चारधाम यात्रा: 51 क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार, इस डेट को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग। हिमालय की गगनचुंबी चोटियों के बीच बसे भगवान शिव के 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की घड़ी अब बेहद करीब आ चुकी है। जैसे-जैसे 22 अप्रैल की वह पावन तिथि नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे संपूर्ण केदार घाटी में भक्ति और उत्साह का ज्वार उमड़ रहा है। देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए अब मात्र दो दिन का समय शेष रह गया है। इस पावन अवसर को ऐतिहासिक और दिव्य बनाने के लिए केदारनाथ मंदिर परिसर को अभूतपूर्व तरीके से सजाया जा रहा है। आस्था और उल्लास के इस संगम के बीच पूरी केदारपुरी जय केदार के उद्घोष से गुंजायमान है।

इसे भी पढ़ें- केदारनाथ धाम में युद्धस्तर पर बर्फबारी की सफाई, कपाट खुलने से पहले तैयारियां तेज

ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से निकली डोली

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और केदारनाथ मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है। इस वर्ष मंदिर की सजावट के लिए ऋषिकेश और अन्य क्षेत्रों से भारी मात्रा में ताजे फूल मंगाए गए हैं। बदरी-केदार मंदिर समिति के तत्वावधान में मंदिर को करीब 51 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

Chardham Yatra

गेंदा, गुलाब और अन्य पहाड़ी फूलों की सुगंध ने पूरी केदारपुरी को एक अलौकिक सुगंध से भर दिया है। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो साक्षात देवलोक धरती पर उतर आया हो। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह के बाहरी हिस्से तक फूलों की ऐसी नक्काशी की गई है, जो आने वाले हर श्रद्धालु के मन को शांति और दिव्यता का अनुभव कराएगी।

धार्मिक परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार, भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से प्रस्थान कर चुकी है। परंपरा के अनुसार, डोली का सफर बेहद भक्तिमय होता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु नंगे पैर बाबा की डोली के साथ चलते हैं।

22 अप्रैल को 8 बजे खुलेंगे कपाट

आज यानी 20 अप्रैल को बाबा की पवित्र डोली अपने द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंचेगी। गौरीकुंड में बाबा के स्वागत के लिए स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने विशेष तैयारियां की हैं। इसके पश्चात, मंगलवार 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी और शाम तक मंदिर परिसर में पहुंचेगी।

निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार, बुधवार यानी 22 अप्रैल की सुबह ठीक 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मुख्य पुजारी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खुलने की प्रक्रिया संपन्न होगी। इस पल का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु पहले ही सोनप्रयाग और गौरीकुंड पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि इस बार यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जो उत्साह देखा जा रहा है, वह पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि, कपाट उद्घाटन की सभी तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। उन्होंने साझा किया कि मंदिर की भव्य सजावट का उद्देश्य केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करना है। जब कोई भक्त मीलों की पैदल यात्रा कर बाबा के दरबार में पहुंचता है, तो फूलों से लदे मंदिर की यह दिव्य छटा उनकी सारी थकान मिटा देती है। उन्होंने यह भी कहा कि केदारनाथ धाम में लगातार बढ़ती चहल-पहल इस बात का संकेत है कि, आगामी चारधाम यात्रा 2026 ऐतिहासिक होने वाली है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के रहने, खाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी यात्री को असुविधा न हो।

19 अप्रैल को हुआ यात्रा का आगाज

उल्लेखनीय है कि, उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक आगाज 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर हो चुका है। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए हैं, जिसके साथ ही छह महीने की यह धार्मिक यात्रा शुरू हो गई है। अब सभी की नजरें केदारनाथ और फिर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर टिकी हैं। केदारनाथ में मौसम की चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने पैदल मार्ग से लेकर धाम तक बर्फ हटाकर रास्ता सुगम बना दिया है। केदारनाथ में तैनात स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा बलों की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और ठंड एक बड़ी चुनौती होती है।

Chardham Yatra

मंदिर परिसर के चारों ओर फैले 51 क्विंटल फूलों की महक और वहां का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को एक अलग ही दुनिया में ले जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों और तीर्थ पुरोहितों में भी भारी खुशी देखी जा रही है। उनका मानना है कि बाबा के कपाट खुलने के साथ ही घाटी में रौनक लौट आती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलती है। जैसे-जैसे कपाट खुलने का समय नजदीक आ रहा है, श्रद्धालुओं की कतारें लंबी होती जा रही हैं। यह आस्था का ही प्रभाव है कि भारी ठंड और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बाद भी भक्तों का जोश कम नहीं हो रहा है।

पीएम मोदी करेंगे विशेष पूजा

22 अप्रैल की सुबह जब कपाट खुलेंगे, तो सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से विशेष पूजा संपन्न की जाएगी, जिसके बाद आम श्रद्धालु बाबा के ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। इस अलौकिक दृश्य और भक्ति के माहौल को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वर्ष 2026 की यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और व्यवस्था का एक बेजोड़ उदाहरण पेश करेगी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही पूरी केदार घाटी एक बार फिर शिव के रंग में रंग जाएगी।

 

इसे भी पढ़ें- उत्तराखंड : केदारनाथ, यमुनोत्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद

Related Articles

Back to top button