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केन्द्र सरकार की तर्ज पर पेपरलेस होगा मप्र का बजट, वित्त मंत्री टैबलेट से करेंगे प्रस्तुत

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के हित में कई अहम निर्णय लिये गये। बैठक में तय किया गया है कि इस बार प्रदेश का बजट भी पेपरलेस यानी डिजिटल होगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में टैबलेट के माध्यम से बजट प्रस्तुत करेंगे। मप्र देश का पहला राज्य होगा, जिसका बजट ऑनलाइन पेश किया जाएगा।

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गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा

प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिये गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश में सभी सहकारी दुग्ध संघों से जुड़े दुग्ध उत्पादक किसानों को लॉकडाउन अवधि का बकाया 14 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ही अल्पकालीन कृषि ऋण मिलेगा। बैठक में शून्य प्रतिशत ब्याज दर वाली योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है। एक साल में 24 लाख किसानों को 14000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण दिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में सडक़ों का निर्माण करने वाले ठेकेदारों की परफॉर्मेंस गारंटी 5 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने का फैसला लिया है। इससे निर्माण एजेंसियों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी। यह प्रविधान 31 दिसंबर 2021 तक के लिए प्रभावी होगा। लोक निर्माण विभाग के अलावा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास सहित अन्य निर्माण कार्य करने वाले विभागों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग की दो संस्थाओं इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम और एमपीआईटी का विलय कर एक संस्था एमपीसीडीसी का गठन करने का निर्णय लिया है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग का प्रस्तुतिकरण भी हुआ। इसमें तय किया गया कि प्रत्येक जिले में एक और प्रत्येक विकासखंड में एक उत्कृष्ट स्कूल (सीएम राइज) खोला जाएगा। यह स्कूल सर्व सुविधायुक्त होंगे। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई पुराना स्कूल बंद नहीं होगा। नए स्कूल खोलकर वहां आसपास के 25 किलोमीटर की परिधि के क्षेत्र में आने वाले बच्चों को बसों के माध्यम से इन स्कूलों में लाया जाएगा।