
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की सरगर्मिया तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देने में जुटा है। वहीं सियासी दल भी बूथ स्तर पर अपनी रणनीति मजबूत करने में जुट गये हैं। इस बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी विकास के मोर्चे पर जोरदार तैयारी शुरू कर दी है।
इस साल (2026) लगभग हर महीने एक मेगा प्रोजेक्ट के लोकार्पण, निवेश सम्मेलन या ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका मकसद ‘डबल इंजन सरकार’ की ताकत दिखाना और जनता के सामने विकास की तस्वीर पेश करना है, ताकि चुनाव में तीसरा कार्यकाल आसानी से हासिल किया जा सके।
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विपक्ष पर किया तीखा हमला
पिछले कुछ महीनों में यूपी में विकास आयोजनों की रफ्तार तेज हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 दिसंबर 2025 को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया, जहां उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और विपक्ष पर निशाना साधा। जनवरी के पहले सप्ताह में वाराणसी में खेल आयोजन में वर्चुअल जुड़े, जबकि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अमित शाह के साथ योगी ने मंच साझा किया। फरवरी में 21 तारीख को मोदी ने नोएडा में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर यूनिट की ग्राउंड ब्रेकिंग में हिस्सा लिया, और अगले दिन मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल का उद्घाटन किया। इन मौकों पर मोदी ने योगी सरकार की तारीफ की और विपक्ष पर तीखे हमले बोले।
वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि, अब जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं को फिनिशिंग टच दिया जा रहा है। सरकार की रणनीति साफ है, चुनाव से पहले पूरे प्रदेश को विकास योजनाओं से मथ डालना, ताकि वादों की बजाय अमल की तस्वीर दिखाई जा सके। 2022 चुनाव में यह फॉर्मूला कामयाब रहा था और अब इसे और मजबूत बनाने की तैयारी तेज की जा रही है।
प्रभारी मंत्रियों के जरिए जिला स्तर के कार्यों की सूची भी तैयार की जा रही है। आगामी महीनों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स लॉन्च होने वाले हैं। सबसे चर्चित है देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे। यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक जाएगा, जो राज्य की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा।
एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर
सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि, फरवरी 2026 के अंत तक निर्माण पूरा हो जाए। फास्टैग टोल ट्रायल सफल हो चुके हैं और 95 प्रतिशत से ज्यादा काम हो गया है। सूत्रों के अनुसार, मार्च के आखिरी सप्ताह (25-31 मार्च) में इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी के हाथों संभव है और अप्रैल 2026 से पूरी तरह ऑपरेशनल हो सकता है। यह परियोजना औद्योगिक, कृषि और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट देगी, साथ ही हजारों रोजगार पैदा करेगी। एक और बड़ा प्रोजेक्ट है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट)। यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। सीएम योगी ने कई बार विधानसभा में कहा है कि इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी से करवाया जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2026 में उद्घाटन की संभावना है, हालांकि कुछ स्रोत जनवरी-फरवरी का भी जिक्र करते हैं। एयरपोर्ट के आसपास इंटरनेशनल थीम वाली टाउनशिप और अन्य विकास कार्य भी चल रहे हैं, जो एनसीआर और पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे भी अंतिम चरण में है। यह 62.7 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर यात्रा समय को 2-3 घंटे से घटाकर सिर्फ 30 मिनट कर देगा। स्पीड 125 किमी/घंटा तक होगी। निर्माण 95 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और मार्च-अप्रैल 2026 में उद्घाटन की उम्मीद है।
पैदा होंगे हजारों रोजगार
यह परियोजना कानपुर-लखनऊ के बीच ट्रैफिक को तीन गुना तेज करेगी, साथ ही लॉजिस्टिक्स और व्यापार को बढ़ावा देगी। इसके अलावा इन्वेस्ट यूपी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की भी बड़ी योजना है। 7 लाख करोड़ से ज्यादा की निवेश परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए यह सेरेमनी प्रस्तावित है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल हो सकते हैं। हाल ही में सिंगापुर दौरे पर सीएम योगी ने यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ 6,650 करोड़ के एमओयू साइन किए, जिसमें जेवर एयरपोर्ट के पास थीम-बेस्ड ग्रुप हाउसिंग (3,500 करोड़), कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क (650 करोड़) और नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर (2,500 करोड़) शामिल हैं।
ये प्रोजेक्ट्स 2027-2028 से शुरू होंगे और हजारों रोजगार पैदा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का इस महीने वाराणसी दौरा भी प्रस्तावित है, जहां रोपवे सहित अन्य परियोजनाओं को हरी झंडी मिल सकती है। योगी सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार पर है। राज्य का जीएसडीपी13 लाख करोड़ से बढ़कर 36 लाख करोड़ हो गया है, एक्सप्रेसवे नेटवर्क देश का 55% है, और बेरोजगारी दर 19% से घटकर 2.24% रह गई है। बजट 2026-27 में 9.12 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया, जिसमें दो लाख करोड़ से ज्यादा कैपिटल एक्सपेंडिचर है। यह सब 2027 चुनाव की तैयारी का हिस्सा है।
आने वाले महीनों में होंगे और बड़े ऐलान
योगी आदित्यनाथ ‘योगी की पाती’ जैसे अभियान चला रहे हैं, जहां 120 दिनों में 16 ओपन लेटर्स लिखे गए। सरकार विकास, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक मुद्दों पर फोकस कर रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम कहते हैं कि यूपी अब बीमार राज्य नहीं, बल्कि विकास का इंजन है। चुनाव से पहले ये मेगा प्रोजेक्ट्स जनता को सीधा संदेश देंगे…विकास जारी है, और ‘डबल इंजन’ की ताकत से यूपी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है और आने वाले महीने और भी बड़े ऐलान हो सकते हैं।
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