गर्मी में पसीने की बदबू से उठानी पडती है शर्मिंदगी? अपनाएं ये 7 घरेलू उपाय

गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही शुरू हो गई है पसीने और उससे जुड़ी अन्य शारीरिक समस्याएं। हालांकि, पसीना आना शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन जब यही पसीना शरीर की बदबू की वजह बनता है, तो स्थिति असहज हो जाती है। ऑफिस हो, कॉलेज हो या कोई सार्वजनिक यात्रा हर जगह आपको शर्मिंदा होना पड़ता है। शरीर से आने वाली तेज गंध न केवल आपके आत्मविश्वास को गिराती है, बल्कि आपकी पर्सनैलिटी पर भी नकारात्मक असर डालती है। कई लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए महंगे परफ्यूम और डियोडरेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन इन सबका असर महज थोड़े समय के लिए ही होता है।

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि, पसीना बदबूदार नहीं होता है, लेकिन जब ये त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तब उसमें बदबू आने लगती है क्योंकि त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया पसीने में मौजूद प्रोटीन और फैट को तोड़ते हैं और इस प्रक्रिया में अमोनिया, सल्फर यौगिक जैसे पदार्थ बनाते हैं, जिससे तेज गंध फैलती है। गर्मी में अधिक पसीना आने से बैक्टीरिया को पनपने का पूरा मौका मिलता है। खासकर बगल, गर्दन, पैरों के बीच और कमर के नीचे क्योंकि शरीर के के इन हिस्सों में नमी ज्यादा रहती है। इस समस्या से स्थायी राहत पाने के लिए सबसे पहले कपड़ों का चुनाव सही तरीके से करना जरूरी है।

सूती और लेनिन के कपड़े पहनें

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टाइट फिटिंग या सिंथेटिक फैब्रिक (जैसे पॉलिएस्टर, नायलॉन) वाले कपड़े शरीर को सांस नहीं लेने देते। ऐसे में पसीना त्वचा पर जमा रहता है, इस वजह से बैक्टीरिया बढ़ते हैं और बदबू तेज हो जाती है। वहीं सूती (कॉटन) या लिनन जैसे प्राकृतिक और ढीले ढाले कपड़े पहनने से शरीर में हवा का संचार होता रहता है। सूती और लेनिन के कपड़े पसीने को जल्दी सोख लेते हैं, जिससे शरीर सूखा रहता है और बैक्टीरिया को पनपने का मौका नहीं मिलता है। गर्मी के हमेशा हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए, क्योंकि गहरे रंग के कपड़ों में गर्मी ज्यादा लगती है, जिससे पसीना भी अधिक होता है।

रोज बदले कपड़े

गर्मी के सीजन में रोजाना कपड़े बदलना और इस्तेमाल किए कपड़ों को अच्छी तरह धोना भी जरूरी होता है, क्योंकि पुराने कपड़ों में बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। इस मौसम में शरीर की सफाई भी अच्छे से करनी चाहिए। रोजाना कम से कम दो बार नहाना जरूरी है। केवल पानी से नहाना पर्याप्त नहीं। इस दौरान एंटीबैक्टीरियल साबुन या नीम आधारित साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। नहाते समय अंडर आर्म्स, गर्दन, कमर और पैरों के बीच की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इन जगहों पर बैक्टीरिया सबसे ज्यादा पनपते हैं। नहाते समय इन हिस्सों को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें और अच्छे से सुखाएं।

एंटीसेप्टिक पाउडर का इस्तेमाल करें

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अगर संभव हो तो दिन में एक बार एंटीसेप्टिक पाउडर जैसे टैल्कम फ्री लगाएं, जो नमी सोखता है। प्राकृतिक उपायों में नींबू सबसे प्रभावी है। नींबू में सिट्रिक एसिड होता है, जो त्वचा के पीएच स्तर को कम करता है और बैक्टीरिया को मारता है। नहाने से पहले अंडर आर्म्स पर नींबू का एक ताजा टुकड़ा हल्का रगड़ें। 5-10 मिनट बाद नहा लें। यह तरीका पसीने की गंध को काफी हद तक नियंत्रित करता है। हालांकि, अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या हाल ही में शेविंग की है, तो जलन हो सकती है, इसलिए पहले छोटे क्षेत्र पर टेस्ट करें। नींबू का रस पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भरकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

