विज्ञान भवन में पीएम का बड़ा ऐलान: खत्म हुआ इंतज़ार, अब नारी शक्ति के हाथ में होगी देश की कमान

नई दिल्ली। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा शुरू होने से पहले दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के बहुत करीब है।

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पीएम ने माताओं-बहनों को दी बधाई

एक ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प, जो समतामूलक हो, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न रह जाए, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति और निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा बन जाए।

संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण विधेयक पर होने वाली अहम चर्चा से ठीक पहले पीएम मोदी ने देश की करोड़ों माताओं और बहनों को बधाई दी और कहा ये नए युग की शुरुआत है। उन्होंने अपने भावुक और ऊर्जा से भरे संबोधन में कहा कि दशकों से जिस सामाजिक न्याय का नारा दिया जा रहा था, वह अब हकीकत बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह विधेयक केवल राजनीति में हिस्सेदारी का मामला नहीं है, बल्कि यह भारत की कार्य संस्कृति और निर्णय प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का एक पवित्र संकल्प है।

PM MODI

विज्ञान भवन में देश के कोने-कोने से आई महिलाओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि, हमारी संसद एक ऐसा नया इतिहास रचने जा रही है, जो अतीत की अधूरी संकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को नई उड़ान देगा। उन्होंने इस फैसले को 21वीं सदी के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया।

विपक्ष से की सहयोग की अपील

प्रधानमंत्री ने उस लंबे इंतजार का भी जिक्र किया, जो महिलाओं को इस अधिकार के लिए करना पड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत पिछले चार दशकों से महसूस की जा रही थी। कई पीढ़ियां आईं और गईं, हर राजनीतिक दल ने अपने-अपने तरीके से इस विचार को आगे बढ़ाया, लेकिन अब वह निर्णायक समय आ गया है जब 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद की विशेष बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगेगी। यह वही सपना है जिसकी नींव साल 2023 में नई संसद के पहले सत्र के दौरान रखी गई थी।

प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक यात्रा में विपक्षी दलों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने बहुत ही संतुलित लहजे में कहा कि, 2023 में जब यह अधिनियम संसद में आया था, तब सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास किया था। उस समय विपक्ष के साथियों ने भी एक सुर में मांग की थी कि, इसे हर हाल में 2029 तक लागू कर देना चाहिए। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि, जिस प्रकार पूर्व में सभी ने एकजुट होकर संसद का गौरव बढ़ाया था, इस बार भी संवाद, सहयोग और सहभागिता के जरिए संसद की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पीएम मोदी ने इसे राष्ट्र निर्माण का साझा मुद्दा बनाकर एक बार फिर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की है।

सीएम रेखा ने की पीएम की तारीफ

सम्मेलन के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि, देश की यात्रा अब बेटी बचाओ से आगे निकलकर बेटी बढ़ाओ के युग में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि, एक दौर वह था जब बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता था, लेकिन आज पीएम मोदी के मार्गदर्शन में बेटियां न केवल पढ़ रही हैं बल्कि देश का नेतृत्व भी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए एक बेहद प्रभावी शेर भी पढ़ा कि, कुछ लोग वक्त के सांचे में ढल जाते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो वक्त का सांचा ही बदल देते हैं। यह पंक्तियां प्रधानमंत्री द्वारा देश की राजनीति में किए जा रहे बुनियादी बदलावों की ओर इशारा कर रही थीं।

जल्द बदलेगी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर

आर्थिक मोर्चे पर महिलाओं की प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से करोड़ों महिलाओं को पहली बार बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया। जनधन योजना के तहत 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खुले, जिससे उन्हें सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगा।

उन्होंने बताया कि स्टार्टअप की दुनिया हो या छोटे व्यापार, महिलाएं हर जगह लीड कर रही हैं। मुद्रा योजना में 60 फीसदी से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं और आज देश के 42 फीसदी से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है। इतना ही नहीं, खेती-किसानी में भी ‘ड्रोन दीदी’ के जरिए एक नई क्रांति आ रही है जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगी।

 

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