जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की अभेद्य किलेबंदी, सड़क पर ठोंकी गईं लोहे की कीलें और शीट्स

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली इस समय अखाडा बनी हुई है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहा छात्र आन्दोलन अब बेहद विकराल रूप ले चुका है। आलम ये है कि, ये प्रोटेस्ट अब दिल्ली तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हर प्रदेश, हर जिले में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आएं हैं। और तो और तमाम राजनीतिक दलों और बच्चों के पेरेंट्स का भी समर्थन इस आन्दोलन को मिल रहा है। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और उसके आसपास के पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त और अभेद्य कर दी है।

इसे भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर हाई अलर्ट पर दिल्ली, 16 मेट्रो स्टेशन बंद

हालात की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने इस बार सुरक्षा के पारंपरिक इंतजामों से आगे बढ़कर एक असाधारण कदम उठाया है। दरअसल, पुलिस ने सड़क पर लोहे और कीलों की मदद से लोहे की मोटी शीट्स को सड़क पर स्थायी रूप से फिक्स कर दिया गया है और पर कीलें भी गाड़ दी हैं, ताकि बैरिकेड किसी भी हाल में न तो हिलाया जा सकें और न ही गिराया जा सके।

छह से सात लेयर में लगाई गई बैरिकेडिंग

पुलिस की इस सुरक्षा रणनीति की सबसे खास बात यह है कि, पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरते हुए हर दिशा में करीब छह से सात लेयर में बैरिकेडिंग की गई है।

Jantar Mantar

यह इंतजाम केवल एक स्थान पर नहीं, बल्कि पूरी सड़क और उससे आगे की पूरी कतार में किया गया है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि, पुलिस किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। संसद मार्ग की तरफ लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है, जिसे देखते हुए सुरक्षा बलों की सतर्कता भी लगातार बनी हुई है।

बैरिकेड्स को चेन और रस्सियों से बांधा गया

पुलिस ने बैरिकेड्स को खड़ा करके ही नहीं छोड़ा है, बल्कि उन्हें आपस में मजबूत लोहे की चेन और रस्सियों मजबूती से जकड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि अगर प्रदर्शनकारी उग्र होते हैं और आगे बढ़ने के लिए किसी एक बैरिकेड को हटाने की कोशिश भी करते हैं, तो भी वे उसे न हटा सकें। करीब से देखने पर स्पष्ट होता है कि, यह बैरिकेडिंग तीन अलग-अलग परतों में तैयार की गई है, जिससे सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूती मिलती है।

सड़क पर फिक्स की गई लोहे की शीट्स

सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेड्स के ठीक नीचे लोहे की मोटी शीट्स बिछाई गई हैं। इन्हीं शीट्स के सहारे बैरिकेड्स को सड़क से जोड़ा गया है। ये शीट्स लोहे के मजबूत एंगल और बड़ी-बड़ी कीलों की मदद से सीधे सड़क की सतह में गाड़ दी गई हैं, जिससे इनकी पकड़ बेहद मजबूत हो गई है।

यहां ये भी देखने वाला है कि, कुछ स्थानों पर बड़ी कीलों को ठोकते समय वे थोड़ी मुड़ भी गईं, पुलिसकर्मियों ने पूरी मशक्कत के साथ उन्हें सड़क के साथ मजबूती से फिट कर दिया, ताकि प्रदर्शनकारी किसी भी स्थिति में उन्हें अपनी जगह से खिसका न सकें।

हालात सामान्य, लेकिन सतर्कता पूरी: जॉइंट सीपी

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए जॉइंट सीपी विजय सिंह खुद अपनी टीम के साथ संसद मार्ग पर मौजूद हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मीडिया से बातचीत करने के दौरान उन्होंने बताया कि, फिलहाल मौके पर हालात पूरी तरह सामान्य बने हुए हैं। जब बैरिकेड्स को इस नए और असामान्य तरीके से फिक्स किए जाने को लेकर उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में जो भी निर्णय लिया गया है, वह सक्षम प्राधिकारी यानी कॉम्पिटेंट अथॉरिटी के स्तर पर ही तय किया जा रहा है।

जंतर-मंतर का यह पूरा प्रदर्शन स्थल जयसिंह मार्ग के ठीक सामने स्थित है। इसके बीच में संसद मार्ग पड़ता है। पुलिस ने इस पूरे संवेदनशील इलाके को चारों तरफ से बैरिकेडिंग करके पूरी तरह घेर रखा है। सामने की तरफ लोगों की भारी भीड़ भी साफ नजर आ रही है। संसद मार्ग यानी कनॉट प्लेस की दिशा से लगातार और अधिक लोगों के जुटने का सिलसिला बना हुआ है।

बैरिकेड को न हिला सकें छात्र

इस पूरी सुरक्षा रणनीति के पीछे पुलिस की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है। पुलिस चाहती है कि, यदि आगे चलकर हालात किसी वजह से बिगड़ते हैं और प्रदर्शनकारी आगे बढ़कर बैरिकेड हटाने की कोशिश करते हैं, तो भी कोई भी बैरिकेड अपनी जगह से जरा भी न हिले। यही वजह है कि, इस बार पुलिस ने पारंपरिक बैरिकेडिंग के बजाय स्थायी और अभेद्य तरीके अपनाए हैं, जिसमें लोहे की शीट्स, बड़ी कीलें, एंगल और मजबूत चेन का इस्तेमाल किया गया है।

जंतर-मंतर पर माहौल तनावपूर्ण

जंतर-मंतर पर लगातार बढ़ रही भीड़ और छात्रों के गुस्से को देखते हुए दिल्ली पुलिस किसी भी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वह पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। संसद मार्ग जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की स्थायी किलाबंदी करना यह भी संकेत देता है कि प्रशासन आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण होने की आशंका को लेकर पहले से ही तैयारी कर चुका है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी लगातार चाक-चौबंद बनी हुई है। हालांकि, जॉइंट सीपी विजय सिंह के मुताबिक अभी हालात सामान्य हैं, लेकिन सड़क पर की गई इस असाधारण किलाबंदी से यह जरूर स्पष्ट हो जाता है कि पुलिस प्रशासन किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है और पुलिस-प्रशासन का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

इसे भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर किसानों का जमावड़ा, पहलवानों के दंगल में राकेश टिकैत भी पहुंचे

Related Articles

Back to top button