मुख्यमंत्री योगी ने निकाली स्मृति मौन पदयात्रा, बोले – यह देश का नहीं बल्कि मानवता का था विभाजन

लखनऊ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बुधवार को मनाया जा रहा है। इस मौके पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति मौन पदयात्रा’ निकाली गई। उन्होंने सबसे पहले सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। इसके बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रतिमा स्थल से प्रारंभ होकर पदयात्रा लोकभवन तक पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह देश का नहीं, बल्कि मानवता का विभाजन था।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि विश्व को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के आत्मीय भाव से परिचित कराने वाली हमारी भारत मां को आज ही के दिन, वर्ष 1947 में निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए विभाजन की त्रासदी की ओर धकेला गया था।

सीएम ने लिखा कि यह मात्र देश का विभाजन नहीं, बल्कि मानवता का विभाजन था। इस अमानवीय निर्णय से असंख्य निर्दोष नागरिकों को अपने प्राण गंवाने पड़े, विस्थापन का दंश झेलना पड़ा, यातनाएं सहनी पड़ीं। इस अमानवीय त्रासदी में बलिदान हुए सभी निर्दोष नागरिकों को आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर विनम्र श्रद्धांजलि! इ सके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथ में तख्ती लेकर चल रहे थे।

इसमें त्रासदी का दंश झेलने वालों की पीड़ा बयां थी। लोकभवन में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन विभीषिका की त्रासदी पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, बलवीर सिंह औलख, विधायक योगेश शुक्ल, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, अनूप गुप्ता, उमेश द्विवेदी, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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