
पश्चिम चंपारण। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में भी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। वहीं गंडक नदी के किनारे रहने वाले लोग जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों पर पड़ने वाले असर को लेकर गहरी चिंता में हैं। पश्चिम चंपारण जिले में स्थित बगहा शहर गंडक नदी के किनारे बसा एक प्रमुख उपमंडल मुख्यालय है और नेपाल में मची तबाही के बाद यहां रहने वाले लोग बेहद सतर्क हो गए हैं। स्थानीय निवासी लगातार नदी के जलस्तर और मौजूदा हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
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डर का माहौल
नेपाल से आपदा की खबर आते ही गंडक नदी के आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासी बलखंडीप मुखिया ने मीडिया से बातचीत में अपनी चिंता जाहिर करते हुए बताया कि, उन्होंने बीती रात बेहद डर और बेचैनी में गुजारी। उन्होंने बताया पूरा गांव इस बात को लेकर परेशान था कि, आखिर आगे क्या होने वाला है। उन्होंने बताया कि, गांव का हर व्यक्ति चिंतित और डरा हुआ है। उनके अनुसार पूरी रात लोग सो नहीं पाए और बेचैनी में समय बिताते रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि, फिलहाल स्थिति सामान्य दिखाई दे रही है, लेकिन डर अभी भी बना हुआ है क्योंकि हालात किसी भी समय बदल सकते हैं।

नदी किनारे रहने वाले एक अन्य स्थानीय निवासी ने भी अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि पूरा गांव रातभर जागता रहा। उन्होंने कहा कि, लोग बेहद डरे हुए हैं और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि, इस स्थिति में वे क्या कर सकते हैं। इस तरह की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि, नेपाल में हुई तबाही की खबरों ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के मन में भी गहरा भय पैदा कर दिया है, भले ही अब तक बिहार में सीधे तौर पर कोई बड़ा नुकसान दर्ज नहीं हुआ हो।
प्रशासन बरत रहा एहतियात
स्थानीय निवासियों ने बताया कि, किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत क्षेत्र में चिकित्सा शिविर और अस्थायी आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तुरंत मदद मुहैया कराई जा सके। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि, आगे सब कुछ ठीक रहेगा, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नेपाल में जो हालात बने हैं, वे बेहद भयावह हैं और इसी वजह से सीमा के इस पार भी लोगों में डर व्याप्त है।
सीएम सम्राट ने किया वाल्मीकिनगर का दौरा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और व्यापक तबाही के मद्देनजर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को खुद वाल्मीकिनगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बैराज का बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बांध और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब नेपाल में आई आपदा के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता का स्तर काफी बढ़ा दिया गया है।
जलद्वारों की स्थिति का किया गया आकलन
इस दौरे के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने गंडक बैराज के विभिन्न जलद्वारों की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा की और नदी के वर्तमान जलस्तर का भी बारीकी से आकलन किया। इस दौरान जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गंडक नदी की मौजूदा स्थिति, नेपाल में आई बाढ़ का बिहार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इसके साथ ही बगहा की उपमंडल अधिकारी (SDM) चांदनी कुमारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार ने भी मुख्यमंत्री को सीमावर्ती क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की। इस पूरी ब्रीफिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत की सही और पूरी जानकारी मिल सके।
CM ने दिए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी संवेदनशील स्थानों की निरंतर और बारीकी से निगरानी की जाए। उन्होंने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी नई या उभरती हुई स्थिति पर तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी जा सके, ताकि किसी भी संभावित नुकसान को कम से कम किया जा सके।

हालांकि, इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लोगों को राहत देने वाला एक बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि, फिलहाल बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ का तत्काल खतरा टल गया प्रतीत हो रहा है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती जा रही है। उनका यह बयान उन स्थानीय निवासियों के लिए कुछ राहत भरा जरूर है, जो पिछले कुछ दिनों से गहरी चिंता और डर में जी रहे थे, हालांकि प्रशासन की ओर से सतर्कता अभी भी पूरी तरह बरकरार रखी गई है।
गंडक नदी के जलस्तर पर नजर
बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि गंडक नदी के जलस्तर में किसी भी असामान्य बढ़ोतरी की स्थिति में तुरंत जरूरी कदम उठाए जा सकें। सीमावर्ती इलाकों में चिकित्सा शिविर और आश्रय स्थल पहले से ही तैयार रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर स्थानीय आबादी को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
स्थानीय निवासियों में डर का माहौल भले ही अभी पूरी तरह खत्म न हुआ हो, लेकिन प्रशासन की सक्रियता और मुख्यमंत्री की स्वयं मौके पर पहुंचकर की गई समीक्षा ने लोगों को कुछ हद तक भरोसा दिलाने का काम जरूर किया है। आने वाले दिनों में नेपाल की स्थिति और गंडक नदी के जलस्तर पर बारीकी से नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
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