
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित की जा रही उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल नागरिक पुलिस, पीएसी (PAC), एसएसएफ (SSF), महिला कांस्टेबल, माउंटेड पुलिस और जेल वार्डर आदि के बंपर पदों पर लिखित परीक्षा आज यानी 8 जून 2026 से राज्यभर में शुरू हो चुकी है।
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सीसीटीवी से होगी लाइव मॉनिटरिंग
इस बेहद संवेदनशील और बड़ी परीक्षा को लेकर शासन और प्रशासन दोनों पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यह परीक्षा आज से शुरू होकर अगले तीन दिनों तक यानी 8, 9 और 10 जून 2026 तक लगातार चलेगी।

राज्य सरकार ने इस बार अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए यातायात से लेकर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा तक के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की हैं। परीक्षा को पूरी तरह से नकल विहीन बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, यह परीक्षा पूरी तरह से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा रही है, जहां अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट पर अपने उत्तर दर्ज करने होंगे। तीन दिनों तक चलने वाली इस लिखित परीक्षा के लिए हर दिन दो शिफ्ट तय की गई हैं। इस प्रकार कुल छह शिफ्टों में इस विशाल परीक्षा को पूरा कराया जाएगा।
पहली शिफ्ट: सुबह की शिफ्ट का समय 10 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह आठ बजे ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
दूसरी शिफ्ट: दोपहर की शिफ्ट का समय तीन बजे से शाम पांच बजे तक रहेगा। इस शिफ्ट के परीक्षार्थियों के लिए रिपोर्टिंग टाइम दोपहर एक बजे तय किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्र का मुख्य गेट पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी उम्मीदवार को अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि, वे समय से पहले ही अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंच जाएं।
32,679 पदों के लिए महामुकाबला
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में विभिन्न श्रेणियों के कुल 32,679 रिक्त पदों को भरा जाना है। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होने के कारण इस परीक्षा में नौकरी पाने की होड़ बहुत ज्यादा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार परीक्षा में शामिल होने के लिए लगभग 28.86 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
इस विशाल संख्या के कारण प्रतियोगिता का स्तर बेहद कड़ा हो चुका है। सांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार पुलिस विभाग में एक पद को हासिल करने के लिए औसतन 100 से अधिक उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। यही वजह है कि अभ्यर्थियों में इस परीक्षा को लेकर भारी उत्साह और गंभीर दबाव दोनों देखा जा रहा है।
सभी 75 जिलों में 1,180 परीक्षा केंद्र बनाये गये
उत्तर प्रदेश के इतिहास की इस बड़ी परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्य के सभी 75 जिलों में लगभग 1,180 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रमुख महानगरों और संभागीय मुख्यालयों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन परीक्षा केंद्रों वाले प्रमुख शहरों में राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, आगरा, गोरखपुर, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, गाजियाबाद, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती, झांसी, मुरादाबाद और शाहजहांपुर जैसे बड़े जिले शामिल हैं, जहां परीक्षार्थियों की संख्या सबसे अधिक है।
अकेले राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां कई प्रतिष्ठित और बड़े संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है ताकि अभ्यर्थियों को बैठने और आवागमन में कोई असुविधा न हो।
लखनऊ के प्रमुख केंद्र
- राजकीय इंटर कॉलेज, कैसरबाग
- अमीनाबाद इंटर कॉलेज, अमीनाबाद मार्केट के पास।
- लखनऊ पब्लिक स्कूल की जानकीपुरम, गोमती नगर, आलमबाग ब्रांच
- एस.के.डी. एकेडमी की इंदिरा नगर,फैजाबाद रोड ब्रांच
- लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर, यूनिवर्सिटी रोड, हजरतगंज
- बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी, फैजाबाद रोड
इन सभी केंद्रों पर पुलिस बल के साथ-साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, जो हर पल की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
चार चरणों में पूरी होगी चयन प्रक्रिया
12वीं पास युवाओं के लिए खाकी वर्दी पहनने का यह सपना चार कड़े चरणों से गुजरने के बाद ही पूरा होगा। भर्ती बोर्ड ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन रखने के लिए निम्नलिखित चरण निर्धारित किए हैं।

लिखित परीक्षा: सबसे पहला चरण यही तीन दिवसीय लिखित परीक्षा है, जिसमें पास होने वाले उम्मीदवारों को ही अगले दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET): लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को दौड़ और अन्य शारीरिक मापदंडों (लंबाई, सीना, वजन आदि) को पूरा करना होगा।
दस्तावेज सत्यापन: इस चरण में उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, जाति प्रमाणपत्रों और अन्य जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी।
मेडिकल परीक्षण: सभी चरणों को पार करने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम मेरिट सूची जारी कर उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा
चूंकि इस परीक्षा में लाखों छात्र अपने गृह जनपद से दूसरे जिलों की यात्रा कर रहे हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने परीक्षार्थियों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, परीक्षा के दिनों में अभ्यर्थियों के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है।
अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड की अतिरिक्त प्रतियां दिखाकर रोडवेज बसों में बिना किसी किराए के सफर कर सकते हैं। कंडक्टर द्वारा एडमिट कार्ड की एक प्रति टिकट के रूप में जमा की जाएगी। इस कदम से न केवल छात्रों के आर्थिक बोझ में कमी आई है, बल्कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भी उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सुरक्षा और सहायता बूथ बनाए गए हैं ताकि किसी भी अनजान शहर में अभ्यर्थियों को रास्ता भटकने की परेशानी न उठानी पड़े।
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