शरीर को हाइड्रेड रखें

शरीर में पानी की कमी भी बदबू का बड़ा कारण बनती है। शरीर जब डिहाइड्रे होता है, तो पसीना ज्यादा कॉन्सेंट्रेटेड हो जाता है और विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते, जिससे गंध तेज हो जाती है, इसलिए दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ जैसे पेय भी पसीने की दुर्गन्ध दूर करने में मददगार होते हैं। हाइड्रेटेड रहने से पसीना पतला रहता है और उसमें बदबू भी कम होती है।

फिटकरी लगाएं

फिटकरी (अलम) सदियों पुराना और सिद्ध घरेलू उपाय है। इसमें जीवाणुरोधी (एंटीबैक्टीरियल) और एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं, जो रोमछिद्रों को हल्का सिकोड़ते हैं और बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं। नहाने के बाल्टी में एक छोटा टुकड़ा फिटकरी डालकर 1-2 घंटे रखें, फिर उस पानी से नहाएं या नहाने के बाद गीली फिटकरी को बगल पर रगड़ें।

सेब का सिरका भी दूर करता है बदबू

यह तरीका सस्ता, सुरक्षित और लंबे समय तक असरदार है। कई लोग रोजाना इसका इस्तेमाल करके पूरे दिन तरोताजा महसूस करते हैं। सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर) भी उतना ही प्रभावी है। इसमें एसिटिक एसिड होता है, जो त्वचा के पीएच को संतुलित रखता है और बैक्टीरिया को नष्ट करता है। कॉटन बॉल में सेब का सिरका भिगोकर बगल पर लगाएं, 5-10 मिनट रखें और फिर धो लें।  रोजाना ये प्रक्रिया करने से बदबू में स्थायी कमी आती है। सेब का सिरका प्राकृतिक डियोडरेंट की तरह काम करता है और केमिकल्स से मुक्त है। अन्य प्राकृतिक विकल्पों में नीम की पत्तियां, बेकिंग सोडा, गुलाब जल और आवश्यक तेल (जैसे टी ट्री ऑयल, लैवेंडर) शामिल हैं।

नीम की पत्ती और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें
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नीम की पत्तियों का पेस्ट लगाने से भी बैक्टीरिया कम पनपते हैं। बेकिंग सोडा पसीने को सोखता है, इसे नींबू के रस के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर लगा सकते हैं। गुलाब जल को स्प्रे के रूप में इस्तेमाल करें, ये त्वचा को ठंडक प्रदान करता है। इसके साथ ही इसे लगाने से शरीर में खुशबू आई है। पसीने की बदबू करने में डाइट का भी बड़ा रोल होता है। मसालेदार, तैलीय और लहसुन-प्याज ज्यादा खाने से बदबू बढ़ती है।

हरी सब्जियों का सेवन करें

वहीं हरी सब्जियां, फल और प्रोबायोटिक्स (दही) करने से पसीने की बदबू कम होती है। कैफीन और अल्कोहल कम करें, क्योंकि ये पसीना बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, अगर समस्या बहुत गंभीर है जैसे हाइपरहाइड्रोसिस, तो डॉक्टर से सलाह लें। लेकिन ज्यादातर मामलों में ये प्राकृतिक आदतें और उपाय 2-4 हफ्तों में राहत देते हैं। गर्मी में सही रूटीन अपनाकर आप न केवल बदबू से मुक्त रह सकते हैं, बल्कि पूरे दिन फ्रेश और कॉन्फिडेंट महसूस कर सकते हैं।

 

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