
• पिछले पांच वर्षों में भी दोगुना हुआ था रिलायंस का एबिटा
• एबिटा मतलब – ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई
मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अगले पांच वर्षों के लिए ग्रोथ और वैल्यू क्रिएशन का नया रोडमैप सामने रखा है। कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि रिलायंस अपने अगले ग्रोथ चरण की दहलीज पर खड़ी है और आने वाले वर्षों में कंपनी की ग्रोथ को कई नए और मजबूत बिजनेस इंजन आगे बढ़ाएंगे।
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ग्रोथ के अवसर बढ़े
मुकेश अंबानी ने कहा, पिछले पांच वर्षों में हमने अपना एबिटा दोगुना किया है। भविष्य की ओर देखते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि अगले पांच वर्षों में हम अपने कंसॉलिडेटेड एबिटा को दोगुना, बल्कि उससे भी अधिक करने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने कहा कि रिलायंस पूरे अमृत काल में भारत के प्रमुख वेल्थ क्रिएटर्स में शामिल रहेगी। मुकेश अंबानी के अनुसार, कंपनी की नींव तैयार है, प्लेटफॉर्म बन चुके हैं, क्षमताएं जुटा ली गई हैं और ग्रोथ के अवसर पहले से कहीं अधिक बड़े हैं।
एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा कि इस वर्ष वैल्यू क्रिएशन का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर जियो का आने वाला आईपीओ है। उन्होंने शेयरधारकों को आश्वस्त किया कि यह रिलायंस शेयरधारकों के लिए बड़ा वैल्यू अनलॉक करेगा और नए निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश अवसर पैदा करेगा।
150 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य
रिलायंस ने वैल्यू क्रिएशन के पांच प्रमुख रास्ते भी सामने रखे। इनमें ओ2सी बिजनेस को ऑयल-टू-केमिकल्स-एंड-न्यू मैटेरियल्स में बदलना, न्यू एनर्जी का जल्द व तेज कमीशनिंग, रिलायंस इंटेलिजेंस को हर भारतीय के लिए एआई के रूप में विकसित करना, एफएमसीजी बिजनेस को भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में से एक बनाना और 2032 तक 125 से 150 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य शामिल है।
एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस की भविष्य की ग्रोथ केवल पुराने बिजनेस पर निर्भर नहीं रहेगी। कंपनी ओ2सी, न्यू एनर्जी, एआई, एफएमसीजी, डिजिटल सर्विसेज और एक्सपोर्ट्स को जोड़कर एक ऐसे ग्रोथ मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिसमें स्केल, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर रीच एक साथ काम करेंगे।
उन्होंने कहा, जो बिजनेस हमने कल बनाए, उन्होंने जबरदस्त वैल्यू क्रिएट की। जो बिजनेस हम आज बना रहे हैं, वे कल उससे भी अधिक वैल्यू क्रिएट करेंगे। रिलायंस के भविष्य को लेकर मैं पहले कभी इतना आश्वस्त नहीं रहा। और भारत के भविष्य को लेकर मैं पहले कभी इतना आशावादी नहीं रहा। क्योंकि दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हैं।।
रिलायंस की यह रोडमैप स्टोरी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंपनी के अगले पांच वर्षों की दिशा बताती है। जियो आईपीओ जहां तत्काल वैल्यू अनलॉक का अवसर है, वहीं एआई, न्यू एनर्जी, एफएमसीजी, मीडिया और मैटेरियल्स जैसे नए बिजनेस इंजन रिलायंस की अगली ग्रोथ यात्रा को आकार देंगे।
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