कटवा में पीएम मोदी का शक्ति प्रदर्शन, बोले- ‘बोरिया बिस्तर बांध लें घुसपैठिए’, बंगाल में अब ‘विकास होबे’

पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तिथियां जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे सियासी पारा भी धधकने लगा है। सभी राजनीतिक दलों के दिग्गज जनता के रिझाने के जुट गये हैं। इसी कड़ी में शनिवार को पूर्व बर्धमान जिले के कटवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया।

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इस जनसभा में पीएम मोदी का संबोधन सुनकर भाजपा कार्यकर्ता जोश में आ गये और पूरा मैदान पीएम मोदी जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा, लेकिन उनके इस संबोधन से विपक्ष की घबराहट तेज हो गई। प्रधानमंत्री मोदी जब कटवा पहुंचे, तो वहां का नजारा किसी चुनावी रैली से कहीं ज्यादा एक जनांदोलन जैसा प्रतीत हो रहा था।

भीड़ देख अभिभूत हुए पीएम

हेलीपैड से लेकर मुख्य सभा स्थल तक सिर्फ और सिर्फ लोगों सिरों का एक अनंत समंदर नजर आ रहा था, जिसे देखकर खुद प्रधानमंत्री भी अभिभूत नजर आए। उन्होंने सभा शुरू करने से पहले ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए देशवासियों को बंगाल का मिजाज दिखाया और स्पष्ट किया कि, बंगाल की जनता अब परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हो चुकी है। यह जनसभा उस समय हुई है, जब बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले अंतिम दो चरणों के मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ही बेहद आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने कटवा की धरती से घुसपैठ के मुद्दे को सीधे तौर पर उठाते हुए ममता बनर्जी की सरकार को निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि, बंगाल में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठिए अब अपना बोरिया-बिस्तर बांधना शुरू कर दें, क्योंकि उनके जाने का समय अब नजदीक आ गया है।

प्रधानमंत्री का यह बयान केवल घुसपैठियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने उन लोगों को भी कड़ी चेतावनी दी जो अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इन अवैध प्रवासियों को संरक्षण देते रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि, अवैध प्रवासियों की मदद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

टीएमसी को घेरा

मोदी ने तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि, घुसपैठ की वजह से बंगाल के नौजवानों के हक मारे जा रहे हैं और यहां की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में है, लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही इस पर पूर्ण विराम लगा दिया जाएगा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टीएमसी को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की जिसने प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है।

उन्होंने कहा कि, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही बीते 15 वर्षों के भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की बदहाली को लेकर एक व्यापक व्हाइट पेपर यानी श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस के हर उस गुंडे और हर उस भ्रष्ट नेता का कानूनी हिसाब किया जाएगा जिसने बंगाल की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा है।

उन्होंने टीएमसी शासन को निर्मम सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि इन 15 सालों का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाएगा। मोदी ने कहा कि, उनकी गारंटी टीएमसी द्वारा फैलाए गए भय को भरोसे में बदलने की है। उन्होंने बंगाल भाजपा द्वारा जारी घोषणापत्र की सराहना करते हुए कहा कि इसमें केवल वादे नहीं हैं, बल्कि बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक ठोस रोडमैप है।

देश में एनडीए की लहर

प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के चुनावी रुझानों का जिक्र करते हुए बंगाल के मतदाताओं में जीत का विश्वास जगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि असम, केरल और पुडुचेरी में जिस तरह से भारी मतदान हुआ है और विशेष रूप से महिलाओं ने जिस उत्साह के साथ वोट डाला है, वह इस बात का सबूत है कि पूरे देश में एनडीए के प्रति लहर चल रही है।

पीएम मोदी ने बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा के पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि, जब-जब मातृशक्ति घर से बाहर निकलकर बड़ी संख्या में मतदान करती है, तब-तब भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलता है। उन्होंने कहा कि बंगाल की माताओं और बहनों का यह उमंग और उत्साह इस बात का उद्घोष है कि, अब भय का साम्राज्य खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री ने चुनाव आयोग को भी बधाई दी कि, उन्होंने अन्य राज्यों में बिना किसी बड़ी हिंसा के शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराया और उन्होंने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि यहां भी वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे।

संकल्प पत्र की गारंटियों को दोहराया

कटवा की इस रैली में प्रधानमंत्री ने बार-बार ‘खेला होबे’ के नारे के जवाब में ‘विकास होबे’ और ‘परिवर्तन होबे’ पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि, बर्धमान में उमड़ा यह जनसैलाब केवल एक भीड़ नहीं है, बल्कि यह 4 मई को आने वाले नतीजों का एक स्पष्ट ट्रेलर है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके उज्जवल भविष्य के लिए बंगाल में औद्योगिक क्रांति और रोजगार के नए अवसरों की आवश्यकता है, जिसे टीएमसी सरकार ने पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।

उन्होंने भाजपा के संकल्प पत्र में दी गई छह गारंटियों को दोहराते हुए कहा कि, यह मोदी की गारंटी है और मोदी अपनी गारंटी को पूरा करने के लिए जी-जान लगा देता है। प्रधानमंत्री ने अंत में मतदाताओं से अपील की कि वे आने वाले मतदान के दिनों में लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और बंगाल को फिर से सोनार बांग्ला बनाने के मार्ग को प्रशस्त करें।

कटवा में हुई पीएम मोदी की इस जनसभा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि, भाजपा अंतिम चरणों के मतदान में पूरी ताकत के साथ ममता बनर्जी के दुर्ग को ढहाने की कोशिश में है और प्रधानमंत्री का यह आक्रामक अंदाज बंगाल की राजनीति में एक नई दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

 

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