सीएम धामी ने किया मसूरी रोड पुल निर्माण का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दी 3 महीने की डेडलाइन

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और पहाड़ों की रानी मसूरी के बीच यातायात की सुगमता को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के पास निर्माणाधीन पुल का औचक स्थलीय निरीक्षण किया।

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प्रगति रिपोर्ट जांची 

यह निरीक्षण महज एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि उन हजारों स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर लेकर आया है, जो पिछले कुछ समय से इस मार्ग पर आवागमन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में किसी भी तर

Dehradun-Mussoorie Road B

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब शिव मंदिर के समीप पहुंचे, तो उन्होंने निर्माण स्थल का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से अब तक हुई प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट ली और उन कारणों पर भी चर्चा की जिनकी वजह से कार्य में देरी की आशंका हो सकती थी।

गौरतलब है कि, मानसून के दौरान हुई भारी बारिश के कारण इस पुराने पुल को काफी क्षति पहुंची थी, जिससे देहरादून और मसूरी के बीच का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने यहां युद्धस्तर पर कार्य शुरू कराया था। मुख्यमंत्री ने स्वयं धूल और निर्माण सामग्री के बीच खड़े होकर नक्शों का अवलोकन किया और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह पुल केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों की रीढ़ है।

तेजी से बन रहा वैली  ब्रिज

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जनता की सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए कहा कि देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात का दबाव बहुत अधिक रहता है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय लोग अपने कार्यालयों, स्कूलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके साथ ही, देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक भी इसी रास्ते से मसूरी की वादियों का रुख करते हैं। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने एक वैकल्पिक व्यवस्था की भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए वैली ब्रिज का निर्माण कार्य अत्यंत तीव्र गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दूसरी तरफ का वैली ब्रिज भी बहुत जल्द बनकर तैयार हो जाएगा और इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे वर्तमान में लग रहे जाम की समस्या से निजात मिल सकेगी।

स्थायी पुल के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने इसके लिए 2 से 3 महीने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी सीजन और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कार्य की गति को और तेज किया जाए।

राज्य में बिछ रहा सड़कों और पुलों का जाल

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार उत्तराखंड के दुर्गम और सुगम, दोनों ही क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के जाल को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उनके अनुसार, प्रदेश के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। धामी ने कहा कि सड़क और पुल निर्माण से संबंधित विभिन्न परियोजनाएं पूरे राज्य में तेजी से क्रियान्वित की जा रही हैं, ताकि राज्य के दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलें।

Dehradun-Mussoorie Road B

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का आत्मविश्वास और कार्य के प्रति उनकी निष्ठा स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उन्होंने कहा कि विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर चलते हुए उनकी सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए यातायात प्रबंधन की उचित व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद मजदूरों और इंजीनियरों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे एक महत्वपूर्ण जनसेवा का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों को इस पूरे प्रोजेक्ट की साप्ताहिक समीक्षा करने और उन्हें प्रगति रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।

सचिवालय में तेज हुई हलचल

इस दौरे के बाद सचिवालय से लेकर विभाग तक में हलचल तेज हो गई है। वहीं,  स्थानीय व्यापारियों और टैक्सी ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण का स्वागत किया है। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद अब काम की रफ्तार में तेजी आएगी और पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही मार्ग पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगा।

पुल निर्माण स्थल पर मुख्यमंत्री के साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिनसे उन्होंने तकनीकी पहलुओं पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अंत में यह दोहराया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सही रणनीति और इच्छाशक्ति के साथ हम हर बाधा को पार कर प्रदेश को आदर्श राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। आज का यह निरीक्षण उसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो आने वाले कुछ ही महीनों में एक आधुनिक और सुरक्षित स्थायी पुल के रूप में जनता के सामने होगा। सरकार की यह सक्रियता दर्शाती है कि आने वाले समय में उत्तराखंड की कनेक्टिविटी न केवल बेहतर होगी, बल्कि सुरक्षित और तीव्र भी होगी।

 

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