
देहरादून। नारी शक्ति वंदन अधिनियम हाल ही में सदन में बहुमत न मिलने की वजह से पास नहीं हो सका। इसे लेकर अब देश भर में राजनीति चरम है। सत्ता पक्ष और विपक्ष इसे लेकर एक दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। पहले सीएम योगी ने और अब सीएम धामी ने जन आक्रोश रैली निकाल कर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इसे भी पढ़ें- सीएम धामी ने देहरादून को दी 12 करोड़ की सौगात, कहा- पर्यटन को मिलेगी गति, रुकेगा पलायन
हजारों महिलाएं पहुंचीं परेड ग्राउंड
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में आयोजित ‘महिला जन आक्रोश रैली’ में शिरकत की है विपक्ष पर तीखा हमला बोला। इस रैली में हजारों की संख्या में पहुंची महिलाओं के हुजूम ने न केवल प्रदेश की मातृशक्ति के सरकार के प्रति विश्वास को दर्शाया, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिए भी एक बड़ा संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी इस दौरान केवल मंच तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने हजारों महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जन आक्रोश पदयात्रा में शामिल होकर जनता से सीधा संवाद किया। इस पदयात्रा के दौरान शहर की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठीं। रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के निशाने पर सीधा विपक्ष रहा, जहां उन्होंने महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए और उन्हें महिला विरोधी करार दिया।
सीएम ने किया मातृशक्ति को नमन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत मातृशक्ति को नमन करते हुए की और केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का विवरण साझा किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार दिलाने के लिए यह अधिनियम लाया गया था, ताकि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में संख्या बल के फेर में फंसाकर विपक्ष ने इस बिल की राह में रोड़े अटकाए। मुख्यमंत्री ने इसे एक बड़ा षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि विपक्ष ने जानबूझकर देश की नारी शक्ति का अधिकार छीनने का पाप किया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज की नारी अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग और जागरूक हो चुकी है और वह इस अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज अवश्य उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने मातृशक्ति को नए भारत के निर्माण का सबसे मजबूत आधार माना है। उन्होंने गिनाया कि कैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज की सोच बदली, तो वहीं उज्ज्वला योजना ने करोड़ों माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा की।
महिलाओं के लिए चल रहीं कई योजनाएं
जन धन योजना के जरिए करोड़ों महिलाओं को पहली बार बैंकिंग प्रणाली और मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया। इतना ही नहीं, ट्रिपल तलाक जैसी सदियों पुरानी कुप्रथा को समाप्त कर मुस्लिम बहनों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया गया। धामी ने कहा कि लखपति दीदी और स्टार्टअप योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने का काम किया है।
महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्तमान केंद्र सरकार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री की प्रेरणा से आज देश का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां महिलाएं नेतृत्व न कर रही हों। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री के पहले कार्यकाल में जहां 6 महिला कैबिनेट मंत्री थीं, वहीं वर्तमान मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री देश के महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाल रही हैं।
प्रदेश में सुरक्षित है बेटियों का भविष्य
उन्होंने देश की राष्ट्रपति का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार ही है जिसने एक आदिवासी समाज की बेटी को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाया। वित्त मंत्रालय जैसा अति महत्वपूर्ण विभाग निर्मला सीतारमण जैसी सक्षम महिला के हाथों में होना इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार में महिलाओं की क्षमता पर अटूट विश्वास किया जाता है।
राज्य सरकार की उपलब्धियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी केंद्र के पदचिन्हों पर चलते हुए मातृशक्ति के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को कानून बनाकर लागू किया गया है, ताकि प्रदेश की बेटियां सुरक्षित भविष्य पा सकें।

इसके अलावा, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में राज्य ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महिलाओं का सबसे बड़ा योगदान है, जिसे देखते हुए ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार के सीधे अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
महिला समूहों के उत्पादों को मिल रहा बाजार
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए बताया कि, प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि सशक्त बहना उत्सव योजना जैसे आयोजनों से महिला समूहों के उत्पादों को बड़ा बाजार मिल रहा है।
इस विशाल रैली और पदयात्रा में मुख्यमंत्री के साथ राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, रुचि भट्ट, दीप्ति रावत, नेहा जोशी, हिमानी और रश्मि रस्तोगी जैसी प्रमुख महिला नेत्रियों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं मौजूद रहीं। परेड ग्राउंड से लेकर घंटाघर तक का यह नजारा उत्तराखंड की राजनीति में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव और सरकार के प्रति उनके समर्थन की एक अमिट तस्वीर पेश कर गया।
इसे भी पढ़ें- सीएम धामी ने देहरादून को दी 12 करोड़ की सौगात, कहा- पर्यटन को मिलेगी गति, रुकेगा पलायन



