली मेट्रो की तरफ से जारी की गई सूचना के अनुसार, जिन स्टेशनों को बंद किया गया है, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय (सेंट्रल सेक्रेटेरिएट), आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि, इनमें से राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे बड़े इंटरचेंज स्टेशनों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। यहां यात्रियों को केवल एक लाइन से दूसरी लाइन पर बदलने यानी इंटरचेंज करने की सुविधा दी जा रही है, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने या भीतर प्रवेश करने की अनुमति किसी को नहीं होगी, यानी टिकट काउंटर और गेट पूरी तरह सील हैं।
बाकी बचे 13 स्टेशन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। यहां से न तो किसी यात्री प्रवेश करने दिया जायेगा और न ही ट्रेन यहां रुकेगी। इसका सीधा मतलब है कि, इन रूटों पर सफर करने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधन या अलग रास्ता खोजना होगा।
क्यों उठाया गया यह कदम
दरअसल, जंतर-मंतर दिल्ली का वह इलाका है, जो लंबे समय से विरोध-प्रदर्शनों, धरनों और आंदोलनों का केंद्र रहा है। यह जगह संसद भवन, इंडिया गेट और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के करीब पड़ती है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी बड़ी गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियां विशेष निगरानी रखती हैं।
आज प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही राजधानी के संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में चौकसी बढ़ा दी थी। भीड़भाड़ बढ़ने, यातायात बाधित होने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के मकसद से मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का यह फैसला लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश यही है कि, प्रदर्शनकारियों की भीड़ मेट्रो के जरिए इन इलाकों में जमा न हो सके, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और आम जनजीवन पर असर कम से कम हो।
यात्रियों के लिए मुश्किल
चूंकि बंद किए गए ज्यादातर स्टेशन दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों, जैसे कनॉट प्लेस, केंद्रीय सचिवालय के आसपास के सरकारी दफ्तर, खान मार्केट जैसे बाजार क्षेत्र और आईटीओ जैसे प्रशासनिक हब में पड़ते हैं, इसलिए इसका असर बहुत बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ने वाला है। सुबह की भागदौड़ के बीच हजारों कर्मचारी और छात्र रोजाना इन्हीं स्टेशनों से मेट्रो ट्रेन के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं, लेकिन अचानक हुई इस बंदी से उन्हें काफी मुश्किल झेलनी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों और यातायात पुलिस का मानना है कि, मेट्रो सेवा बाधित होने से सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ना तय है। ऐसे में जो लोग रोजाना बस, टैक्सी, ऑटो या निजी वाहन से सफर करते हैं, उन्हें भी सामान्य से अधिक समय लग सकता है। खासकर कनॉट प्लेस और उसके आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति बनने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
घर से निकलने से पहले इन सुझावों पर करें गौर
प्रशासन और मेट्रो अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि, जिन लोगों का कार्यस्थल इन प्रभावित इलाकों के आसपास है, वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा का प्लान दोबारा से बना लिए। इसके लिए इन कुछ सुझावों पर गौर कर सकते हैं।

घर से हर दिन के अपेक्षा थोड़ा पहले निकलें, ताकि रास्ते में लगने वाले अतिरिक्त समय की वजह से गंतव्य तक पहुंचने में लेट न हों।
मेट्रो से सफर करने वाले वैकल्पिक मार्गों या अन्य परिवहन साधनों के बारे में पहले से जानकारी जुटा लें।
यात्रा शुरू करने से पहले दिल्ली मेट्रो के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट या हेल्पलाइन से ताजा स्थिति पता कर लें, क्योंकि हालात के अनुसार सूची में बदलाव भी हो सकता है।
जिन इलाकों में जाम की आशंका है, वहां से गुजरने से बचें और अगर संभव हो तो कार्यालय आने-जाने का समय थोड़ा लचीला रखें।
आपातकालीन स्थिति में नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र या यातायात नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
कब तक बंद रहेंगे स्टेशन…पता नहीं
फिलहाल अभी तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रदर्शन कब तक चलेगा और स्टेशन कब तक बंद रहेंगे। मेट्रो प्रशासन का कहना है कि, हालात सामान्य होते ही स्टेशनों को फिर से खोल दिया जाएगा और इसकी सूचना तुरंत जारी की जाएगी, लेकिन तब तक यात्रियों को धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि, राजधानी में किसी भी बड़े आंदोलन का सीधा असर आम जनजीवन, खासकर रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों पर किस हद तक पड़ता है।
प्रशासन का कहना है कि, यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका मकसद किसी भी अप्रिय घटना को रोकना तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि, वे सतर्क रहें, ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें और बिना जरूरी वजह इन इलाकों में जाने से बचें।
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