
देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) की ओर से आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होते ही पूरे प्रदेश में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है। इस वर्ष भी छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक अभिभावक और प्रदेश के मुखिया की भूमिका निभाते हुए बोर्ड के टॉपर्स से फोन पर बात की।
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अक्षत ने किया टॉप
मुख्यमंत्री ने न केवल इन मेधावियों को बधाई दी, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए राष्ट्र निर्माण का योद्धा भी बताया। मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है और इसे छात्रों के मनोबल को बढ़ाने वाला एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आज सुबह प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, रामनगर के मुख्यालय से 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित किए। नतीजों के अनुसार, हाईस्कूल में रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोपाल ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए 500 में से 491 अंक (98.2%) प्राप्त किए और पूरे प्रदेश की मेरिट सूची में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं इंटरमीडिएट में मुकाबला बेहद कड़ा रहा, जहां गीतिका पंत और सुशीला मेंदीरत्ता ने 490 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान पाकर इतिहास रच दिया।
परीक्षा परिणाम घोषित होने के कुछ ही घंटों बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पहल करते हुए मेरिट सूची में शीर्ष स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को फोन मिलाया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले 10वीं के टॉपर अक्षत गोपाल से बात की। उन्होंने अक्षत से उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछा और कहा, अक्षत, आपने अपनी मेहनत से न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। आपकी यह सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी।
गीतिका पन्त से की बात
इसके बाद सीएम धामी ने इंटरमीडिएट की टॉपर गीतिका पंत और सुशीला मेंदीरत्ता से भी बात की। मुख्यमंत्री ने दोनों छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
सीएम ने द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले आरयन और तृतीय स्थान पर रही वंशिका और योगेश जोशी से भी फोन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री की इस सहृदयता से छात्र और उनके अभिभावक भावुक नजर आए। उनके लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा था कि प्रदेश का मुखिया स्वयं उन्हें उनकी सफलता पर शाबाशी दे रहा है।
विद्यार्थियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने अनुशासन और लगन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, आप सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन से न केवल अपने परिवार और जनपद, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी विद्यार्थी भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सफलता कभी भी शार्ट-कट से नहीं मिलती, इसके लिए दिन-रात का त्याग और एकाग्रता जरूरी है।
शिक्षा विभाग को बधाई
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और पूरी शिक्षा विभाग की टीम को भी सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न कराने और समय पर पारदर्शी नतीजे घोषित करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक छात्र की सफलता के पीछे उसके गुरुओं का मार्गदर्शन और माता-पिता का बलिदान होता है। उन्होंने सफल हुए सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और जो छात्र किसी कारणवश उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं ला पाए, उन्हें निराश न होने और दोबारा दोगुनी ऊर्जा से मेहनत करने की सलाह दी।

उत्तराखंड सरकार पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार मेधावी छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे वह उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति हो या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधा, सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। इस वर्ष के परिणाम दर्शाते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी अब तकनीकी और आधुनिक शिक्षा के माध्यम से शहरी छात्रों के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा टॉपर्स को फोन करना केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं के साथ जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इससे छात्रों में यह संदेश जाता है कि उनकी मेहनत को न केवल उनके परिवार, बल्कि सरकार के उच्चतम स्तर पर भी सराहा जा रहा है। यह पहल निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के छात्रों में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक भावना और श्रेष्ठता की ललक पैदा करेगी।
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