
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरूवार को अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर पहुंचे। यहां उन्होंने क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी। अपने इस दौरे के दौरान सीएम ने कुल 994 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें से 813 करोड़ रुपये की लागत वाली चार परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। वहीं 181 करोड़ रुपये की शेष 10 परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ विपक्षी दलों पर भी तीखे तंज कसे।
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विपक्ष पर हमला
सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, जो लोग बीते समय में आस्था और परंपराओं पर सवाल खड़े करते रहे हैं। आज वही खुद को आस्थावान और परंपराओं का पक्षधर साबित करने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने, बिना किसी दल का सीधा नाम लिए यह दावा किया कि, इस तरह के लोग अब आस्था का ठेका लेने का दावा कर रहे हैं, जबकि उनका इतिहास इसके उलट रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर परोक्ष हमले के रूप में देख रहे हैं।
चीनी मिलों को बंद करने का आरोप
योगी ने अपने संबोधन में प्रदेश में पिछली सरकारों के कार्यकाल की भी चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि, वर्ष 2007 से 2017 के बीच के दस वर्षों में सपा, बसपा और कांग्रेस के अलग-अलग कार्यकालों और गठबंधनों के दौरान प्रदेश की 29 चीनी मिलें बंद कर दी गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, इन चीनी मिलों के बंद होने का सीधा असर किसानों, मिल मजदूरों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा। हालांकि इस आंकड़े और आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह मुख्यमंत्री के अपने बयान पर आधारित दावा है।

उन्होंने, आगे कहा कि सपा और कांग्रेस के शासनकाल में युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हुआ और उनका शोषण किया गया, जिसे प्रदेश की जनता आज भी भली-भांति याद रखती है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास में एक बड़ी बाधा के रूप में पेश करते हुए दावा किया कि उस दौर की नीतियों ने प्रदेश की प्रगति को पीछे धकेलने का काम किया।
विकास को प्राथमिकता का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जिसे उन्होंने ‘नया उत्तर प्रदेश’ नाम दिया। उन्होंने दावा किया कि, इस नए दौर में विकास कार्यों को सबसे ऊपर प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम हो रहा है। सीएम के अनुसार प्रदेश में सड़क संपर्क व्यवस्था में पहले की तुलना में काफी सुधार आया है, जिससे न सिर्फ आम जनता को आवागमन में सहूलियत मिली है, बल्कि व्यापार और उद्योग गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि, सरकार का ध्यान सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गोरखपुर जैसे क्षेत्रीय केंद्रों में भी बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विस्तार पर उतना ही जोर दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, यही वजह है कि गोरखपुर में लगातार नई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिल रही है।
लोकार्पण और शिलान्यास की गई परियोजनाओं का ब्योरा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनकी कुल लागत 813 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि इन परियोजनाओं की विस्तृत सूची और उनसे जुड़े क्षेत्रों जैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा या अन्य बुनियादी ढांचा का पूरा ब्योरा फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तार से सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसी तरह जिन 10 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनकी संयुक्त लागत 181 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोरखपुर और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अक्सर लगते हैं आरोप-प्रत्यारोप
गोरखपुर को मुख्यमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। यह इलाका उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि से गहराई से जुड़ा रहा है। यही वजह है कि गोरखपुर में होने वाले हर बड़े कार्यक्रम और घोषणा को राजनीतिक हलकों में खास तवज्जो दी जाती है। विश्लेषकों का मानना है कि, गोरखपुर में विकास परियोजनाओं की इतनी बड़ी सौगात देना सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने प्रदर्शन को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखना चाहती है, खासकर आने वाले समय में होने वाले चुनावी कार्यक्रमों को देखते हुए।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर फिलहाल सपा, बसपा या कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक क्षेत्र में यह देखा जाना बाकी है कि विपक्षी दल मुख्यमंत्री के इन आरोपों और तंज पर किस तरह से जवाब देते हैं। बता दें कि, उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच आस्था, विकास और पुराने कार्यकाल के मुद्दों पर बयानबाजी होना कोई नई बात नहीं है। यह सिलसिला समय-समय पर विभिन्न मंचों से जारी रहता है।
लोकल व्यापार को मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में शामिल स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इन परियोजनाओं के शुभारंभ का स्वागत किया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से आवागमन और स्थानीय व्यापार, दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी उम्मीद जताई कि घोषित परियोजनाएं तय समय-सीमा के भीतर पूरी हों, ताकि उनका लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंच सके।
सीएम के गोरखपुर दौरे को प्रदेश सरकार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखा जाना बाकी होगा कि, शिलान्यास की गई परियोजनाएं किस गति से पूरी होती हैं और इनका वास्तविक लाभ क्षेत्र की जनता तक किस हद तक पहुंच पाता है। फिलहाल सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि विकास कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
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