
लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ में सीएम आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया। दरअसल, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कोने-कोने से अपनी समस्याएं लेकर आए सैकड़ों फरियादियों के बीच जब एक बेबस मां और उसकी होनहार बेटी मुख्यमंत्री के सामने पहुंचीं, तो उनकी किस्मत बदलते देर नहीं लगी।
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आर्थिक तंगी की वजह से नहीं रुकेगी पढ़ाई
खबर है कि, आर्थिक तंगी की वजह से बेटी का आगे पढ़ने का सपना दम तोड़ रहा था, जिसे उसकी मार्कशीट देखते ही सीएम योगी ने उड़ान दे दी। सीएम ने उसके मार्क्स देखकर न सिर्फ उसकी हौसलाअफजाई की, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को लखनऊ के किसी प्रतिष्ठित संस्थान में उसका बीटेक (इंजीनियरिंग) में दाखिला कराने का आदेश दे दिया। मुख्यमंत्री के इस त्वरित और बेहद संवेदनशील फैसले के बाद मां-बेटी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने सीएम का आभार जताया।

जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ एक-एक कर सभी फरियादियों की कुर्सी के पास जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे थे और उनके प्रार्थना पत्र ले रहे थे। इसी बीच लखनऊ की रहने वाली एक मेधावी छात्रा अपनी बुजुर्ग और लाचार मां का हाथ थामे मुख्यमंत्री के पास पहुंची।
नम आंखों से अपनी लाचारी बयां करते हुए बेटी ने मुख्यमंत्री को बताया कि, उसने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ पास की है और अब उसका सपना बीटेक करने का है। उसने कहा कि, वह इंजीनियर बनना चाहती है, लेकिन परिवार की माली हालत इतनी खराब है कि, वे आगे की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे उसकी पढ़ाई रुक गई है।
बड़े संस्थान में एडमिशन कराने का देश
बच्ची की फरियाद सुनकर सीएम योगी ने बिना एक पल गंवाए उसकी मार्कशीट अपने हाथ में ली और उसके शानदार नंबरों को देखकर बेहद प्रभावित हुए। सीएम ने उसके सिर पर हाथ रखकर स्नेहपूर्वक कहा, तुम सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, पैसों की चिंता बिल्कुल मत करो, तुम्हारा प्रवेश लखनऊ के किसी अच्छे और बड़े संस्थान में कराया जाएगा।

उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि, प्रदेश में किसी भी निर्धन, गरीब या जरूरतमंद बच्चे की शिक्षा धन के अभाव में बाधित नहीं होनी चाहिए और सरकार ऐसे बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी। इस भावुक पल के अलावा जनता दर्शन में कानून-व्यवस्था और जमीनी विवादों से जुड़े कई अन्य गंभीर मामले भी मुख्यमंत्री के सामने आए, जिन पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए तमाम फरियादियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और उचित कार्रवाई न होने की शिकायत की। कई पीड़ितों ने मुख्यमंत्री को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि, स्थानीय स्तर पर पुलिस दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है और बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उनकी शिकायतों को अनसुना कर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
समस्याएं सुन सख्त हुए सीएम
पीड़ितों की तकलीफ सुनकर सीएम का रुख सख्त हो गया और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सभी प्रार्थना पत्र सौंपते हुए दो टूक लहजे में कहा कि, पुलिस की अनसुनी और जमीन पर अवैध कब्जे के इन सभी मामलों की सीधे शासन स्तर से कड़ी मॉनीटरिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में आदेश दिया कि, हर हाल में पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और भूमाफियाओं व दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए कि कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने सभी पीड़ितों को आश्वस्त किया कि उनके मामलों का समाधान बहुत जल्द, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से किया जाएगा।

सोमवार को हुए इस जनता दर्शन कार्यक्रम में कई ऐसे भी फरियादी पहुंचे थे, जो अपनी स्थानीय और छोटे स्तर की समस्याओं के लिए सीधे मुख्यमंत्री के दरबार का रुख कर चुके थे। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने लखनऊ आने से पहले अपने गृह जनपद के किसी सक्षम अधिकारी, तहसील या जिलाधिकारी के समक्ष अपनी बात रखी, तो कुछ फरियादियों का जवाब था कि वे किसी से मिले बिना सीधे यहीं चले आ रहे हैं।
सीएम ने की भावुक अपील
इस बात पर मुख्यमंत्री कहा कि इन दिनों पूरे उत्तर प्रदेश में गर्मी बेतहाशा पड़ रही है और लू का प्रकोप जारी है, ऐसे में आप सभी को सबसे पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि, वे इतनी कड़कती धूप में सीधे लखनऊ की दौड़ लगाने के बजाय अपनी शिकायतें सबसे पहले जनपद और मंडल स्तर के अधिकारियों के पास दर्ज कराएं। अगर वहां सुनवाई नहीं होती है, तब लखनऊ का रुख करें।
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