आज सेबी को सौंपा जाएंगे Jio IPO के दस्तावेज, रिलायंस AGM की बैठक में हुआ ऐलान

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को एक बड़ी खबर दी। उन्होंने बताया कि जियो (Jio) प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने प्रारंभिक प्रस्ताव दस्तावेज (DRHP) को हरी झंडी दे दी है और इसे शुक्रवार यानी आज ही बाजार नियामक (SEBI) के पास जमा कराया जाएगा। बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि, यह निर्गम भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे विशाल आईपीओ साबित हो सकता है।

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मुकेश अंबानी का भावुक संबोधन

मंच से बोलते हुए मुकेश अंबानी ने इस पल को निजी और भावनात्मक बताया। उनके अनुसार यह न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे रिलायंस परिवार और कंपनी के करोड़ों शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिलायंस और उसके निवेशकों के बीच जो नाता है, वह केवल कारोबारी नहीं बल्कि गर्व, आपसी विश्वास, सम्मान और साझा प्रगति की नींव पर टिका है। यह जुड़ाव कंपनी के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के लिए जितना व्यक्तिगत और गहरा था, उतना ही आज भी मुकेश अंबानी के लिए अहमियत रखता है।

Jio IPO

आगे उन्होंने कहा कि, जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया के सामने यह साबित करेगी कि, भारत भी ऐसी टेक्नोलॉजी कंपनियां खड़ी कर सकता है जिनकी पहुंच, क्षमता और मूल्य वैश्विक स्तर की हो। शेयरधारकों और संभावित निवेशकों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में जियो का प्रदर्शन और भी बेहतर होगा।

DRHP की मुख्य बातें

रिलायंस की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) के बोर्ड ने जिस ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दी है, उसके मुताबिक कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले लगभग 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करने जा रही है। इन शेयरों का अंतिम इश्यू मूल्य आम तौर पर अपनाई जाने वाली बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिये तय किया जाएगा, यानी निवेशकों की मांग के आधार पर एक मूल्य दायरा तय होगा और उसी में बोलियां ली जाएंगी।

इस पूरी प्रक्रिया की अगुवाई परिवार की युवा पीढ़ी कर रही है। आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी, जो आईपीओ से जुड़े फैसलों और तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। यह संकेत भी माना जा रहा है कि, कंपनी के अगले दौर के नेतृत्व की भूमिका इन तीनों के हाथों में आकार ले रही है।

आकाश अंबानी ने साझा किये आंकड़े

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने अपने संबोधन में कंपनी के विस्तार और वित्तीय सेहत से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि, जियो का कुल ग्राहक आधार अब 524 मिलियन यानी 52.4 करोड़ से अधिक हो चुका है, जिससे देश के सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटर के तौर पर इसकी पकड़ और मजबूत हुई है।

5G सेवाओं को लेकर भी कंपनी की प्रगति उल्लेखनीय रही। आकाश अंबानी के अनुसार जियो का 5G ग्राहक आधार 268 मिलियन यानी 26.8 करोड़ के पार पहुंच गया है। यह आंकड़ा खास इसलिए मायने रखता है क्योंकि चीन को छोड़ दें तो दुनिया के किसी भी अन्य देश में किसी एक दूरसंचार कंपनी का इतना बड़ा 5G उपभोक्ता आधार नहीं है।

ग्राउंड स्टेशन ढांचा भी तैयार कर रही कंपनी

वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का राजस्व 1,46,885 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.6 प्रतिशत अधिक है। इससे भी अहम बात यह रही कि, कंपनी का सालाना मुनाफा पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया, जिसमें सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।

आकाश अंबानी ने यह भी बताया कि कंपनी सैटेलाइट कनेक्टिविटी से जुड़े अपने लक्ष्यों को साकार करने के लिए जरूरी ग्राउंड स्टेशन ढांचा भी तैयार कर रही है, जो भविष्य में दूरदराज और कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों तक पहुंच बढ़ाने में मददगार होगा।

Jio IPO

यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू के रूप में लाया जा रहा है, यानी मौजूदा प्रमोटरों या निवेशकों द्वारा अपने शेयर बेचने (ऑफर फॉर सेल) के बजाय कंपनी नए शेयर जारी करके सीधे पूंजी जुटाएगी। इस निर्गम से प्राप्त होने वाली पूरी राशि का इस्तेमाल जियो के मूल कारोबार को और मजबूत बनाने में किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से तीन क्षेत्र शामिल हैं। देशभर में 5G नेटवर्क का और विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों में निवेश, और कंपनी के समग्र डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना।

 शीर्ष पायदान पर पहुंचेगी जियो

बाजार जानकारों के अनुमान के अनुसार, लिस्टिंग के समय जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल बाजार मूल्यांकन 110 अरब डॉलर से लेकर 130 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो जियो भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में शीर्ष पायदान पर पहुंच जाएगी और देश के पूंजी बाजार के लिए यह एक ऐतिहासिक घटनाक्रम होगा।

सेबी करेगा समीक्षा

DRHP दाखिल होने के बाद SEBI इसकी समीक्षा करेगा और जरूरी मंजूरियों के बाद ही आईपीओ का अंतिम मूल्य दायरा और तारीख तय होगी। इस बीच निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने राजस्व, मुनाफे और ग्राहक वृद्धि की मौजूदा रफ्तार को आने वाली तिमाहियों में किस तरह बनाए रखती है, क्योंकि यही आंकड़े आखिरकार आईपीओ की कीमत और निवेशकों की दिलचस्पी तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

फिलहाल कंपनी प्रबंधन का पूरा जोर नेटवर्क विस्तार, तकनीकी निवेश और बेहतर सेवाओं के जरिये अपनी बाजार स्थिति को और पुख्ता करने पर है, ताकि लिस्टिंग के समय कंपनी एक मजबूत और भरोसेमंद निवेश विकल्प के रूप में सामने आए।

 

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