
लखनऊ। यूपी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बीते दो दिनों से जारी पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से शनिवार 30 मई को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, बारिश, तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकतम हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जबकि तापमान में 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।
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पिछले एक सप्ताह तक उत्तर प्रदेश गर्मी और लू की चपेट में था। अधिकांश जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच घूम रहा था। प्रयागराज, बांदा, हमीरपुर और झांसी जैसे इलाकों में तो 46 डिग्री से ऊपर पारा चढ़ गया था। लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे थे, दिनचर्या प्रभावित हो रही थी और हीटवेव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गई थीं, लेकिन अचानक आए मौसम के बदलाव ने राहत दी है। अब तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, जिससे गर्मी का प्रकोप कम हुआ है।
राजधानी समेत आसपास के जिलों का हाल
लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 28 डिग्री तक रह सकता है। 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। कानपुर, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, आगरा, बुलंदशहर और अन्य कई शहरों में मध्यम से तेज बारिश के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक की हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में स्थिति और गंभीर रह सकती है, जहां हवाओं की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है और इसके साथ चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से न सिर्फ बारिश हो रही है, बल्कि आकाशीय बिजली गिरने की भी काफी आशंका है। 29 और 30 मई को जारी अलर्ट का असर 31 मई को भी कुछ इलाकों में जारी रह सकता है। विभाग ने सभी जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बिजली गिरने की आशंका बढ़ी
तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बिगड़े मौसम में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। खासकर बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, ऊंची इमारतों या बिजली के खंभों के पास न रहें।
खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले दिनों में कई राज्यों में इसी तरह के मौसम में आकाशीय बिजली से जानमाल की हानि हुई है। उत्तर प्रदेश में भी सतर्कता बरतना जरूरी है। स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में समय पर छुट्टी देने या कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। सड़कों पर पानी भरने, पेड़ उखड़ने और बिजली व्यवस्था बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
बाधित हो सकती हैं इंटरनेट सेवाएं
इस मौसम परिवर्तन का कृषि पर भी असर पड़ेगा। गर्मी में फसलों को नुकसान हो रहा था, अब अचानक बारिश से कुछ फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन तेज हवाएं और बाढ़ जैसी स्थिति खड़ी होने पर नुकसान भी संभव है। आम, लीची, धान और अन्य फसलों के लिए किसानों को सावधानी बरतनी होगी।

पशुपालकों को भी जानवरों को सुरक्षित जगह रखने की सलाह दी गई है। शहरों में रहने वाले लोगों के लिए यह बदलाव राहत भरा है, लेकिन बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। कई जगहों पर मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं। ट्रेन और सड़क यातायात पर असर पड़ने की आशंका है, इसलिए यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई तक कुछ इलाकों में बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 1 जून से मौसम साफ होने की संभावना है। धीरे-धीरे तापमान फिर बढ़ सकता है, लेकिन इतनी तेज गर्मी फिलहाल नहीं रहेगी। लंबे समय तक बारिश न होने के कारण सूखे की आशंका बनी हुई थी, इस प्री-मानसून बारिश से उसमें कुछ राहत मिलेगी।
सुरक्षा के उपाय
- बिजली गिरने के समय घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करें।
- पेड़ों या धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
- ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें, तेज हवाएं वाहन को प्रभावित कर सकती हैं।
- बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर रखें।
- आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
अफवाहों पर ध्यान ने दें की अपील
उत्तर प्रदेश सरकार और मौसम विभाग लगातार निगरानी रख रहे हैं। जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यह मौसम परिवर्तन प्रकृति का चक्र है, लेकिन सावधानी से हम बड़े नुकसान से बच सकते हैं।आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए चुनौती भरा है, लेकिन सही तैयारी और सतर्कता से इसे सुरक्षित तरीके से पार किया जा सकता है। बारिश के पानी का सही उपयोग करके हम आने वाले दिनों की जल संकट की समस्या को भी कम कर सकते हैं। मौसम विभाग की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं, इसलिए समय-समय पर जानकारी लेते रहें।
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