राजस्थान के रेगिस्तान में गरजे विमान, ‘अभ्यास वायु शक्ति-2026’ में IAF ने दिखाई ताकत

जैसलमेर/नई दिल्ली। राजस्थान के थार रेगिस्तान में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज पर भारतीय वायु सेना (IAF) ने ‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास के माध्यम से अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता, सटीकता और परिचालन तत्परता का शानदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं, जहां उन्होंने अभ्यास का अवलोकन किया और स्वदेशी लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंद’ में सॉर्टी भी ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मेगा फायरपावर डेमो में शामिल हुए।

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आसमान में दिखा बमबारी के नजारा

वायु शक्ति-2026

‘वायु शक्ति-2026’ का मुख्य उद्देश्य युद्धकालीन परिस्थितियों में त्वरित, सटीक और समन्वित हमलों की क्षमता का प्रदर्शन करना था। थीम “From Inception to Execution” के तहत यह अभ्यास अवधारणा से लेकर क्रियान्वयन तक IAF की पूरी प्रक्रिया को दर्शाता है। दिन और रात दोनों परिस्थितियों में युद्ध अभियान चलाए गए, जिसमें वायु श्रेष्ठता, जमीनी सहायता, रसद सपोर्ट और एकीकृत ऑपरेशंस का सफल परीक्षण हुआ। अभ्यास ने बहु-क्षेत्रीय बल और राष्ट्रीय प्रतिरोध के प्रमुख स्तंभ के रूप में IAF की तत्परता को दोबारा साबित किया।

रेगिस्तान की रेतीली धरती पर विमानों की गर्जना और सटीक बमबारी का नजारा देखते ही बनता था। राफेल, सुखोई एसयू-30एमकेआई, एचएएल तेजस, मिराज 2000 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों ने वायु से जमीन पर मार करने वाले निर्देशित बमों (लेजर-गाइडेड), मिसाइलों और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर दुश्मन के बंकरों, रनवे, कमान केंद्रों और अन्य रणनीतिक लक्ष्यों को सटीक निशाना बनाया।

अभ्यास में शामिल हुए 77 विमान

अभ्यास में कुल 77 विमान (फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर्स) शामिल हुए, जो जैसलमेर, सूरतगढ़, जोधपुर, फलोदी, नाल और उत्तरलाई जैसे एयरबेस से ऑपरेट किए गए। बोइंग अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर्स ने कम ऊंचाई पर रॉकेट और तोप चलाने, घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) और कठिन इलाकों में उपकरण पहुंचाने का अभ्यास किया। गारुड कमांडोज और पैरा एसएफ टीमों ने फास्ट रोपिंग मैन्यूवर्स किए, जिसमें हेलीकॉप्टर्स से रस्सी के जरिए तेजी से उतरकर सिमुलेटेड कॉम्बैट एरिया में घुसपैठ दिखाई गई। यह सब काउंटर-टेरर ऑपरेशंस और होस्टाइल हाइडआउट्स को खत्म करने की क्षमता को रेखांकित करता है।

  अन्य हथियारों का प्रदर्शन

अभ्यास में आकाश मिसाइल सिस्टम और SPYDER एयर डिफेंस सिस्टम ने भी अपनी ताकत दिखाई। सिमुलेटेड दुश्मन टारगेट्स पर सटीक हमले किए गए, जिसमें ड्रोन शो भी शामिल था। पहली बार ऐसे अभ्यास में ड्रोन शो हुआ, जिसमें भारत का नक्शा, IAF फॉर्मेशंस और ऐतिहासिक ऑपरेशंस (1965 सरगोधा स्ट्राइक, कारगिल टाइगर हिल, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर) को ड्रोन से दर्शाया गया।

 वायु शक्ति-2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर एयर फ़ोर्स स्टेशन पर स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘HAL प्रचंड’ में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। इसी के साथ ही वे हेलीकॉप्टर में को-पायलट के तौर पर उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गईं। ये उच्च ऊंचाई और विभिन्न इलाकों में ऑपरेट करने वाला स्वदेशी हेलीकॉप्टर है। यह अभ्यास आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की भावना को मजबूत करता है। राष्ट्रपति ने IAF की साहस, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता की सराहना की।

अभ्यास की खासियत
  • 130+ विमानों और हेलीकॉप्टर्स की भागीदारी।
  • दिन-रात ऑपरेशंस, लाइव फायरिंग और प्रिसिजन स्ट्राइक्स
  • ऑपरेशन सिंदूर जैसे सिमुलेटेड स्ट्राइक्स का प्रदर्शन
  • ड्रोन शो, फास्ट रोपिंग, कैजुअल्टी इवैक्यूएशन और ट्रूप इंसर्शन
  • आकाश, SPYDER जैसे एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल

यह अभ्यास वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत की एयर पावर को मजबूत संदेश देता है। IAF ने साबित किया कि वह किसी भी परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार है। पोखरण की रेगिस्तानी धरती पर यह प्रदर्शन न केवल सैन्य शक्ति का, बल्कि तकनीकी एकीकरण और युवाओं में सेना में भर्ती की प्रेरणा का भी प्रतीक है।

 

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