
भारत में बीते कुछ वर्षों में डिजिटल शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। मोबाइल फोन से लेकर कपड़े, ग्रॉसरी और रोजमर्रा की तमाम जरूरतों की चीजें अब लोग घर बैठे ही मंगवाना पसंद करते हैं। लोगों की इस बदलती आदत को अब ई कॉमर्स कंपनियां और सरल बनाने में जुट गई है। इसकी पहली भी देश की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने कर दी है। दरअसल, फ्लिपकार्ट ने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा पेश की है, जो शॉपिंग के अनुभव को पहले से कहीं ज्यादा सहज बना सकती है।
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फ्लिपकार्ट ने वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी PayU Finance के साथ हाथ मिलाकर Flipkart Pay Later नाम की एक नई सुविधा शुरू की है। इसका सुविधा का मकसद है ग्राहकों को खरीदारी के वक्त पूरा पैसा चुकाने की मजबूरी न रहे। ग्राहक अपनी सुविधा के हिसाब से भुगतान कर सकें। खास बात यह है कि, यह सुविधा सिर्फ फ्लिपकार्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके साथ जुड़े प्लेटफॉर्म Myntra और Flipkart Minutes पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
आखिर क्या है यह Pay Later सुविधा?
सीधे शब्दों में कहें तो Flipkart Pay Later एक तरह की डिजिटल क्रेडिट व्यवस्था है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि, ग्राहक को सामान खरीदते वक्त उसी वक्त पूरा पैसा चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी “पहले खरीदो, बाद में चुकाओ” वाला मॉडल अब भारतीय ई-कॉमर्स में और मजबूती से अपनी जगह बना रहा है। इस मॉडल को आमतौर पर BNPL यानी “Buy Now Pay Later” भी कहा जाता है, और दुनियाभर में यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा मॉडल है।

इस सुविधा की सबसे खास बात यह है कि ग्राहकों को भुगतान के तरीके में लचीलापन मिलेगा। हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और जरूरत अलग होती है, इसलिए कंपनी ने कई तरह के विकल्प उपलब्ध कराए हैं ताकि हर ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सके।
मिलेंगे ये विकल्प
फ्लिपकार्ट की इस नई सेवा के तहत ग्राहकों को मुख्य रूप से तीन तरह के भुगतान विकल्प दिए जा रहे हैं।
पहला
ग्राहक खरीदारी के बाद अपना भुगतान करीब एक महीने यानी 30 दिनों तक टाल सकते हैं। यानी सामान अभी घर पहुंचेगा, लेकिन पैसा एक महीने बाद चुकाना होगा।
दूसरा
जो ग्राहक एकमुश्त बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ होते है और उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना चाहते हैं। इसके तहत कुल भुगतान को तीन आसान किस्तों में विभाजित किया जा सकता है।
तीसरा
सबसे लचीला विकल्प EMI यानी समान मासिक किस्त का है, जिसमें ग्राहक 3 महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि चुनकर अपने खर्च को धीरे-धीरे चुका सकते हैं।
इन तीनों विकल्पों के आने से खासतौर पर उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जो महंगे प्रोडक्ट्स खरीदना तो चाहते हैं, लेकिन एक साथ बड़ी रकम खर्च करने में झिझकते हैं।
ग्राहकों को लाभ
इस सुविधा के आने के बाद ग्राहकों के लिए कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।
महंगी चीजें खरीदना होगा आसान
अक्सर लोग बजट की वजह से महंगे गैजेट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स या ब्रांडेड सामान खरीदने से बचते हैं। अब भुगतान को टुकड़ों में बांटने का विकल्प मिलने से यह फैसला लेना आसान हो जाएगा।
एकमुश्त पेमेंट का बोझ कम होगा
पूरा पैसा एक साथ चुकाने का दबाव नहीं रहेगा, जिससे मासिक बजट पर अचानक असर नहीं पड़ेगा।
जरूरत के हिसाब से किस्तों का चुनाव
ग्राहक अपनी आमदनी और खर्च करने की क्षमता के हिसाब से यह तय कर सकेंगे कि उन्हें कितने महीनों में भुगतान करना है।
खर्च का बेहतर प्रबंधन
EMI विकल्प के जरिए ग्राहक अपने मासिक खर्च की योजना पहले से बेहतर तरीके से बना सकेंगे, जिससे अचानक आर्थिक दबाव की स्थिति नहीं बनेगी।
तुरंत जरूरत पूरी करने की सुविधा
कई बार ऐसी स्थिति आती है जब पैसे की तुरंत उपलब्धता नहीं होती, लेकिन सामान की जरूरत तुरंत होती है। ऐसे में यह सुविधा काफी काम आ सकती है।
कैसे मिलेगी सुविधा
इस पूरी योजना के पीछे शुरुआती स्तर पर कर्ज देने वाली संस्था के तौर पर PayU Finance काम करेगी। यानी जब कोई ग्राहक Pay Later सुविधा का इस्तेमाल करेगा, तो असल में क्रेडिट PayU Finance की तरफ से मुहैया कराया जाएगा। कंपनी ग्राहकों की पात्रता जांचने और जोखिम का आकलन करने के बाद ही उन्हें यह क्रेडिट सुविधा देगी।

हालांकि, यह भी बताया गया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में फ्लिपकार्ट इस कार्यक्रम से अन्य वित्तीय संस्थानों और बैंकों को भी जोड़ सकता है, जिससे ग्राहकों को और भी ज्यादा विकल्प तथा बेहतर शर्तों पर क्रेडिट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
किस आधार पर तय होगी पात्रता
हर ग्राहक को यह सुविधा अपने आप नहीं मिल जाएगी। इसके लिए कंपनी कुछ खास मानकों के आधार पर पात्रता तय करेगी।
खरीदारी का पुराना रिकॉर्ड – ग्राहक पहले प्लेटफॉर्म पर कितनी और किस तरह की खरीदारी कर चुका है, इसे देखा जाएगा।
लेन-देन का इतिहास – पुराने ट्रांजैक्शन कितने नियमित और भरोसेमंद रहे हैं।
प्लेटफॉर्म पर व्यवहार – ग्राहक किस तरह प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है, यह भी एक अहम पैमाना होगा।
क्रेडिट प्रोफाइल – ग्राहक की समग्र क्रेडिट हिस्ट्री और साख को भी ध्यान में रखा जाएगा।
इन सभी बिंदुओं के आधार पर यह तय होगा कि किसी खास ग्राहक को कितनी क्रेडिट लिमिट दी जा सकती है। यानी हर ग्राहक की लिमिट अलग-अलग हो सकती है, जो पूरी तरह उनके खरीदारी व्यवहार और वित्तीय भरोसेमंदी पर निर्भर करेगी।
Flipkart Pay Later सुविधा ऑनलाइन शॉपिंग को और सहज व लचीला बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा सकती है। जहां एक तरफ यह ग्राहकों को तुरंत भुगतान की मजबूरी से राहत देगी, वहीं दूसरी तरफ बड़ी खरीदारी को भी आसान बनाएगी। हालांकि किसी भी क्रेडिट या EMI सुविधा का इस्तेमाल करते वक्त यह ध्यान रखना जरूरी है कि समय पर भुगतान न होने की स्थिति में अतिरिक्त शुल्क या ब्याज लग सकता है, इसलिए ग्राहकों को अपनी भुगतान क्षमता का आकलन करके ही इस सुविधा का चुनाव करना चाहिए।
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